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Google Doodle Today: पैरालिंपिक गेम्‍स के जनक 'सर लुडविग गट्टमैन' के 122वें जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल, जानें इनके बारे में

Updated at : 03 Jul 2021 12:26 PM (IST)
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Google Doodle Today: पैरालिंपिक गेम्‍स के जनक 'सर लुडविग गट्टमैन' के 122वें जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल, जानें इनके बारे में

Sir Ludwig Guttmann, Google Doodle Today: दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल अपने प्लैटफॉर्म पर हर खास मौके पर डूडल लगाता है. आज 3 जुलाई के दिन गूगल ने अपने डूडल के माध्‍यम से सर लुडविग गट्टमैन काे उनके जन्‍मदिन पर श्रद्धांजलि दे रहा है. जानें इनके बारे में-

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Sir Ludwig Guttmann, Google Doodle Today: दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल अपने प्लैटफॉर्म पर हर खास मौके पर डूडल लगाता है. आज 3 जुलाई के दिन गूगल ने अपने डूडल के माध्‍यम से सर लुडविग गट्टमैन काे उनके जन्‍मदिन पर श्रद्धांजलि दे रहा है.

गूगल ने सर लुडविग गट्टमैन के सम्मान में डूडल बनाया है, जिसे आप गूगल के होम पेज पर देख सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पैरालिंपिक गेम्स की शुरुआत सर लुडविग गट्टमैन की ही देन है. सर लुडविग गट्टमैन को पैरालिंपिक गेम्स का जनक भी कहा जाता है.

गूगल पर बाल्टीमोर के गेस्ट आर्टिस्ट आशांति फोर्टसन ने पैरालिंपिक खेलों के जनक माने जाने वाले जर्मन डॉक्टर सर लुडविन गट्टमैन का डूडल बनाया है. गूगल ने इस डूडल के माध्यम से जर्मनी में जन्मे यहूदी ब्रिटिश न्यूरोलॉजिस्ट, पैरालिंपिक आंदोलन के संस्थापक प्रोफेसर सर लुडविग पोप्पा गट्टमैन को उनके 122वें जन्मदिन पर याद किया है. गट्टमैन के प्रयास के कारण ही आज पैरालिंपिक एथलीटों को उनके कौशल और उपलब्धियों के लिए पहचाना जाता है.

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सर लुडविग गट्टमन को जानें

लुडविग गट्टमैन का जन्म पौलेंड के तोजेक में तीन जुलाई 1899 को हुआ था. गट्टमैन एक जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट थे. रीढ़ की हड्डी की चोटों के इलाज में उन्हें महारत हासिल थी. हिटलर के उदय के बाद सर लुडविग गट्टमैन जर्मनी छोड़कर वर्ष 1939 में इंग्लैंड में बस गए.

वर्ष 1948 में उन्होंने पहली बार दिव्यांगों के लिए आर्चरी (Archery) टूर्नामेंट का आयोजन कराया था. दुनिया में दिव्यांगों के लिए किया गया यह पहला गेम्स इवेंट था. शुरुआती दौर में इसे स्टॉक मेंडेविल्ले गेम्स कहा जाता था, क्योंकि गट्टमैन के अस्पताल का नाम भी स्टॉक मेंडेविल्ले ही था. बाद में इसे पैरालिंपिक गेम्स नाम दिया गया.

वर्ष 1960 में पहली बार पैरालिंपिक गेम्स का आयोजन हुआ और इसका पूरा श्रेय लुडविग गट्टमैन को जाता है. पैरालिंपिक गेम्स की वजह से दिव्यांग-जनों के जीवन को एक नयी दिशा मिली और उन्होंने दुनिया को अपनी काबिलियत दिखाई. बता दें कि इस साल पैरालिंपिक गेम्स 24 अगस्त से 5 सितंबर 2021 के बीच आयोजित होंगे.

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