'सरेंडर कर चुका था, फिर 5 गोलियां क्यों मारी?', भरत तिवारी के एनकाउंटर पर मां का छलका दर्द, बोलीं- समाज सेवक था मेरा बेटा

Updated:
विज्ञापन

रोती-बिलखती भरत तिवारी की मां और भरत की तस्वीर

Bharat Tiwari Encounter: आरा में पुलिस मुठभेड़ में घायल भरत भूषण तिवारी की पीएमसीएच में मौत के बाद गांव में आक्रोश फैल गया है. मां ने आरोप लगाया है कि बेटे ने सरेंडर कर दिया था, फिर भी उसे गोली मारी गई. वहीं ग्रामीणों ने सड़क जाम कर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है.

विज्ञापन

Bharat Tiwari Encounter: आरा के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद गांव में भारी आक्रोश है. गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया. आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.

मां बोलीं- मेरा बेटा समाज की भलाई करता था

भरत तिवारी की मां बेटे की मौत से टूट चुकी हैं. रोते-बिलखते उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि उनका बेटा समाज सेवा के कामों में लगा रहता था. कुछ लोगों के कहने पर वह लोगों की मदद करने निकला था. मां का आरोप है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई.

उन्होंने कहा कि अगर उसने आत्मसमर्पण कर दिया था तो फिर गोली चलाने की क्या जरूरत थी? मेरे बेटे को 5 गोलियां मारी गईं.

मां बोलीं- जिस बेटे ने समाज के लिए काम किया, उसे यही इनाम मिला

मां ने कहा कि भरत का स्वभाव थोड़ा गर्म जरूर था, लेकिन वह लोगों की भलाई के लिए काम करता था. उनका दावा है कि बेटे के पास लाइसेंसी हथियार नहीं था. मीडिया से बातचीत में उन्होंने भावुक होकर कहा कि जिस बेटे ने समाज के लिए काम किया, उसे यही इनाम मिला. सरकार ने यही बदला दिया है.

सड़क पर उतरे ग्रामीण, फोरलेन किया जाम (भरत तिवारी एनकाउंटर)

भरत की मौत की खबर मिलते ही गांव में गुस्सा फैल गया. बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए. ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर फोरलेन जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.

‘सरेंडर करने वाले को गोली मारना कहां का नियम है?’

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण करने को तैयार हो तो उसे गोली मारना गलत है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भरत के खिलाफ कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

पुलिस का दावा- टीम पर की थी फायरिंग (आरा एनकाउंटर)

पुलिस के अनुसार भरत भूषण तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह हथियार के साथ दिखाई दे रहा था. जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम पर उसने कथित तौर पर पिस्टल तान दी थी. बाद में शाहपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम जब उसे पकड़ने पहुंची तो उसने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया.

पीएमसीएच में हुई मौत, गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा

मुठभेड़ में घायल भरत को पहले शाहपुर और फिर आरा सदर अस्पताल ले जाया गया. बाद में उसे पटना पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है. स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

Also Read: खान सर या रौशन आनंद? अलख पांडेय ने साफ किया अपना स्टैंड, दोषी के लिए मांगी फांसी

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन