अरुण जेटली ने रेट कट का किया स्वागत, जानें आम लोगों को क्या होगा फायदा

नयी दिल्ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज एक बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 50 बेसिस अंक की कटौती कर दी है. इसके साथ ही रेपो रेट आज से ही 6.75 फीसदी हो गया है. रेपो रेट वह ब्याज दर होता है जिस दर पर रिजर्व बैंक कारोबार के लिए अन्य बैंकों […]
नयी दिल्ली : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज एक बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 50 बेसिस अंक की कटौती कर दी है. इसके साथ ही रेपो रेट आज से ही 6.75 फीसदी हो गया है. रेपो रेट वह ब्याज दर होता है जिस दर पर रिजर्व बैंक कारोबार के लिए अन्य बैंकों की ऋण उपलब्ध कराती है. रिजर्व बैंक के अस फैसले का स्वागत करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार रिजर्व बैंक के इस फैसले का स्वागत करती है. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक की नीतिगत ब्याज दर में कमी किये जाने का वास्तव में अर्थ है कि मुद्रास्फीति काफी नरम हो चुकी है और अब यह ठीक-ठाक स्तर पर है.
उन्होंने कहा कि आरबीआइ की ब्याज दर में कटौती से आर्थिक गतिविधियों के सुधार में मदद मिलेगी, हम चाहते हैं दर में कटौती का फायदा लोगों तक पहुंचे. जेटली ने कहा कि सरकार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, रिजर्व बैंक के इस निर्णय से वसूली की प्रक्रिया में मदद मिलेगी. इस कटौती के साथ आगे बढ़ेंगे.
आम लोगों को क्या होगा फायदा
रिजर्व बैंक की ओर से इस साल चौथी बार रेपो रेट में कटौती का फायदा आम लोगों को तभी मिलेगा जब विभिन्न बैंक अपने बेसिक ब्याज दरों में कटौती करेंगे. पिछले तीन बार के रेट कट के बाद भी बैंक ने कर्जदारों को उतना राहत नहीं दिया है जितना रिजर्व बैंक की ओर से उन्हें मिला. इस बात पर सरकार और खुद रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने भी बयान दिये हैं. रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कई दफा कहा कि बैंक रेट कट का फायदा आम लोगों को दें. इस वित्त वर्ष में पहली कटौती 15 जनवरी को की गयी थी. इस समय रिजर्व बैंक ने 0.25 फीसदी की कटौती की थी. उस कटौती के बाद रेपो रेट 7.75 फीसदी पर आ गया था.
उसके बाद दूसरी बार 4 मार्च 2015 को भी 25 बेसिस अंक की कटौती की गयी. इसके कारण रेपो रेट 7.50 फीसदी पर आ गया था. तीसरी बाद 2 जून 2015 को 25 बेसिस अंकों की कटौती के बाद रेपो रेट 7.25 फीसदी पर आ गया था. वहीं आज एक चौकाने वाले फैसले के तहत रघुराम राजन ने 50 बेसिस अंकों की कटौती कर रेपो रेट को 6.75 फीसदी पर पहुंचा दिया. हर बार की कटौती के बाद राजन ने बैंकों को इसका लाभ ग्रहकों तक पहुंचाने की बात कही, लेकिन बैंकों के ब्याज दर अभी भी 9 से 11 फीसदी के बीच हैं. इस बार राजन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि इस रेट कट को दीवाली का बोनस ना समझा जाए. सभी कटौती का लाभ कर्जदारों को दिया जाना चाहिए.
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