कोयला डिस्पैच में CCL का 'फ्लॉप शो'! हर साल बढ़ता जा रहा लक्ष्य और उपलब्धि के बीच का अंतर

Updated at : 01 Apr 2026 9:05 PM (IST)
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CCL Coal Dispatch

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड

CCL Coal Dispatch: सीसीएल वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोयला डिस्पैच के लक्ष्य से बुरी तरह पिछड़ गई है. 112 मिलियन टन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 75.67 मिलियन टन का ही डिस्पैच हो सका. पढ़ें, किन 11 एरिया का प्रदर्शन रहा कमजोर और क्या रहे इस बड़ी विफलता के मुख्य कारण.

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CCL Coal Dispatch, रामगढ़, (सलाउद्दीन की रिपोर्ट): सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) वित्तीय वर्ष 2025-26 में, कोयला डिस्पैच के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में बुरी तरह पिछड़ गया है. कंपनी के 14 जीएम एरिया में से केवल चतरा के पिपरवार, रामगढ़ के बरका सयाल और पलामू के राजहरा एरिया ही लक्ष्य तक पहुंच सके, जबकि शेष 11 एरिया का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. सीसीएल को इस वर्ष 112 मिलियन टन कोयला डिस्पैच का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन कंपनी वास्तविक रूप में केवल 75.67 मिलियन टन ही डिस्पैच कर पाई है.

लगातार पांचवें साल चूका निशाना, अन्य कंपनियों से पिछड़ी सीसीएल

पिछले पांच वर्षों के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि, सीसीएल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने में विफल रही है. हर वर्ष लक्ष्य व उपलब्धि के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है. कोल इंडिया की सात उत्पादन कंपनियों में प्रदर्शन के मामले में, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (207.19 MT) पहले स्थान पर रही, जबकि सीसीएल अपनी कम डिस्पैच दर के कारण सूची में काफी नीचे खिसक गई है. डिस्पैच में आई इस कमी का सीधा असर कंपनी की आय और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ना तय माना जा रहा है.

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जमीन अधिग्रहण और तकनीकी खामियां बनीं बाधा

कोयला डिस्पैच कम होने के पीछे जमीन अधिग्रहण में देरी, वन भूमि क्लीयरेंस का न मिलना, कोयले की खराब गुणवत्ता और तकनीकी समस्याओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है. इसके अलावा, रैक की कमी और कैप्टिव माइंस की तुलना में धीमी प्रशासनिक प्रक्रियाओं ने भी सीसीएल की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि, यदि कंपनी ने उत्पादन के साथ-साथ अपनी लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक बाधाओं को दूर नहीं किया, तो भविष्य में प्रतिस्पर्धा में बने रहना चुनौतीपूर्ण होगा.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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