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बिहार चुनाव में घोड़ों को भी मिल रहा रोजगार, यहां के घोड़े बने नेताओं की पहली पसंद

Updated at : 18 Oct 2025 10:26 AM (IST)
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Horses also found employment in the Bihar elections

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में अब घोड़ों को भी रोजगार मिल रहा है. इस कड़ी में भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड के गोसाईदासपुर गांव के घोड़ा मालिक इन दिनों खूब व्यस्त चल रहे हैं. इसकी वजह है कि नेता और कार्यकर्ता सीधे गांव में जाकर चुनावी रैली व चुनाव प्रचार के लिए घोड़े बुक कर रहे हैं.

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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में अब घोड़ों को भी रोजगार मिल रहा है. इस बार बिहार के चुनावी माहौल ने घोड़ा मालिकों की किस्मत चमका दी है. दरअसल, भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड के गोसाईदासपुर गांव में करीब सौ घोड़े हैं. इन दिनों यहां के घोड़ा मालिक खूब व्यस्त चल रहे हैं.

रैली, जुलूस और प्रचार के लिए बढ़ी मांग

मिली जानकारी के अनुसार, नेता और कार्यकर्ता सीधे गांव में जाकर चुनावी रैली व चुनाव प्रचार के लिए घोड़े बुक कर रहे हैं. वैसे तो इस मौसम में आमतौर पर बुकिंग नहीं होती है लेकिन चुनाव की वजह से लगातार आर्डर मिल रहे हैं. रैली, जुलूस और प्रचार के लिए इन दिनों घोड़ों की मांग खूब बढ़ गई है.

कितना है किराया

बता दें कि एक घोड़े का एक दिन का किराया दो हजार रुपये निर्धारित है. किसी राजनीतिक पार्टी को 4 घोड़े चाहिए तो किसी को 6 घोड़े. एक तरफ तो अभी चुनाव का समय है साथ ही काली प्रतिमा विसर्जन में भी हमारा काम चलेगी. यानी अभी एक महीने से जयादा समय तक उनके पास रोजगार है. ये घोड़ा मालिक किसी पार्टी विशेष के लिए नहीं है. जो भी राजनीतिक दल उन्हें बुक करती है वहां वे चले जाते हैं. इस दौरान केवल घोड़े के गले में पार्टी का झंडा बदलना होता है.

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टोटो पर चिपकाया जा रहा लोगो

बिहार विधानसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने व मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह और नगर आयुक्त शुभम कुमार द्वारा कोयला डिपो स्थित टेंपो स्टैंड में टोटो पर लोगो चिपकाने के अभियान को शुरू किया है. इसके माध्यम से टोटो पर सफर करने वाले मतदाताओं को यह जानकारी दी जा रही है कि 11 नवंबर 2025 को मतदान करना है.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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