पटना में हर दिन 1200 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से हो रहा निपटान, सूखे कचरे को भेजा जाता है एमआरएफ सेंटर
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 05 Jun 2026 10:07 AM
कचरा वाहन का फोटो.
Patna News : रामचक बैरिया और दिनकर गोलंबर के पास विकसित कंपोस्टिंग केंद्रों में प्रतिदिन करीब 320 टन गीले कचरे का प्रसंस्करण किया जाता है.
Patna News : (हिमांशु देव की रिपोर्ट)
पटना नगर निगम शहर को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लगातार मजबूत कर रहा है. निगम की ओर से प्रतिदिन औसतन करीब 1200 टन कचरे का संग्रह और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जा रहा है. इसमें लगभग 400 से 500 टन सूखा कचरा और 500 से 600 टन गीला कचरा शामिल है.
नगर निगम के अनुसार गीले कचरे के प्रसंस्करण के लिए पिट कंपोस्टिंग और विंडरो कंपोस्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है. रामचक बैरिया और दिनकर गोलंबर के पास विकसित कंपोस्टिंग केंद्रों में प्रतिदिन करीब 320 टन गीले कचरे का प्रसंस्करण किया जाता है. इस प्रक्रिया से जैविक कचरे को उपयोगी खाद में बदला जाता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है. इसके अलावा रामचक बैरिया स्थित विंडरो कंपोस्टिंग केंद्र में प्रतिदिन लगभग 155 टन गीले कचरे का निपटान किया जा रहा है.
आधुनिक मशीनों से कचरे को किया जाता है अलग
सूखे कचरे के निपटान के लिए रामचक बैरिया में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) संचालित है. यहां आधुनिक मशीनों की मदद से प्लास्टिक, कागज, गत्ता, धातु और कांच जैसे कचरे को अलग-अलग किया जाता है. इसके बाद पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को दोबारा उपयोग के लिए भेजा जाता है, जिससे लैंडफिल पर बोझ कम होता है और संसाधनों की बचत होती है.
निर्माण कार्य के मलवे के लिए भी है स्पेशल प्लांट
निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के निपटान के लिए भी रामचक बैरिया में 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाला सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट संचालित किया जा रहा है. इस संयंत्र में भवन निर्माण और मरम्मत से निकलने वाले मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है. अगर आपके आसपास कहीं कचरा दिखाई देता है तो टोल-फ्री नंबर 155304 या व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 पर सूचना दे सकते हैं.
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