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Bihar Elections 2025: “भूमिहार” वोटरों के सहारे सरकार बनाने में जुटे तेजस्वी, पिछली बार दिया था महज एक सीट

Updated at : 11 Oct 2025 5:07 PM (IST)
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Tejashwi Yadav

Tejashwi Yadav

Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए तेजस्वी अपनी पार्टी के पारंपरिक वोटरों को भी नजरअंदाज करके भूमिहार नेताओं को पार्टी में शामिल करा रहे हैं. इसकी शुरुआत उन्होंने परबत्ता के विधायक डॉ संजीव सिन्हा को को पार्टी में शामिल कराने से शुरु की थी.

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Bihar Elections 2025: 2020 के विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों से सरकार बनाने से चूकने वाले तेजस्वी यादव इस बार किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में भले ही राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन उसे हर तबके का साथ नहीं मिला था. खासकर बिहार की राजनीति में प्रभाव रखने वाली भूमिहार जाति का. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण ये था कि राजद ने पिछली बार विधानसभा चुनाव में महज 1 सीट पर भूमिहार उम्मीदवार को उतारा था और वो भी चुनाव जीतने में सफल रहा था लेकिन उसका प्रभाव दूसरी सीटों पर नहीं पड़ा. 

भूमिहार नेताओं को लगातार राजद में शामिल करा रहे तेजस्वी

बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए तेजस्वी अपनी पार्टी के पारंपरिक वोटरों को भी नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने चुनाव के एलान के साथ ही अपनी पार्टी में सवर्ण खासकर भूमिहार नेताओं को पार्टी में शामिल करा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, राजद इस बार करीब 10 सीटों पर भूमिहार उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में है. 

डॉ संजीव से शुरु हुआ सिलसिला सूरजभान तक पहुंचा

राजद ने भूमिहार नेताओं और वोटरों को खुद से जोड़ने की शुरुआत परबत्ता से जदयू के टिकट पर पिछला चुनाव जीतने वाले डॉ संजीव कुमार से शुरु हुई जो अब पूर्व बाहुबली सांसद सूरजभान सिंह के परिवार को राजद में शामिल कराने तक पहुंचा है.  हालांकि सूरजभान सिंह ने फिलहाल राजद का दामन नहीं थामा है लेकिन उनकी पत्नी के राजद चुनाव लड़ने की संभावना है.

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इन सीटों पर भूमिहारों को टिकट दे सकती है राजद 

सूत्रों के मुताबिक, राजद इस बार के चुनाव में मोकामा, परबत्ता, मटिहानी, चनपटिया, घोसी, अस्थावां, लखीसराय, लालगंज, बिहपुर,  गोविंदगंज, केसरिया जैसी सीटों पर भूमिहार जाति से आने वाले उम्मीदवारों को  उतारा सकती है. पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य की कुल 243 सीटों में से राजद 75 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, जबकि भाजपा को 74 सीटों पर संतोष करना पड़ा था. 

इसे भी पढ़ें: Bihar Elections 2025: NDA में सीट बंटवारे पर फंसा पेच, उपेंद्र, चिराग और मांझी की तिकड़ी बिगाड़ न दे BJP-JDU का खेल

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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