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Maruti Alto ने भारत के 45 लाख लोगों को बनाया दीवाना, लोगों के दिलों में ऐसे बसती चली गई सबसे सस्ती कार

Updated at : 03 Aug 2023 5:45 PM (IST)
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Maruti Alto ने भारत के 45 लाख लोगों को बनाया दीवाना, लोगों के दिलों में ऐसे बसती चली गई सबसे सस्ती कार

ऑल्टो को पहली बार 2000 में लॉन्च किया गया था और 2004 तक यह भारत की नंबर 1 बिकने वाली कार बन गई. मारुति सुजुकी ऑल्टो उन कई लोगों की पहली पसंद रही है, जो एक किफायती हैचबैक की तलाश में थे. यह कार कम रखरखाव पर आराम से चलती है. ऑल्टो का फीचर अच्छा है और इसमें बैठने वालों के लिए केबिन स्पेस भी काफी है.

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नई दिल्ली : भारत के घरेलू बाजार में करीब 23 साल पहले हचबैक सेगमेंट की कार मारुति सुजुकी ऑल्टो ने 45 लाख ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है. यह कंपनी के लिए मील का पत्थर है. कंपनी को यह बेंचमार्क बनाने में करीब 23 साल लग गए. घरेलू वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी लिमिटेड ने वर्ष 2000 में ऑल्टो को बाजार में पेश किया था. मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने घोषणा की है कि ऑल्टो ने भारत में 45 लाख ग्राहकों का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है. यह किफायती हैचबैक 20 साल से अधिक समय से भारतीय बाजार में बेची जा रही है, जो इसे देश में सबसे लंबे समय तक चलने वाले नेमप्लेट में से एक बनाता है. पिछले कुछ सालों में ऑल्टो ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार डेवलप की गई है. मारुति सुजुकी फिलहाल भारतीय बाजार में ऑल्टो के10 मॉडल बेच रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि युवा पीढ़ी में मारुति सुजुकी ऑल्टो को लेकर आज भी क्रेज बरकरार है.

वर्ष 2000 में लॉन्च की गई थी ऑल्टो

ऑल्टो को पहली बार 2000 में लॉन्च किया गया था और 2004 तक यह भारत की नंबर 1 बिकने वाली कार बन गई. मारुति सुजुकी ऑल्टो उन कई लोगों की पहली पसंद रही है, जो एक किफायती हैचबैक की तलाश में थे. यह कार कम रखरखाव पर आराम से चलती है. इसके अलावा, ऑल्टो का फीचर अच्छा है और इसमें बैठने वालों के लिए केबिन स्पेस भी काफी है. फिर मारुति सुजुकी के बड़े सर्विस नेटवर्क में यह कार ग्राहकों को भरोसा देती है.

शोरूम में 3.99 लाख से ​​5.96 लाख रुपये में बेची जाती है ऑल्टो के10

फिलहाल, ऑल्टो अपने के10 अवतार में बेची जाती है. इसकी कीमत करीब 3.99 लाख से ​​5.96 लाख रुपये के बीच है. ये दोनों कीमतें एक्स-शोरूम की हैं. इसे केवल 1.0-लीटर डुअलजेट पेट्रोल इंजन के साथ पेश किया गया है, जो 66 बीएचपी और 89 एनएम का टॉक जेनरेट करता है. इसे 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स या 5-स्पीड एएमटी से जोड़ा गया है. इसमें एक सीएनजी पावरट्रेन भी है, जो 56 बीएचपी और 82 एनएम जेनरेट करता है. यह केवल 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है. मारुति सुजुकी ने ऑल्टो को आइडल-इंजन स्टार्ट/स्टॉप तकनीक से भी लैस किया है.

ऑल्टो ने गाड़ा मील का पत्थर

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (मार्केटिंग और सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले 2 दशकों में ऑल्टो ब्रांड ने हमारे ग्राहकों के साथ एक मजबूत भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया है. हमें ऑल्टो की अविश्वसनीय यात्रा पर बेहद गर्व है. 45 लाख ग्राहकों की उपलब्धि हासिल करना हमारे ग्राहकों द्वारा हम पर रखे गए अटूट समर्थन और विश्वास का प्रमाण है. यह एक मील का पत्थर है, जिसे आज तक कोई अन्य कार ब्रांड हासिल नहीं कर सका है.

