भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद भोजपुर में बवाल, परिवार ने क्या मांग की, अब तक क्या एक्शन हुआ

Edited by Anjani Pandey
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भरत तिवारी के वायरल वीडियो ली गई तस्वीरें.

Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की पूरी अपडेट और पुलिस कार्रवाई की सभी डिटेल नीचे खबर में पढ़ें...

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Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. हालांकि परिवार ने जगदीशपुर डीएसपी समेत एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कर बर्खास्त करने की मांग की है.

इससे संबंधित आवेदन एएसपी राजकुमार साह को आज आरा-बक्सर हाईवे पर हुए हंगामे के दौरान सौंपा गया था. उनके द्वारा हस्ताक्षर कर आवेदन को स्वीकार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही आज करीब 6 घंटे तक चला हंगामा शांत हुआ है.

आरा-बक्सर हाईवे पर आज 6 घंटे हुआ हंगामा. फोटो-प्रभात खबर

परिवार के दिए आवेदन में क्या हैं आरोप

एएसपी को दिए आवेदन में भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा है कि कल दिनांक 17 जून की सुबह करीब 8 बजे शाहपुर थानाध्यक्ष व अन्य पुलिस कर्मी जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में हमारे घर पर आए. मेरे पुत्र से बोले कि चलो जहां जवइनियां बाढ़ विस्थापित रह रहे हैं, वहां चल के बताओ कि वहां के लोगों की क्या समस्याएं हैं. उनकी मांगे क्या हैं?

मेरे पुत्र द्वारा जवइनियां बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं से लगातार प्रशासन को अवगत कराया जा रहा था. जवइनियां बाढ़ पीड़ितों के करीब पहुंचने पर मेरा बेटा भरत तिवारी जो लगातार फेसबुक लाइव था, अपनी मांगों को रखने के बाद अपने हाथ में लिया हथियार पुलिस के समक्ष जमीन पर फेंक दिया. खुद को भी पुलिस के सुपुर्द कर दिया. इसके बाद पुलिसकर्मियों द्वारा उसे धक्का देकर गड्ढा में गिरा दिया गया. फिर वहां मौजूद जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने मेरे पुत्र भरत तिवारी को पांच गोली मारकर घायल कर दिया. उसे गाड़ी में लाद कर पुलिस चली गई. इसके बाद मेरे पति को भी शाहपुर थाना में ले जाकर पूरा दिन बंद कर दिया गया. शाम में पुलिस द्वारा सूचना दी गई कि गई कि मेरे पुत्र की मृत्यु हो गई है.

हमारी मांग है कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों, जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक, शाहपुर थानाध्यक्ष एवं अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करें.

आशा देवी और भरत तिवारी की फाइल फोटो.

परिवार को मुआवजा, सरकारी नौकरी की भी मांग

आक्रोशित लोगों ने परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मौखिक मांग भी की. एएसपी ने परिजनों के आवेदन पर हस्ताक्षर कर रख लिया और साथ ही उचित जांच का आश्वासन दिया. तब जाकर करीब छह घंटे बाद आक्रोशित लोगों ने जाम हटाया और हाईवे पर ट्रैफिक सामान्य हो सका.

इससे पहले आज भोजपुर एसपी मिस्टर राज ने कार्रवाई करते हुए बेलौटी गांव में 16 जून को वायरल हुए वीडियो मामले में शाहपुर थानाध्यक्ष, दो सब-इंस्पेक्टर तथा एक सिपाही को निलंबित कर दिया है. उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने में विफल रहने पर यह कार्रवाई की गई है.

इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

यह खबर पढ़ें : भरत तिवारी के शव के साथ परिजन सड़क पर उतरे, आरा-बक्सर हाईवे किया जाम

डेढ़ हजार लोग सड़क पर उतरे, छह घंटे जाम रहा हाईवे

गुरुवार को भरत तिवारी को गंभीर हालत में आरा सदर अस्पताल से पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था, लेकिन देर शाम उसकी मौत हो गई. भरत तिवारी का शव आज जब उसके गांव पहुंचा तो लोग उग्र हो गए. शव को रखकर आरा-बक्सर फोरलेन जाम कर दिया. एक से डेढ़ हजार की संख्या में जुटे लोगों ने भरत तिवारी को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बाद में आक्रोशित लोगों की ओर से पुलिस पर रोड़ेबाजी भी की गई. इसके बाद पुलिस ने जाम हटाने और प्रदर्शन खत्म करने के इरादे से हंगामा कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया. इन वजहों से करीब छह घंटों तक हाईवे जाम रहा. बाद में मौके पर पहुंचे एएसपी राजकुमार साह समेत अन्य अधिकारियों के समझाने-बुझाने और परिवार का आवेदन स्वीकार करने पर लोग शांत हुए.

Bharat Tiwari Encounter में मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

इस दौरान मीडिया से बातचीत में आशा देवी ने कहा कि उनके बेटे की हत्या की गई है. उन्होंने दावा किया कि भरत को सिर्फ गोली नहीं मारी गई, बल्कि उसे जहर भी दिया गया. जिसके बाद वह उल्टी कर के मर गया. आशा देवी ने कहा कि हमको न्याय चाहिए. मेरे बेटे का मर्डर किया गया है. मेरे बच्चे को जहर दिया गया है. मैं केंद्र सरकार से जांच की मांग करती हूं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन पर अब उनका भरोसा नहीं रहा. मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

भरत की मां का आरोप है कि घटना से पहले पुलिस उनके घर पहुंची थी. उस दौरान परिवार के लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने धमकी भरे अंदाज में बात की थी.

एनकाउंटर पर स्थानीय लोगों ने उठाए कई सवाल

भरत तिवारी की मौत के बाद स्थानीय लोग खुलकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. उनका दावा है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद उसे कई गोलियां मारी गईं. लोगों का कहना है कि यदि भरत ने हथियार छोड़ सरेंडर कर दिया था, तो उसके बाद गोली चलाने का औचित्य क्या था.

प्रदर्शन में शामिल एक ग्रामीण ने कहा कि पुलिस के ऑपरेशन लंगड़ा के तहत आमतौर पर घुटने के नीचे गोली मारी जाती है, ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके. ग्रामीणों का दावा है कि भरत को घुटने के ऊपर जांघ में गोली लगी. गांव के लोगों का कहना है कि भरत तिवारी का कोई बड़ा आपराधिक इतिहास नहीं था. वह अक्सर स्थानीय मुद्दों को उठाता था और लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश करता था. ग्रामीणों का दावा है कि वह समाज सेवा से जुड़े काम करता था. इसलिए उसकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है.

पूरे मामले में क्या है पुलिस का पक्ष

इस मामले में भोजपुर पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी के बारे में बुधवार को ही जानकारी मिली थी कि वो सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो बना रहा है और हथियार का प्रदर्शन कर रहा है. पुलिस कई बार उसे समझाने के उद्देश्य से गई थी. गुरुवार को भी पहुंची टीम ने उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा था, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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अंजनी पांडेय बिहार की डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10+ वर्षों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने पटना में दैनिक भास्कर और लाइव सिटीज़ जैसे प्रमुख डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न संपादकीय भूमिकाओं में काम किया है। उन्हें न्यूज़रूम संचालन, कंटेंट रणनीति और डिजिटल संपादन का गहरा अनुभव है। मई 2026 में उप मुख्य कंटेंट राइटर और टीम लीड के तौर पर प्रभात खबर से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल तक वे राजनीतिक संचार और जनसंपर्क से भी जुड़े रहे हैं। राजनीति, अपराध और समसामयिक घटनाओं से जुड़ी खबरों के आइडिएशन और संपादन में उनकी विशेष रुचि है।

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