Dinara Vidhan Sabha : सासाराम और पटना का मुहं तकते हैं दिनारा विधानसभा के छात्र, जानिए यहां की 3 बड़ी चुनौतियां

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Jul 2025 5:30 PM

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Dinara Vidhan Sabha : बिहार के रोहतास जिले में दिनारा विधानसभा क्षेत्र आता है जो सासाराम से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह बक्सर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है और पूर्व में डेहरी, पश्चिम में बक्सर और दक्षिण में कैमूर से घिरा हुआ है.

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Dinara Vidhan Sabha : दिनारा विधानसभा क्षेत्र की ज्यादातर आबादी ग्रामीण है. इसमें यादव, कुर्मी, दलित और सवर्ण जातियों के ज्यादा लोग हैं. अधिकांश परिवार खेती पर आश्रित हैं, क्योंकि इलाके में उद्योग-धंधों का अभाव है. सीमित खनन और स्टोन क्रशिंग को छोड़कर अन्य रोजगार विकल्प न के बराबर हैं. यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में युवा मौसमी पलायन कर पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में मजदूरी करने जाते हैं.

युवाओं के लिए कैसा है क्षेत्र

विकास के लिहाज से दिनारा बेहद पिछड़ा क्षेत्र है. गांवों तक बिजली नहीं पहुंची है और सड़कें जर्जर हालत में हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी सेवाओं की स्थिति दयनीय है. पूरे प्रखंड के लिए केवल एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध है, जबकि हाई एजुकेशन के लिए छात्रों को दूर सासाराम या पटना जाना पड़ता है.

समीकरण

2011 की जनगणना के अनुसार, दिनारा की कुल जनसंख्या 2.25 लाख थी और जनसंख्या घनत्व 724 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था. यहां 33227 परिवार बसे हुए हैं. साक्षरता दर मात्र 58.70% है, जो राज्य और राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. इसमें भी पुरुष साक्षरता 67.10% और महिला साक्षरता केवल 49.62% रही.

इतिहास

राजनीतिक दृष्टि से दिनारा एक दिलचस्प विधानसभा क्षेत्र है. इसकी स्थापना 1951 में हुई थी. अब तक हुए 17 चुनावों में यहां कांग्रेस को 5 बार, जदयू को 4 बार, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी को मिलाकर 3 बार, जनता दल को 2 बार, तथा जनता पार्टी, बीएसपी और राजद को एक-एक बार जीत मिली है.

2020 के चुनाव में राजद के विजय कुमार मंडल ने 8228 वोटों से जीत हासिल की. एलजेपी द्वारा अलग से प्रत्याशी उतारने के चलते, एनडीए को नुकसान हुआ और तत्कालीन मंत्री जय कुमार सिंह तीसरे स्थान पर खिसक गए. यह सीट उन 25 सीटों में शामिल थी, जहां लोजपा ने जदयू को बड़ा झटका दिया.

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एनडीए के पास सीट बचाने का मौका

2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने दिनारा में 4671 वोटों की बढ़त बनाई थी. जातीय समीकरण की बात करें तो दिनारा में करीब 45% ओबीसी मतदाता हैं. यादव समुदाय राजद की ओर झुकता है, जबकि कुर्मी और कोइरी समुदाय परंपरागत रूप से भाजपा या जदयू का समर्थन करते हैं. भूमिहारों सहित सवर्ण मतदाता लगभग 25% हैं. 20% दलित मतदाता हैं, जिनमें रविदास समुदाय जदयू और पासवान समुदाय एलजेपी और भाजपा के साथ नजर आता है. मुस्लिम मतदाता लगभग 6.8% हैं, जो चुनावों में निर्णायक हो सकते हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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