गुरुजी के सम्मान पर छिड़ी सियासी बहस, पप्पू यादव का तीखा हमला- 'आदिवासी अस्मिता को कम आंक रही केंद्र सरकार'
Published by : Sameer Oraon Updated At : 26 Jan 2026 3:48 PM
Shibu Soren: झारखंड के दिग्गज नेता शिबू सोरेन को पद्म भूषण दिए जाने पर सियासत गरमा गयी है. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इसे आदिवासियों का अपमान बताते हुए 'भारत रत्न' की मांग की है, वहीं सीएम हेमंत सोरेन ने इसे भावनात्मक पल बताते हुए केंद्र का आभार जताया.
Shibu Soren, रांची: वरिष्ठ आदिवासी नेता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे दिवंगत शिबू सोरेन को देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से नवाजे जाने के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. सम्मान की घोषणा के साथ ही पक्ष-विपक्ष के नेता अपनी-अपनी राय सार्वजनिक कर रहे हैं. इसी कड़ी में अब बिहार से कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने भी अपना रिएक्शन दिया है. पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है.
सांसद पप्पू यादव ने क्या कहा?
सांसद पप्पू यादव ने कहा शिबू सोरेन केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की चेतना, स्वाभिमान और अधिकारों की आवाज थे. उनके मुताबिक ऐसे नेता के लिए भारत रत्न से कम कोई भी सम्मान काफी नहीं है. पप्पू यादव ने पद्म भूषण दिये जाने को आदिवासी समाज के योगदान को कमतर आंकने वाला कदम बताया और कहा कि दशकों तक चले संघर्ष की अगुवाई करने वाले नेता को किसी औपचारिक सम्मान की जरूरत नहीं होती.
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हेमंत सोरेन ने क्यों बताया शिबू सोरेन को सच्चा रत्न?
दूसरी ओर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी भावनात्मक प्रतिक्रिया देते हुए शिबू सोरेन को जनता का सच्चा रत्न बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने में बसे आदिवासी समाज के दिलों में गुरुजी का स्थान सर्वोच्च है. उनके अनुसार शिबू सोरेन जनमानस में पहले से ही भारत रत्न का दर्जा रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों में भी उनकी पहचान इसी रूप में बनी रहेगी.
मुख्यमंत्री मे पद्म भूषण की घोषणा पर जताया आभार
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान की घोषणा पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिबू सोरेन का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं आगे रहा. उनका पूरा संघर्ष समानता, सामाजिक न्याय, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और हाशिये पर खड़े वर्गों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए समर्पित था. उनके लंबी लड़ाई की बदौलत झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला और यहां के लोगों को अपनी विशिष्ट पहचान पर गर्व करने का अवसर प्राप्त हुआ.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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