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CM Nitish के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री पर JDU का बड़ा बयान, संजय झा ने साफ किया सबकुछ

Updated at : 03 Sep 2025 3:29 PM (IST)
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sanjay jha with nishant| Sanjay Jha's statement on CM Nitish's son Nishant's entry into politics

बीच में निशांत दाएं विजय चौधरी और बाएं संजय जहा

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में बीते कुछ दिनों से उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब यह कयास लगने लगे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में कदम रख सकते हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें 'बिहार का भविष्य' बताया. लेकिन अब जदयू के शीर्ष नेतृत्व ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है.

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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में हलचल उस वक्त और तेज हो गई जब बीते कुछ दिनों से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जल्द ही राजनीति में कदम रख सकते हैं. न केवल पार्टी के भीतर से बल्कि उनके समर्थकों द्वारा भी इस विचार को खुलकर समर्थन मिल रहा था. पटना में जदयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में निशांत को ‘बिहार का भविष्य’ और ‘विकास पुरुष का बेटा’ बताया गया. जिससे यह संकेत और मजबूत हो गया था कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं.

सभी अटकलों पर जदयू ने लगाया विराम

लेकिन अब इन अटकलों पर जदयू ने विराम लगा दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने स्पष्ट किया है कि निशांत कुमार के राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “अभी निशांत कुमार के राजनीति में आने का कोई विचार नहीं है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह से सक्रिय हैं और अगला चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.”

इस बयान से उन कयासों पर पानी फिर गया है, जिसमें कहा जा रहा था कि जदयू नेतृत्व में बदलाव हो सकता है और निशांत कुमार को आगे लाने की तैयारी हो रही है.

हाल ही में JDU विधायक ने दिया था संकेत

बता दें कि जदयू विधायक गोपाल मंडल ने हाल ही में बयान दिया था कि यदि निशांत कुमार पार्टी में सक्रिय नहीं होते हैं, तो जदयू में टूट की स्थिति आ सकती है. उन्होंने कहा था कि “निशांत ही पार्टी को संभाल सकते हैं और उनका राजनीति में आना अब जरूरी हो गया है.”

पटना में समर्थकों द्वारा लगाया गया था पोस्टर

इस बीच, समर्थकों द्वारा लगाए गए पोस्टरों में निशांत कुमार को ‘ईमानदारी और जनसेवा की नई पीढ़ी’ बताया गया. इन पोस्टरों में यह भी लिखा गया था कि वे जननायक कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा और नीतीश कुमार की कार्यशैली के वारिस हैं.

निशांत की राजनीतिक एंट्री अभी मूल धरातल से दूर

हालांकि, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आए ताजा बयान ने फिलहाल यह स्पष्ट कर दिया है कि निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री की सारी अटकलें अभी मूल धरातल से दूर हैं. ऐसे में बिहार की सियासी फिजाओं में जो गर्मी निशांत कुमार के नाम पर चढ़ रही थी, वह अब थमती नजर आ रही है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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