Odisha Train Accident Reason: अगर यह गलती न हुई होती, तो टल सकता था ओडिशा ट्रेन हादसा; CRS की जांच में खुलासा

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 04 Jul 2023 1:39 PM

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Indian Railway odisha train accident reason - ओडिशा के बहनगा बाजार में विगत 2 जून को तीन ट्रेनों की दुर्घटना को टाला जा सकता था, जिसमें 275 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1100 से अधिक लोग घायल हुए. रेलवे की जांच रिपोर्ट में इस दुर्घटना को लेकर कई तकनीकी पहलुओं पर रोशनी डाली गई है.

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Coromandel Express Odisha Train Accident Reason : ओडिशा ट्रेन हादसे की जांच में कई खामियां सामने आयीं हैं और सीधे तौर पर स्टेशन मास्टर की गलती पता चली है. ओडिशा के बहनगा बाजार में विगत 2 जून को तीन ट्रेनों की दुर्घटना को टाला जा सकता था, जिसमें 275 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1100 से अधिक लोग घायल हुए. रेलवे की जांच रिपोर्ट में इस दुर्घटना को लेकर कई तकनीकी पहलुओं पर रोशनी डाली गई है.

यह सूचना दी होती तो हादसा नहीं होता

टाइम्स ऑफ इंडिया के पास मौजूद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, अगर स्टेशन मास्टर ने क्रॉसओवर पॉइंट पर सिग्नल के ‘बार-बार असामान्य व्यवहार’ की सूचना दी होती तो यह हादसा नहीं होता. क्रॉसओवर पॉइंट पर सिग्नल में गड़बड़ी के कारण दक्षिण की ओर जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस गलत तरीके से लूपलाइन में प्रवेश कर गई और एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई.

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S&T विभाग की कई खामियों की तरफ इशारा

भारतीय रेलवे की सिग्नल और टेलीकॉम (एस एंड टी) विभाग की कई विफलताओं की ओर इशारा करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि सिग्नलिंग कार्य में खामियों के बावजूद, स्टेशन मास्टर एसबी मोहंती क्रॉसओवर 17 ए/बी के सर्किट के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लॉजिक तक फैली फाॅल्स फीड का पता लगा सकते थे. उस रोज कोरोमंडल एक्सप्रेस गलती से लूपलाइन पर आकर एक मालगाड़ी से टकरा गई थी.

Coromandel Express स्टेशन मास्टर की गलती

Station Master SB Mohanty ने जब सिग्नल बदला, तो उसे बदलने में 14 सेकेंड लगते लेकिन वह तुरंत हो गया. जानकारों की मानें तो यह असामान्य था. स्टेशन मास्टर को इस पर ध्यान देना चाहिए था. यह electronic interlocking system का फाॅल्स फीड था. क्योंकि ट्रैक की ग्राउंड पोजिशन अचानक नहीं बदल सकती. आम तौर पर स्टेशन मास्टर जब भी सिग्नल बदलते हैं, तो 14 सेकेंड में होने वाले बदलाव तक वहां रुकते हैं. अगर मोहंती इस गड़बड़ी को पकड़ लेते, तो वह Coromandel Express को पास नहीं होने देते और हादसा टल जाता.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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