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IRCTC Scam: बिहार चुनाव के बीच लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें, CBI ने अदालत को सौंपी एक दर्जन गवाहों की सूची

Updated at : 22 Oct 2025 9:44 AM (IST)
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lal family photo| CBI submits list of a dozen witnesses to court against Lalu family in IRCTC scam

लालू यादव के साथ तेजस्वी और राबड़ी की तस्वीर

IRCTC Scam: बिहार की सियासत के बीच लालू परिवार पर कानूनी शिकंजा एक बार फिर कस गया है. सीबीआई ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में करीब एक दर्जन गवाहों की सूची अदालत में सौंपी है. 27 अक्टूबर से इस मामले में ट्रायल शुरू होगा, जिसमें लालू, राबड़ी और तेजस्वी यादव को कोर्ट में पेश होना है.

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IRCTC Scam: बिहार की राजनीति में फिर एक बार लालू परिवार की मुश्किलें गहराती दिख रही हैं. IRCTC घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अदालत को करीब एक दर्जन गवाहों की सूची सौंपी है. ये सभी गवाह पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ उनकी कथित संलिप्तता पर बयान देंगे. सीबीआई ने इन गवाहों को औपचारिक नोटिस जारी कर 27 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है. इसी दिन से इस मामले में ट्रायल की औपचारिक शुरुआत होगी.

CBI का नया कदम, तेजी से पूरी करना चाहती है गवाही

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई इन गवाहों की गवाही को “तेजी से और बिना किसी देरी” के पूरा करने की योजना बना रही है. एजेंसी का इरादा है कि पहले चरण में पेश किए गए गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद कुछ और साक्ष्य और गवाह कोर्ट के सामने रखे जाएं, जिससे लालू परिवार के खिलाफ आरोपों को और मजबूत किया जा सके.

हाल ही में तय हुए आरोप

इस महीने की शुरुआत में ही सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे. अदालत ने लालू पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों के तहत आरोप तय किए, जबकि राबड़ी और तेजस्वी पर षड्यंत्र और धोखाधड़ी में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया. हालांकि तीनों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे पूरी ईमानदारी के साथ मुकदमे का सामना करेंगे.

अदालत ने कहा- लालू को थी पूरी जानकारी

13 अक्टूबर को आरोप तय करते समय विशेष सीबीआई जज विशाल गोगने ने अपने आदेश में लिखा कि “लालू प्रसाद को पूरी प्रक्रिया की जानकारी थी और उन्होंने होटलों के हस्तांतरण को प्रभावित करने के लिए हस्तक्षेप किया.” जज ने कहा कि निविदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव जानबूझकर किए गए, ताकि कुछ पक्षों को फायदा पहुंचे.

अपने 244 पन्नों के आदेश में न्यायाधीश ने लिखा कि “यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि बिक्री के दौरान ज़मीन का मूल्यांकन जानबूझकर कम किया गया और बाद में यह संपत्तियां लालू प्रसाद के प्रभाव में आ गईं.” अदालत ने इस मामले में “मिलीभगत और आपराधिक षड्यंत्र” के पहलू को भी चिह्नित किया.

क्या है IRCTC होटल घोटाला?

सीबीआई के अनुसार, लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने IRCTC के बीएनआर होटलों की निविदा प्रक्रिया में हेरफेर की. आरोप है कि उन्होंने कोचर बंधुओं विजय और विनय कोचर (मालिक, सुजाता होटल प्रा. लि.) को ठेका दिलाने में अनुचित लाभ पहुंचाया. जिसके बदले में कोचर ने पटना की एक प्रमुख जमीन लालू के करीबी प्रेम चंद गुप्ता की कंपनी को बेच दी. बाद में यह कंपनी लालू परिवार के नियंत्रण में आ गई और वह कीमती जमीन नाम मात्र कीमत पर यादव परिवार को हस्तांतरित कर दी गई.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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