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आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23: ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस, 6 से 6.8 फीसदी विकास दर का अनुमान

Updated at : 31 Jan 2023 2:01 PM (IST)
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आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23: ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस, 6 से 6.8 फीसदी विकास दर का अनुमान

Economic Survey 2022-23: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण में 6 से 6.8 फीसदी के विकास दर का अनुमान किया गया है. आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि इंडियन इकोनॉमी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी रहेगी

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Economic Survey 2022-23: सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 (Economic Survey 2022-23) पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण में 6 से 6.8 फीसदी के विकास दर का अनुमान किया गया है. अब कल यानी बुधवार को वित्त मंत्री देश का आम बजट पेश करेंगी.

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में निर्यात वृद्धि में सुस्ती आई है. लेकिन यह भी कहा गया है कि सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी इंडियन इकोनॉमी. सर्वेक्षण में कहा गया है कि महामारी के बाद देश का पुनरुद्धार काफी तेजी से हुआ है. सर्वेक्षण में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था ने कोरोना महामारी काल में जो खोया है वह लगभग पा लिया है. जो रुका था, बहाल हो गया. अर्थव्यवस्था की जो गति मंद पड़ गई थी वो फिर से गतिशील हो गई है.

वित्त मंत्री के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश की 65 फीसदी (2021 डेटा) आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और 47 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है. इस कारण सरकार ने ग्रामीण विकास पर काफी फोकस किया है. वहीं, सभी लोगों के विकास के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर ज्यादा जोर दिया है. सर्वेक्षण में सरकार ने कहा कि इन सुधारों का मकसद ग्रामीण जीवन में सामाजिक-आर्थिक समावेश, एकीकरण और सशक्तिकरण के माध्यम से जीवन और आजीविका को बदलना है.

सर्वेक्षण में सरकार ने कहा कि जो डाटा हासिल हुए है उससे साफ है कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से साल 2015-16 की तुलना में काफी अहम सुधार दिखाई दे रहा है. बिजली की पहुंच, पीने के पानी के स्रोतों में सुधार, स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत कवरेज समेत बैंक खातों का होना और मोबाइल फोन के उपयोग में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी से प्रगति के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी गति मिली है. वहीं, ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से भी पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है.

भाषा इनपुट के साथ

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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