RJD के भीतर के लोगों के राजनीति की शिकार हुई रोहिणी आचार्य? लालू की बेटी का सोशल मीडिया पर छलका दर्द

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 21 Sep 2025 4:23 PM

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लालू यादव और रोहिणी आचार्य

Lalu Family Controversy: रोहिणी आचार्य ने अपने पिता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को किडनी देकर नई जिंदगी दी. वो इन दिनों खुद को ठगा महसूस कर रही हैं. सियासी हलचल और सोशल मीडिया ट्रोलिंग से आहत होकर वे नाराजगी में सिंगापुर लौट गईं और पोस्ट के जरिए अपना दर्द बयां किया है.

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Lalu Family Controversy: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी वो बेटी जिसने अपने पिता को किडनी देकर उनकी जान बचाई. आज वो अपने आप को ठगा महसूस कर रही हैं. जिसका नतीजा है कि वो नाराज होकर विधानसभा चुनाव बीच में छोड़कर सिंगापुर वापस चली गईं हैं. शनिवार को पूरे दिन शांत रहने के बाद रविवार को फिर उन्‍होंने ने सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किया है. इस पोस्‍ट में उन्‍होंने अपना दर्द बयां किया है.

मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं

रोहिणी ने फेसबुक और ‘X’ दोनों पर एक पोस्ट लिखकर अपनी पीड़ा सुनाते हुए लिखा कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है. रोहिणी ने इस पोस्‍ट में साफ लिखा है कि सा‍जिश के तहत उनकी छवि को खराब किया जा रहा है. जो उनके आत्‍मसम्‍मान के खिलाफ है. रोहिणी ने कहा, मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा न कभी रही, न है और ना ही आगे रहेगी. न विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा, न राज्यसभा जाने की आकांक्षा. न किसी पद की लालसा और न ही परिवार के किसी सदस्य से प्रतिद्वंद्विता.

आत्म-सम्मान और परिवार की प्रतिष्ठा सर्वोपरि : ​रोहिणी

रोहिणी आचार्य ने इस पोस्‍ट में एक बार फिर से दोहराया है कि उनके लिए राजनीति से कहीं ज्यादा जरूरी उनका आत्म-सम्मान और अपने माता-पिता की प्रतिष्ठा है. उन्‍होंने लिखा “मेरे लिए मेरे परिवार की इज़्ज़त ही सबसे ऊपर है.”

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इस कारण आहत और दुखी हैं रोहिणी

बताते चलें, संजय यादव के बिहार अधिकार यात्रा के रथ पर बैठने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे. तेजस्‍वी के कहने पर लालू यादव ने उल्‍टे रोहिणी को ही समझाना शुरू कर दिया है. जिसके बाद सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल गैंग’ सक्रीय हो गया है. सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य को राजनीतिक मंशा रखने वाली बताया जा रहा है. रोहिणी ने ऐसे लोगों को आड़े हाथ लिया है. रोहिणी ने लिखा यह सब “पेड मीडिया” और “पार्टी हड़पने की कुत्सित मंशा रखने वालों” की साजिश है. इन जिससे रोहिणी आचार्य दुखी हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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