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नई शिक्षा नीति-2020 पर राष्ट्रीय सम्मेलन, प्रो सीबी शर्मा बोले-'इंडिया' को भारत बनाएगी ये शिक्षा नीति

Updated at : 16 Oct 2022 9:46 PM (IST)
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नई शिक्षा नीति-2020 पर राष्ट्रीय सम्मेलन, प्रो सीबी शर्मा बोले-'इंडिया' को भारत बनाएगी ये शिक्षा नीति

मुख्य वक्ता प्रो शर्मा ने कहा कि 1700 वर्ष पहले भारत विश्व में सबसे अमीर देश था. हम 64 कलाओं के मालिक थे. दुनिया हमारा लोहा मानती थी. एक बार फिर भारत को अपनी सनातन गुरु-परंपरा से युक्त शिक्षा प्रणाली देकर विश्वगुरु और सोने की चिड़िया बनाने की सोच के साथ नई शिक्षा नीति बनाई गई है.

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Jharkhand News: ‘भारत बदल रहा है. शिक्षा के माध्यम से समाज के केंद्र में शिक्षकों को रखकर ‘इंडिया’ को भारत बनाने की सोच के साथ ही नई शिक्षा नीति-2020 बनाई गई है. यह देश में क्रांतिकारी बदलाव का वाहक बनेगी और एक हजार साल की गुलामी दूर करेगी. इसके लिए विद्यालय में शैक्षणिक-व्यवस्था का परिवर्तन अनिवार्य है. जब तक यह बदलाव नहीं होगा, देश नहीं बदलेगा और यह नई नीति विद्यालय की परिभाषा बदलेगी’ ये बातें नई शिक्षा नीति 2020 तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) भारत सरकार के पूर्व अध्यक्ष प्रो सीबी शर्मा ने कही. प्रो शर्मा रविवार को डीपीएस बोकारो की मेजबानी में नई शिक्षा नीति 2020 को लेकर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.

साजिश के तहत बनी थी मैकाले की शिक्षा पद्धति

मुख्य वक्ता प्रो शर्मा ने कहा कि 1700 वर्ष पहले भारत विश्व में सबसे अमीर देश था. हम 64 कलाओं के मालिक थे. दुनिया हमारा लोहा मानती थी. एक बार फिर भारत को अपनी सनातन गुरु-परंपरा से युक्त शिक्षा प्रणाली देकर विश्वगुरु और सोने की चिड़िया बनाने की सोच के साथ नई शिक्षा नीति बनाई गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से पहली बार देश में अब 1947 से पहले वाली सोच पर काम किया जा रहा है. मैकाले की शिक्षा पद्धति देश से अंग्रेजी शासन खत्म होने के बाद भी भारतीयों को अंग्रेजी मानसिकता में बांधे रखने की एक साजिश थी, जो अब दूर होगी. विद्यालय 64 कलाओं के केंद्र होंगे, जहां बच्चे अपनी आंतरिक इच्छा के अनुकूल शिक्षा पाकर उसी क्षेत्र में अपना करियर व पेशा चुन सकेंगे.

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राष्ट्रीय सम्मेलन में ये रहे मौजूद

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से संबद्ध सेंटर फॉर एजुकेशनल डेवलपमेंट (सीईडी) फाउंडेशन की ओर से डॉ राधाकृष्णन सहोदया स्कूल कांप्लेक्स बोकारो के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रारंभ में मुख्य वक्ता प्रो शर्मा सहित सीईडी फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ प्रियदर्शी नायक, डॉ राधाकृष्णन सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष व डीपीएस बोकारो के प्राचार्य एएस गंगवार, सहोदया के जिला प्रशिक्षण समन्वयक सह एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य फादर रेजी सी वर्गीस तथा कॉम्प्लेक्स के महासचिव व एआरएस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य बिश्वजीत पात्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. विद्यालय की छात्राओं ने मनभावन स्वागत गान व नृत्य प्रस्तुत किया. अपने स्वागत संबोधन में श्री गंगवार ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की महत्ता व उपादेयता पर प्रकाश डाला. परिचयात्मक सत्र में सीईडी फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ नायक ने एनईपी 2020 लागू करने व प्रभावशाली अध्यापन की दिशा में सीबीएसई द्वारा तय किए गए मानकों और विद्यालय स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की.

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200 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल

इस अवसर पर एनआईओएस (भारत सरकार) के एकेडमिक डिवीजन की अंशुल खरबंदा ने एनईपी को धरातल पर उतारने तथा इसे स्कूलों में लागू करने से संबंधित मुख्य क्षेत्रों की जानकारी दी. कार्यक्रम में सहोदया से जुड़े बोकारो के 21 विभिन्न विद्यालयों के 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए. समापन राष्ट्रगान से हुआ. इस अवसर पर डीपीएस बोकारो के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कला-प्रदर्शनी और यहां के महिला स्वावलंबन केंद्र ‘कोशिश’ के हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी को अतिथियों ने सराहा.

रिपोर्ट : सुनील तिवारी, बोकारो

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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