युवा पीढ़ी में बना रहेगा ऑल्टो का क्रेज

उन्होंने आगे कहा कि ऑल्टो ने लगातार ऑटो इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित किए हैं और भारत की पसंदीदा कार के रूप में अपना प्रभुत्व स्थापित किया है. भारत की युवा आबादी में ऑल्टो का क्रेज बना रहेगा. आमदनी के बढ़ते स्तर आदि को देखते हुए बहुप्रशंसित ऑल्टो जैसी कारों के लिए अपार संभावनाएं बनी रहेंगी और हमें विश्वास है कि ऑल्टो ब्रांड अपनी विरासत और असाधारण स्वामित्व अनुभव से लाखों परिवारों को खुश करना जारी रखेगा.

कीर्तिमान स्थापित करने में लग गए 23 साल

बताते चलें कि साल 2000 में भारत के कार बाजार में हचबैक सेगमेंट में ऑल्टो को पेश करने वाली मारुति सुजुकी ने साल 2008 में इस ब्रांड की करीब 10 लाख यूनिट की बिक्री के साथ एक बेंचमार्क बनाया था. इसके बाद साल 2012 में कंपनी ने करीब 20 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ एक नया रिकॉर्ड कायम किया. आज से करीब तीन साल पहले मारुति सुजुकी ने वर्ष 2020 में ऑल्टो की करीब 40 लाख यूनिट्स बेचकर मील का पत्थर गाड़ा था. अब ऑल्टो ने अपने साथ 45 लाख ग्राहकों को जोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है.

50 लाख के आंकड़े को जल्द पार कर लेगी ऑल्टो

मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि “मारुति सुजुकी ऑल्टो इंडस्ट्री में 2019-2020 तक 16 वर्षों तक सर्वश्रेष्ठ विक्रेता बनी रही और 2004 में नंबर एक कार थी. ऑल्टो हमारे लिए एक अच्छा बिकने वाला मॉडल रहा है. वाहन की प्रति घंटे बिक्री 100 ऑल्टो बेची गई है. बिक्री का एक बड़ा प्रतिशत टियर -2 -3 शहरों में हो रहा है. फिलहाल ऑल्टो के10 पेश करने वाली कंपनी 2025 तक 50 लाख की बिक्री का आंकड़ा पार करने की उम्मीद कर रही है, जबकि अगले 10 लाख की बिक्री 2028 तक करने का लक्ष्य है.

हैचबैक कार की बिक्री में देखी गई वृद्धि

उन्होंने कहा कि कि भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में जब हचबैक सेगमेंट की कारों की बिक्री में गिरावट देखी जा रही है, तो ऐसी विकट स्थिति में भी मारुति सुजुकी ने ऑल्टो को बेचने में कामयाबी हासिल की है. ऑल्टो की मांग को देखकर वाहन निर्माता कंपनी काफी उत्साहित है. वर्ष 2022-23 में हैचबैक सेगमेंट में 20 प्रतिशत का उछाल आया, जिसमें वर्ष 2021-22 में हचबैक कारों की बिक्री 11,52,000 से बढ़कर 13,40,000 हो गई. इस सेगमेंट में कीमत लोच बहुत अधिक है और हमने सामर्थ्य कारक में कमी देखी है और यही कारण है कि वॉल्यूम में गिरावट आई है.

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कोरोना महामारी के बाद बिक्री में आया उछाल

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में कोरोना महामारी के बाद हमने जो उछाल देखा, वह अच्छा था और यह ऐसा इसलिए था, क्योंकि हमने एक उलटफेर देखा. इसमें कीमतें स्थिर हो गईं और लोगों की आमदनी का स्तर पटरी पर लौट गया. यह सेगमेंट आगे भी वापसी कर सकता है, क्योंकि भारत अच्छी आर्थिक वृद्धि वाला एक युवा देश है और वर्कफोर्स में लोगों के लिए परिवहन की आवश्यकता बड़ी है. उन्होंने कहा कि ऑल्टो को पहली बार खरीदने वाले लगभग 45-48 प्रतिशत लोग हैं. यह इस पर भी निर्भर करता है कि क्या पहली बार खरीदने वाले अन्य सेगमेंट में चले जाते हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि निचले स्तर पर ऐसे उपभोक्ता होंगे, जो अन्य सेगमेंट्स में स्थानांतरित नहीं होंगे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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