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Bihar Elections 2025: NDA में सीट बंटवारे पर फंसा पेच, उपेंद्र, चिराग और मांझी की तिकड़ी बिगाड़ न दे BJP-JDU का खेल

Updated at : 11 Oct 2025 3:48 PM (IST)
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PM Modi and CM Nitish

PM Modi and CM Nitish

Bihar Elections 2025: शनिवार की सुबह से ही एनडीए के सहयोगी नेताओं ने ऐसे बयान दिए है जिससे बीजेपी और जेडीयू की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है और ऐसा लग रहा है कि गठबंधन में सब कुछ ऑल इज वेल नहीं है. बताया जा रहा है कि NDA में सीट बंटवारे की कमान खुद गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संभाल ली है.

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Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो गई है. इसके बावजूद NDA में अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है. शुक्रवार को जब बिहार बीजेपी के नेता दिल्ली में हाईलेवल मीटिंग के लिए पटना से रवाना हो रहे थे तो मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि NDA में सीटों का बंटवारा फाइनल हो चुका है और शनिवार को सीटों का एलान हो जाएगा. लेकिन शनिवार की सुबह से ही एनडीए के सहयोगी नेताओं ने ऐसे बयान दिए जिससे बीजेपी और जेडीयू की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है और ऐसा लग रहा है कि गठबंधन में सब कुछ ऑल इज वेल नहीं है. 

जो भी फैसला होगा दिल्ली में होगा: उपेन्द्र कुशवाहा

NDA की प्रमुख सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने शनिवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मीडिया रिपोर्ट्स जो यह बता रही हैं कि NDA के भीतर बातचीत पर अंतिम सहमति बन गई है और मेरी पार्टी को कुछ सीटें दी जा रही हैं, ये गलत है. बातचीत अभी पूरी तरह से पूरी नहीं हुई है; यह जारी है. भाजपा नेतृत्व द्वारा दी गई आगे की जानकारी के आधार पर हम दिल्ली जा रहे हैं. बातचीत दिल्ली में होगी; हम आपको बताएंगे कि क्या चर्चा होगी. हम सार्वजनिक रूप से इस पर चर्चा नहीं करेंगे कि हमें कितनी सीटें चाहिए. जहां जरूरत होगी, हम वहां बैठकर चर्चा करेंगे.

फिलहाल मेरे पास कहने के लिए कुछ भी नहीं: चिराग 

NDA में सीट बंटवारे को लेकर असली पेच चिराग पासवान फंसा रहे हैं. वह चाहते है कि उनकी पार्टी को गठबंधन में BJP और JDU के बाद सबसे ज्यादा सीटें मिली. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि चिराग अपनी पार्टी के लिए 40 से सीटों की मांग कर रहे हैं. इसके पीछे वह यह बात कह रहे हैं कि महागठबंधन में शामिल मुकेश सहनी को राजद 40 सीटों के साथ ही डिप्टी सीएम का पद दे रही है जबकि सहनी के पास फिलहाल कुछ नहीं है. वहीं उनके पास लोकसभा के 5 सांसद हैं और उनकी पार्टी की लोकसभा में 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट रहा है. वहीं, जब शनिवार को मीडिया वालों ने चिराग से सवाल किया तो उन्होंने भी गेंद बीजेपी के पाले में डाल दिया और कहा कि फिलहाल उनके पास कहने के लिए कुछ भी नहीं है. जल्द ही NDA के बड़े नेताओं के साथ बैठक करने के बाद वह फैसला लेंगे. 

HAM के 15 सीटों की मांग ने बढ़ाई BJP-JDU की टेंशन

वहीं, बिहार के पूर्व सीएम और मोदी कैबिनेट में मंत्री जीतन राम मांझी ने बुधवार को एक्स के जरिये एक पोस्ट शेयर किया. उस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, ‘हो न्याय अगर तो आधा दो, यदि उसमें भी कोई बाधा हो, तो दे दो केवल 15 ग्राम, रखो अपनी धरती तमाम, HAM वही खुशी से खाएंगे, परिजन पे असि ना उठाएंगे.’ इस पोस्ट के शेयर होते ही सियासी हलचल बढ़ गई. हालांकि इसके बाद मीडिया से बात करते हुए मांझी ने कहा, “नड्डा जी अध्यक्ष हैं, वो जो कहेंगे मानना ही पड़ेगा. हम अनुशासनप्रिय लोग हैं और अनुशासन में रहेंगे.”   इस तरह से NDA में शामिल बड़े नेताओं के बयान से संभावना जताई जा रही है कि राजग में सीट शेयरिंग में पेच फंसा हुआ है.  

आज की जगह कल होगा सीटों के बंटवारे का एलान

NDA नेताओं को मनाने में जुटी BJP लगातार कोशिश कर रही है कि सहयोगियों को कम से कम सीटों पर मनाया जाए ताकि बीजेपी और जेडीयू सीधे तौर पर महागठबंधन से दो-दो हाथ करें. इसी वजह से आज शाम को NDA में होने वाले सीटों के बंटवारे को रविवार तक के लिए टाल दिया गया है. इतना ही नहीं बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार में सीटों के बंटवारे की कमान खुद संभाल ली है और तीनों ही नेताओं को आज शाम जेपी नड्डा के आवास पर बैठक के लिए बुलाया गया है.

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उपेंद्र, चिराग और मांझी की तिकड़ी बिगाड़ न दे BJP-JDU का खेल

बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले बताते हैं कि अगर इन तीनों नेताओं को जेडीयू और बीजेपी ने नहीं मनाया तो  NDA को चुनाव में तगड़ा डेंट लग सकता है. भले ही ये तीनों नेता अपने दम पर बहुत ज्यादा सीटों को जीतने का दम ना रखते हो लेकिन हराने का दम इनमें जरुर है. इसका अहसास जेडीयू को 2020 के विधानसभा चुनाव में हो चुका है. जब चिराग ने NDA से अलग होकर लड़ा था और जेडीयू के खिलाफ अपने प्रत्याशियों को उतारा था. इसका असर ये हुआ कि जेडीयू के कई प्रत्याशी उतने ही वोट से हारे जीतने वोट चिराग के प्रत्याशी वोट लेकर आए थे.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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