रॉयल एनफील्ड बनाने जा रही धांसू इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, ईवी क्षेत्र में करेगी धमाकेदार एंट्री

रॉयल एनफील्ड ने इलेक्ट्रि वाहनों के निर्माण में तेजी लाने के लिए स्पेन की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी स्टार्क फ्यूचर के साथ साझेदारी की है. फिलहाल, ये दोनों वाहन निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के निर्माण के लिए बुनियादी ढांचों के विकास पर काम कर रही हैं.
नई दिल्ली : भारत में बुलेट बनाकर बेचने वाली दोपहिया वाहन कंपनी रॉयल एनफील्ड अब इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बनाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है. संभावना यह जाहिर की जा रही है कि इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को बाजार में आने में करीब दो साल लग सकते हैं. वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा के समय रॉयल एनफील्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) सिद्धार्थ लाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस बात की पुष्टि की कि कंपनी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बनाने की योजना पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि भारत के बाजार में इसकी पहली मोटरसाइकिल 2026 तक ही पेश की जा सकेगी.
बाजार में आने में लगेंगे दो साल : सिद्धार्थ लाल
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल एनफील्ड ने इलेक्ट्रि वाहनों के निर्माण में तेजी लाने के लिए स्पेन की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी स्टार्क फ्यूचर के साथ साझेदारी की है. फिलहाल, ये दोनों वाहन निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के निर्माण के लिए बुनियादी ढांचों के विकास पर काम कर रही हैं. इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल लॉन्चिंग की टाइमलाइन के बारे में सिद्धार्थ लाल ने कहा कि कंपनी के इस नए प्रोडक्ट को बाजार में आने में हमें लगभग दो साल लगेंगे. हम इस पर बहुत मेहनत कर रहे हैं. हम अपने प्रोटोटाइप की सवारी तैयार कर रहे हैं. हमारे पास अभी भी समय है. हम बाजार में आधी-अधूरी चीजें बिल्कुल नहीं देना चाहते.
चेन्नई में स्थापित की जाएगी मैन्युफैक्चरिंगग प्लांट
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल एनफील्ड स्पेसिफिक इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल तैयार करेगी. कंपनी ने चेन्नई में अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के आसपास ऐसे प्रोडक्ट के लिए स्ट्रेटजी, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को बढ़ाने के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है. कंपनी ने वित्त वर्ष 23-24 में अपने मौजूदा आईसीई रेंज, नए प्रोडक्ट के विकास और ईवी उत्पादन के लिए 1,000 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश करने की योजना बनाई है. रॉयल एनफील्ड चेन्नई स्थित चेय्यर में अपना तीसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए तैयारी कर रही है, जो कंपनी के लिए ईवी उत्पादन केंद्र के रूप में काम करेगा. फिलहाल कंपनी के पास दोपहिया वाहन के लिए वल्लम में एक इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिं प्लांट है, जिसे चेय्यार के प्लांट से जोड़ा जाएगा. कंपनी का शुरुआती लक्ष्य सालाना 1 लाख यूनिट का उत्पादन करना है.
100 लोगों की टीम कर रही है काम
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल विकास के बारे में अधिक जानकारी देते हुए रॉयल एनफील्ड के सीईओ बी गोविंदराजन ने कहा कि फिलहाल, हमारा ध्यान उस क्षमता का निर्माण करने पर है. हमारे पास करीब 100 लोगों की टीम है, जो ईवी क्षेत्र के लिए समर्पित हैं. हमारी उत्पाद रणनीति की एक बहुत विस्तृत प्रक्रिया है. इसमें उपभोक्ताओं की जरूरतों को समझना और किस प्रकार की मोटरसाइकिल बनाना शामिल है. हम योजना के क्रियान्वयन के चरण में हैं. रॉयल एनफील्ड की आगामी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के लिए लगभग 1.5 लाख यूनिट की स्थापित क्षमता है. यह एक मॉड्यूलर प्लांट होगा, जो ब्रांड को भविष्य में अपनी विनिर्माण क्षमता का विस्तार करेगा.
इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में धमाकेदार दस्तक देगी रॉयल एनफील्ड
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल क्षेत्र में रॉयल एनफील्ड के धमाकेदार दस्तक गेम चेंजर हो सकती है. खासकर उस सेगमेंट में जहां फिलहाल स्टार्ट-अप का दबदबा है. इस समय अल्ट्रावॉयलेट ऑटोमोटिव, ओबेन इलेक्ट्रिक और टोर्क मोटर्स जैसे खिलाड़ी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल पर काम कर रहे हैं. इनमें से केवल अल्ट्रावॉयलेट ही सेगमेंट के प्रीमियम हिस्से में काम कर रही है. इन सभी ब्रांडों को ध्यान में रखते हुए रॉयल एनफील्ड इसी लाभ उठाना चाहेगा.
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इस महीने लॉन्च हो सकती है बुलेट 350
इस बीच, रॉयल एनफील्ड साल की इस तिमाही में नए लॉन्च के लिए तैयारी कर रही है. कंपनी ने अगली पीढ़ी की बुलेट 350 को महीने के अंत में लॉन्च करने के लिए तैयार किया है, जबकि लंबे समय से प्रतीक्षित हिमालयन 450 के भी साल के अंत से पहले आने की संभावना है. इसके अलावा, कंपनी के पास 350सीसी, 450सीसी और 650 सीसी की कई मोटरसाइकिलें हैं, जो अगले दो वर्षों में आएंगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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