Bihar Politics: जीतनराम मांझी इस वजह से मांग रहे 20 सीट, जानिए क्या-क्या मिलेगा फायदा
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 07 Sep 2025 7:35 PM
जीतनराम मांझी
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से) ने अपनी सियासी पहचान मजबूत करने के लिए मान्यता प्राप्त दल बनने की कवायद तेज कर दी है. पार्टी संरक्षक जीतनराम मांझी ने एनडीए से 20 सीटों की मांग की है ताकि चुनावी मानकों को पूरा कर पार्टी को स्थायी पहचान मिल सके.
Bihar Politics, मनोज कुमार, पटना: विधानसभा में सीटों की संख्या दलों की राजनीतिक हैसियत तय करती है. सत्ता बनाने-बिगाड़ने या फिर विपक्ष में पूछ भी, सीटों की संख्या ही निर्धारित करती है. इसके लिए पार्टी का एक नाम-निशान और चेहरे का होना बड़ी शर्त है. पार्टी का एक चुनाव चिह्न और इसे शहर से लेकर सुदूर गांव तक पहचान, यह बहुत जरूरी है. इसके लिए राजनीतिक पार्टी का मान्यता प्राप्त दल होना जरूरी है.
लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद में भी दल से सदस्य होने के बावजूद हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से) मान्यता प्राप्त दल के रूप में स्थापित नहीं है. इन तीनों सदनों में प्रतिनिधित्व होने के बावजूद मान्यता प्राप्त दल नहीं होने पर पार्टी ने एक्सरसाइज शुरू कर दी है.
पार्टी के दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में हम के संरक्षक केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने इसे सार्वजनिक किया है. अलग-अलग मंचों से वे सीटों की मांग करते रहे हैं. इस बार उन्होंने पार्टी को मान्यता प्राप्त दल का दर्जा प्राप्त करने के नाम पर एनडीए से 20 सीटों की मांग की है.
20 सीटें मिलेंगी, तभी तो शर्तें होंगी पूरी
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का कहना है कि मान्यता प्राप्त दल बनने के लिए छह फीसदी वोट और सात से आठ सीटें चाहिए. इसके लिए जरूरी है कि उनकी पार्टी कम से कम 20 सीटों पर चुनाव लड़े. इससे उनकी पार्टी मान्यता प्राप्त करने लायक सीटें जीत पायेगी और छह फीसदी से अधिक मत प्राप्त कर सकेगी.
राज्यसभा पर भी मांझी की नजर
जीतनराम मांझी की नजर राज्यसभा में अपने दल से प्रतिनिधि भेजने पर भी है. मांझी कई बार इसका जिक्र छेड़ चुके हैं. लोकसभा चुनाव के वक्त से ही राज्यसभा में एक सीट मिलने की बात बार-बार दोहराते रहे हैं. पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी फिर से इसे ताजा किया गया है. उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी से अब तक राज्यसभा में कोई प्रतिनिधि नहीं है. राज्यसभा में भी वे अपने दल का प्रतिनिधि चाह रहे हैं.
हम ने जीती थीं चार सीटें, मगर वोट शेयर एक फीसदी से भी कम
हम ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में चार सीटों पर जीत हासिल की थी. मगर, वोट शेयर एक फीसदी से भी कम था. हम पार्टी का वोटर शेयर लगभग 0.89 फीसदी था. हम को इमामगंज, बाराचट्टी, सिकंदरा और टिकारी में जीत मिली थी. जीतनराम मांझी के गया से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद हुए इमामगंज उपचुनाव में भी उनकी ही पार्टी ने कब्जा जमाया था.
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मान्यता प्राप्त दल को क्या-क्या फायदा मिलता है
– उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न स्थायी हो जाता है.
– नामांकन के समय प्रस्तावकों की संख्या भी कम हो जाती है.
– सरकारी भवनों में पार्टी के नाम पर कार्यालय भी आवंटित हो जाता है.
– चुनाव आयोग की बैठकों में आधिकारिक रूप से शामिल किया जाता है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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