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1932 के खतियान व राजा अर्जुन सिंह को लेकर क्या बोले करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगा

Updated at : 16 Oct 2022 5:24 PM (IST)
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1932 के खतियान व राजा अर्जुन सिंह को लेकर क्या बोले करनी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगा

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राजपूतों को पूरे देश में अपनी चट्टानी एकता का परिचय देना है. देश के राजपूतों को एकजुट करना करणी सेना का काम है. झारखंड सरकार से मांग की है कि कोल्हान के राजा अर्जुन सिंह की जमीन वापस की जाए.

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चाईबासा : करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगा ने झारखंड सरकार से मांग की है कि कोल्हान के राजा अर्जुन सिंह की जमीन वापस की जाए, नहीं तो पूरे देश के राजपूत एकजुट होकर झारखंड पहुंचकर आंदोलन करेंगे. श्री सिंह सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित चालियामा में सिंहभूमि क्षत्रिय महासभा को संबोधित कर रहे थे. वह रविवार को छत्तीसगढ़ से विमान के जरिए रांची हवाई अड्डा पहुंचे. इसके बाद वह सरायकेला पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस क्रम में 1932 के खतियान का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला गलत है. झारखंड में रहने वाले सभी लोग यहां के स्थानीय हैं.

झारखंड विधानसभा में लगायी जाए राजा अर्जुन सिंह की प्रतिमा

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राजपूतों को पूरे देश में अपनी चट्टानी एकता का परिचय देना है. देश के राजपूतों को एकजुट करना करणी सेना का काम है. श्री सिंह ने संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के बारे में कहा कि डॉक्टर अंबेडकर को राजपूत परिवार ने ही पढ़ाया-लिखाया और पालन-पोषण किया. डॉक्टर अंबेडकर ने कभी भी राजपूतों के खिलाफ एक भी बात नहीं कही. कोल्हान के राजा अर्जुन सिंह की प्रतिमा झारखंड विधानसभा में लगाने की मांग की. उन्होंने कहा झारखंड को संभालने में राजा अर्जुन सिंह का काफी योगदान रहा है. सरकार ने उनकी जो जमीन ली है. उसे उनके परिवार के हित में वापस कर देना चाहिए.

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झारखंड में रहने वाला यहां का स्थानीय नागरिक

झारखंड सरकार द्वारा लागू किए गए 1932 के खतियान का विरोध करते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला गलत है. झारखंड में रहने वाले सभी लोग यहां के स्थानीय हैं. एक समय पूरे भारतवर्ष में राजपूत राजा हुआ करते थे. देश की सारी जमीन राजपूतों की थी. देशहित व गरीबों के हित में राजपूत राजाओं ने जमीन दान की. राजपूतों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है. श्री सिंह ने कहा कि देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले राजपूतों की स्थिति अब यह है कि सरकार उन्हें आरक्षण और विभिन्न कानूनों के जरिए परेशान कर रही है. लंबी लड़ाई के बाद सरकार ने गरीब राजपूतों के हित के लिए भी आरक्षण का प्रावधान किया है. इसका फायदा युवा वर्ग को उठाना चाहिए.

सुरक्षा की थी पुख्ता व्यवस्था

क्षत्रिय महासभा में पुलिस द्वारा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी. दर्जनों की संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही थी. कार्यक्रम को करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह कटार, विक्रमा सिंह जूदेव, जया सिंह देव, जमशेदपुर के सामाजिक कार्यकर्ता अभय सिंह, लाल प्रतुल नाथ शाहदेव, खरसावां राजा परिवार के गोपाल नारायण सिंह, अजय सिंह शाहदेव, तमाड़ राजा परिवार के महेंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह देव आदि ने भी संबोधित किया.

रिपोर्ट : अजय सिंह, चाईबासा

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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