ईपीएफओ 12 अन्य बैंकों में मियादी जमाओं का कोष रखेगा, सीबीटी का फैसला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Dec 2014 9:11 AM
नयी दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के न्यासियों ने आवास वित्त कंपनियों तथा निजी क्षेत्र के बांड में निवेश बढाने जैसे विभिन्न निवेश विकल्पों पर विचार के लिये आज एक समिति गठित करने का फैसला किया. केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने अन्य फैसले भी किये जिसके तहत ईपीएफओ 12 और बैंकों में मियादी […]
नयी दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के न्यासियों ने आवास वित्त कंपनियों तथा निजी क्षेत्र के बांड में निवेश बढाने जैसे विभिन्न निवेश विकल्पों पर विचार के लिये आज एक समिति गठित करने का फैसला किया. केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने अन्य फैसले भी किये जिसके तहत ईपीएफओ 12 और बैंकों में मियादी जमाओं के रुप में कोष रखेगा, चालू वित्त वर्ष के बाद 1,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन दी जायेगी तथा एसबीआई को तीन साल के लिये कोष प्रबंधक नामित किया गया.
न्यासियों ने एक अलग समिति गठित करने का भी फैसला किया जिसमें नियोक्ताओं तथा कर्मचारियों के दो-दो प्रतिनिधि शामिल होंगे. समिति अंशधारकों को सस्ते मकान के लिये कर्ज की सुविधा देने पर गौर करेगी. हालांकि, केंद्रीय न्यासी बोर्ड की आज की बैठक में ईपीएफओ कोष का कुछ हिस्सा शेयरों में निवेश करने का मामला विचार के लिये नहीं आया. सूत्रों ने कहा कि ईपीएफओ की कार्यकारी समिति ने कल हुई बैठक में शेयरों में निवेश का विरोध किया.
ईपीएफओ का निर्णय लेने वाला शीर्ष निकाय सीबीटी है जिसके अध्यक्ष श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय हैं. ईपीएफओ के निवेश पर अधिक प्रतिफल प्राप्त करने के लिये निवेश नियमों में ढील दिये जाने के सीबीटी के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘एक विशेषज्ञ समिति इस मुद्दे पर गौर करेगी.’ सीबीटी ने आवास वित्त कंपनियों तथा निजी क्षेत्र के बांड में कोष का मौजूदा 10 प्रतिशत तथा 15 प्रतिशत निवेश बढाये जाने प्रस्ताव पर विचार के लिये एक समिति गठित करने का भी निर्णय किया है.
न्यासियों का यह विचार था कि विभिन्न निवेश विकल्पों पर गहराई से विश्लेषण की जरुरत है. इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय ने सुझाव दिया था कि ईपीएफओ को आपने कोष का 15 प्रतिशत सस्ते मकान के कर्ज के लिये रखना चाहिए. इससे 70,000 करोड रुपये का ऋण प्रवाह होगा. सीबीटी ने बैंकों में मियादी जमा के रुप में कोष रखे जाने से जुडे नियमों में भी बदलाव किया हैं फिलहाल ईपीएफओ आठ बैंकों में मियादी जमा रखता है जो 2 प्रतिशत गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के नियम को पूरा करते हैं.
बोर्ड ने एनपीए सीमा को बढाकर 3 प्रतिशत कर दिया है. इससे ईपीएफओ 12 और बैंकों देना बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन बैंक, ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, कारपोरेशन बैंक तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में मियादी जमा रख सकेगा.
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