ePaper

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 2030 तक दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल होगा भारत

Updated at : 06 Feb 2020 7:13 PM (IST)
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 2030 तक दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल होगा भारत

लखनऊ : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2030 तक भारत के दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल होने का विश्‍वास व्‍यक्‍त करते हुए गुरुवार को कहा कि देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने में उत्तर प्रदेश का अहम योगदान होगा. सिंह ने ‘डिफेंस एक्‍सपो-2020′ में ‘उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल […]

विज्ञापन

लखनऊ : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2030 तक भारत के दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल होने का विश्‍वास व्‍यक्‍त करते हुए गुरुवार को कहा कि देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने में उत्तर प्रदेश का अहम योगदान होगा. सिंह ने ‘डिफेंस एक्‍सपो-2020′ में ‘उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर’ विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा ‘वर्ष 2030 आते-आते भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल होगा. इसमें उत्तर प्रदेश का प्रमुख योगदान होगा.’

उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2024 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने का लक्ष्‍य तय किया है. कुछ अर्थशास्‍त्री इस पर चिंता जताते हुए कहते हैं कि दुनिया में मंदी है. ऐसे में, भारत इस लक्ष्‍य को कैसे हासिल करेगा, मगर इसके बावजूद सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्‍यवस्‍था भारत की ही है. कुछ तिमाहियों के लिए कुछ कमी हो जाती है, तो मैं समझता हूं कि वह कोई बहुत बड़ी चिंता का विषय नहीं है.

रक्षा मंत्री ने कहा कि अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष ने भी विश्‍वास व्‍यक्‍त किया है कि मंदी से पूरी दुनिया जूझ रही है, मगर भारत इससे जल्‍द ही उबर जायेगा. इसका मतलब यह है कि भारत पांच हजार अरब डॉलर के लक्ष्‍य को हासिल कर लेगा. इसमें कोई दो राय नहीं हैं. उन्‍होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्‍य है. यहां के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के उत्‍साह और दूरदर्शिता को देखकर लगता है कि 5,000 अरब डॉलर के लक्ष्‍य को पूरा करने में उत्तर प्रदेश का बहुत बड़ा योगदान होगा.

सिंह ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का न्‍योता देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में वायु, रेल और सड़क कनेक्टिविटी को लेकर कोई संकट नहीं रह गया है. प्रदेश में एकल खिड़की प्रणाली लागू कर दी गयी है. अब कोई दिक्‍कत नहीं है. उन्‍होंने कहा कि किसी बड़े लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए बहुत बड़ी योजना की जरूरत नहीं होती. बस नेतृत्‍व में उत्‍साह होने की जरूरत है. निवेशकों को अगर निवेश में कहीं कोई समस्‍या होती है, तो यहां के नेतृत्‍व से आप सीधे मिलकर अपनी बात रख सकते हैं.

सिंह ने कहा कि निवेशकों के लिए रक्षा मंत्रालय के दरवाजे भी खोले गये हैं. कोई उद्योगपति आना चाहें, तो आयें. हमें हर हाल में 5,000 अरब डॉलर का लक्ष्‍य को पूरा करना है. हम आप लोगों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस मौके पर कहा कि उत्तर प्रदेश एक संभावनाओं वाला प्रदेश है. राष्‍ट्रीय राजधानी के साथ प्रदेश एक्सप्रेस-वे और राजमार्ग के जरिये सीधा जुड़ा हुआ है.

उन्होंने कहा कि देश में बन रहे पूर्व-पश्चिम माल गलियारा भी उत्तर प्रदेश से होकर जा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि रक्षा और वैमानिकी क्षेत्र को लेकर हमारी नीति पहले ही लागू हो चुकी है. हमारे पास बहुत बड़ा भूमि बैंक भी मौजूद है. फरवरी, 2018 में लखनऊ में हुआ निवेशक सम्मेलन अपने आप में एक सपना था. दो साल के दौरान उत्तर प्रदेश में ढाई लाख करोड़ से अधिक का निवेश हुआ है. किसी व्‍यक्ति या संस्‍थान को अगर खुद को साबित करना है, तो उसके लिये उत्तर प्रदेश ही सबसे अच्‍छा गंतव्‍य है. कार्यक्रम को उद्योग मंत्री सतीश महाना ने भी सम्‍बोधित किया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola