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वोटिंग से ठीक पहले लालू-तेजस्वी को लगा तगड़ा झटका, RJD महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष BJP में हुई शामिल

Updated at : 25 Oct 2025 3:21 PM (IST)
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Bihar Election 2025

प्रतिमा कुशवाहा को दिलीप जयसवाल ने दिलाई सदस्यता

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजद (RJD) की वरिष्ठ महिला नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा कुशवाहा ने पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया है. उन्होंने तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर परिवारवाद और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाते हुए महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, और इस निर्णायक चुनावी माहौल में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक करारा राजनीतिक झटका लगा है. RJD के भीतर एक मजबूत पहचान रखने वाली, और महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा कुशवाहा ने पाला बदल लिया है. उन्होंने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है.

प्रतिमा कुशवाहा को किसने दिलाई सदस्यता?

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई. RJD के नेता तेजस्वी यादव के लिए यह घटनाक्रम वोटिंग से ठीक पहले एक गंभीर आंतरिक चुनौती पैदा करता है. BJP में शामिल होने के बाद, कुशवाहा ने राजद के नेतृत्व और उसकी कार्यशैली पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

RJD की कार्यप्रणाली पर तीखी आलोचना

भाजपा की सदस्यता लेने के बास प्रतिमा कुशवाहा ने मीडिया के सामने आकर RJD की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की. उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि राजद में ज़मीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए सम्मान की कोई जगह नहीं है. उनके अनुसार, पार्टी पर अब सिर्फ़ वंशवाद और भाई-भतीजावाद का बोलबाला है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस पार्टी में भी स्थिति कुछ ख़ास अलग नहीं है, जहां नेतागण शीर्ष नेतृत्व के आचरण से काफ़ी नाराज़ हैं.

रोजगार के वादे पर निशाना

प्रतिमा कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के बहुचर्चित रोजगार देने के वादे पर भी सीधा प्रहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि राजद भले ही नौकरी देने की बात करता है, लेकिन इसके बदले में वह लोगों की भूमि हड़प लेता था. यह टिप्पणी पूर्ववर्ती ‘नौकरी के बदले ज़मीन’ के आरोपों को फिर से हवा देती है.

आगे, उन्होंने यह दावा किया कि RJD के भीतर आरक्षण का लाभ केवल प्रभावशाली परिवारों तक ही सिमट कर रह गया है, जबकि महिलाओं को यथार्थ में आरक्षण और अधिकार एनडीए की सरकार ने दिए हैं. उनका मानना है कि RJD के अंदर काफी आंतरिक विरोध और असंतोष पनप रहा है.

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प्रतिमा कुशवाहा के इस दल-बदल को कुशवाहा समुदाय के वोट बैंक के बीच संदेश देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है. यह घटना विपक्षी गठबंधन की एकता और सामंजस्य पर सवाल उठाती है और बिहार के चुनावी समर में एक नई बहस को जन्म देती है. यह स्पष्ट है कि विधानसभा चुनाव की लड़ाई अब केवल नीतियों और वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दलबदल की राजनीति के कारण और भी गरमा गई है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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