हुंडई और किआ ने 91,000 से अधिक कारों को किया रिकॉल, इलेक्ट्रिक कम्पोनेंट में खराबी की शिकायत

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :07 Aug 2023 2:47 PM (IST)
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हुंडई और किआ ने 91,000 से अधिक कारों को किया रिकॉल, इलेक्ट्रिक कम्पोनेंट में खराबी की शिकायत

हुंडई टक्सन मॉडल एक कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर एसयूवी है और यह वर्ष 2004 से कार बाजार में बेची जा रही है. ब्रांड के लाइनअप में टक्सन सांता फे, कोना और क्रेटा के बीच का मॉडल है. इसका नाम एरिजोना के टक्सन शहर के नाम पर रखा गया है.

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नई दिल्ली : दक्षिण कोरिया की वाहन निर्माता कंपनी हुंडई और उसकी अनुषंगी किआ ने तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से आग के जोखिमों के बीच अमेरिका में करीब 91,000 से अधिक कारों को वापस बुला लिया है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दोषपूर्ण इलेक्ट्रिक कम्पोनेंट से पैदा होने वाले आग के जोखिमों के कारण हुंडई और किआ ने मिलकर अमेरिका में 91,000 से अधिक नई कारों को वापस बुलाया है. बताया जा रहा है कि इन दोनों कंपनियों की कारों के इलेक्ट्रिक कम्पोनेंट में खराबी से आग लगने का खतरा है. इसलिए कंपनियों ने इन्हें वापस बुलाया है और जब तक मॉडलों को दुरुस्त नहीं कर दिया जाता, तब तक इनके मालिकों को किराए की कार मुहैया कराई जाएगी. इसके साथ ही, तमाम मॉडलों के इंजन को फ्री में दुरुस्त किया जाएगा.

हुंडई-किआ के इन मॉडलों को बुलाया गया वापस

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस मुद्दे के लिए लगभग 52,000 हुंडई कारों और लगभग 40,000 किआ कारों को वापस बुलाया गया है. इससे यह भी पता चलता है कि रिकॉल अभियान में प्रभावित मॉडलों में 2023-2024 हुंडई पैलिसेड, 2023 हुंडई टक्सन, हुंडई सोनाटा, हुंडई एलांट्रा और हुंडई कोना शामिल हैं. किआ के लिए, 2023-2024 सेल्टोस और 2023 सोल और स्पोर्टेज वाहनों को अभियान के तहत वापस बुलाया गया है.

इलेक्ट्रिक कम्पोनेंट्स की खराबी से अधिक गर्म हो रहा इंजन

रिपोर्ट से पता चलता है कि दोनों दक्षिण कोरियाई ऑटो निर्माताओं ने संभावित रूप से प्रभावित वाहनों के मालिकों को मरम्मत पूरी होने तक वाहनों को संरचनाओं से दूर और बाहर पार्क करने की सलाह दी है. हुंडई और किआ ने कथित तौर पर आइडल स्टॉप एंड गो ऑयल पंप असेंबली के इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रकों में एक संभावित खराबी की खोज की. रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रिक कम्पोनेंट्स के कारण कारों के इंजन अधिक गर्म हो जा रहे हैं, जिससे आग लग सकती है. आग के जोखिम के अलावा, गर्मी से होने वाली क्षति से शॉर्ट सर्किट भी हो सकता है, जिससे जहाज पर मौजूद अन्य वाहन नियंत्रक प्रभावित हो सकते हैं.

फ्री में गाड़ियों की होगी मरम्मत

हुंडई और किआ को कथित तौर पर थर्मल मुद्दों से जुड़े छह और चार मामले प्राप्त हुए हैं. हालांकि, दोनों दक्षिण कोरियाई ऑटो निर्माताओं ने दावा किया है कि उन्हें इन मॉडलों से अभी तक किसी प्रकार का हादसा होने की खबर नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया गया है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रभावित वाहनों के मालिकों को इस साल सितंबर के अंत में सूचित किया जाएगा और डीलर आवश्यकतानुसार दोषपूर्ण फ्यूल पंप नियंत्रकों का टेस्ट करेंगे और उन्हें निःशुल्क बदल देंगे.

गाड़ियों के ठीक होने तक मिलेंगी किराए की कारें

नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (एनएचटीएसए) के रिकॉल दस्तावेज से पता चलता है कि हुंडई ने अपने डीलरों को संबंधित प्रभावित वाहन मालिकों को रिकॉल फिक्स पूरा होने तक किराये की कारें उपलब्ध कराने की सलाह दी है. साथ ही, वाहन निर्माताओं ने कथित तौर पर ड्राइवरों या मालिकों से गाड़ी चलाने से बचने और जलने या पिघलने की गंध का पता चलने पर वाहन को निकटतम डीलरों के पास ले जाने के लिए कहा है.

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पूरी दुनिया में 70 लाख से अधिक बेची गई हुंडई टक्सन

हुंडई के टक्सन मॉडल की बात करें, तो यह एक कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर एसयूवी है और यह वर्ष 2004 से कार बाजार में बेची जा रही है. ब्रांड के लाइनअप में टक्सन सांता फे, कोना और क्रेटा के बीच का मॉडल है. इसका नाम एरिजोना के टक्सन शहर के नाम पर रखा गया है. तीसरी पीढ़ी के लिए टक्सन में वापस आने से पहले दूसरी पीढ़ी के मॉडल को यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और चीन सहित कई बाजारों में हुंडई ix35 के रूप में बेचा गया. टक्सन सबसे अधिक बिकने वाला हुंडई एसयूवी मॉडल है और 2004 में लॉन्च होने के बाद से इसकी वैश्विक स्तर पर करीब 70 लाख से अधिक इकाइयां बिक चुकी हैं. इनमें से 14 लाख इकाइयां यूरोप में बेची गई हैं.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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