सातवें वेतन आयोग से जुड़ी दस प्रमुख बातें
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Jun 2016 5:20 PM
कारोबार डेस्क केंद्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग को मंजूरी दी है. देश के केंद्रीय कर्मचारियों में इस बात से खुशी की लहर दौड़ गयी है. देश की अर्थव्यवस्था पर इसके सकारात्मक असर पड़ सकता है. केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन 23.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. लंबे समय से सातवें वेतन आयोग के सिफारिशों को […]
कारोबार डेस्क
केंद्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग को मंजूरी दी है. देश के केंद्रीय कर्मचारियों में इस बात से खुशी की लहर दौड़ गयी है. देश की अर्थव्यवस्था पर इसके सकारात्मक असर पड़ सकता है. केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन 23.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. लंबे समय से सातवें वेतन आयोग के सिफारिशों को लागू करने का मांग की जा रही थी. आज सरकार ने अंतत: इसे लागू करने का फैसला ले लिया. सातवें वेतन आयोग से जुड़ी दस प्रमुख बातें
1. सातवें वेतन आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके माथुर है. 900 पन्नों की सातवें पे कमीशन की रिपोर्ट सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके माथुर ने नवंबर 2015 में वित्तमंत्री अरुण जेटली को सैंपी थी.
2. सातवें वेतन आयोग लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की 23.55 प्रतिशत औसत सैलेरी बढ़ने का अनुमान है. हालांकि यह सिफारिश 70 साल के इतिहास में सबसे कम बतायी जा रही थी. इससे पहले छठे वेतन आयोग ने 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की सिफारिश की थी, पर 2008 में सरकार ने इसे लागू करते समय दोगुणी वृद्धि कर दी.
3. मोदी सरकार के इस फैसले से 48 लाख वर्तमान केंद्रीय कर्मचारियों और 55 लाख सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को और उनके आश्रितों को सीधा लाभ होगा.पांचवें पे कमीशन को लागू करने में सरकार को 19 महीने, छठे महीने को लागू करने में 32 महीने लगे थे.
4. सातवें वेतन आयोग से केंद्र सरकार पर 1.03 लाख करोड़ बोझ बढ़ने का अनुमान है. यह कुल जीडीपी का 0.7 प्रतिशत होगा.पांचवे वेतन आयोग से सरकार को 17,000 करोड़ रुपये का सलाना आर्थिक बोझ पड़ा था.छठें में 40,000 करोड़ रुपये व सातवें वेतन आयोग से 1 लाख 2 हजार 100 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा. वेतन आयोग ने आइआइएम के एक स्वतंत्र अध्ययन को भी शामिल किया था. जिसके तहत निजी व सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन का तुलनात्मक अध्ययन किया था.
5. नयूनतम बेसिक पे 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपया कर दिया गया है. अभी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक जून महीने में सैलेरी बढ़कर आयेगी. एक जनवरी 2016 से लेकर अब तक की सैलेरी एरियर के रूप में आयेगी.
6. सातवें आयोग से अर्थव्यवस्था के जिन क्षेत्रों में वृद्धि हो सकती है उनमें वाहन, रियल इस्टेट व बैंकिग सेवा शामिल है.
7. म्यूचूयल फंड व बीमा कंपनियों में निवेश बढ़ सकता है, क्योंकि सातवें वेतन आयोग से लोगों की आय बढ़ेगी. अब बैंकिग सेवा कंपनियों की निगाह छोटे शहरों पर है.
8.सातवें वेतन आयोग के सिफारिश लागू होने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जायेगी. हालांकि अर्थव्यवस्था में इस फैसले का सकरात्मक असर भी पड़ेगा. मांग बढ़ने से निवेश चक्र दुरूस्त होगा और बाजार में ज्यादा पैसा आ पायेगा.
9. वेतन आयोग के अध्यक्ष ए के माथुर ने बताया कि सातवें वेतन आयोग से आय, सुविधाओं और साथ ही रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में इजाफा होगा.
10. आयोग ने एक ओपन मीट्रिक सिस्टम भी दिया गया है जिसके जरिये लोगों को पता चलेगा कि वो किस स्तर पर है.
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