ePaper

वोट करेंगे, देश गढ़ेंगे, अपनी आवाज खुद बनेंगे

Updated at : 08 Mar 2019 6:53 AM (IST)
विज्ञापन
वोट करेंगे, देश गढ़ेंगे, अपनी आवाज खुद बनेंगे

सीवान : एक समय था जब हमें हमारे पतियों के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब हमारा काम ही हमारी पहचान बन रहा है. धीरे-धीरे ही सही, लेकिन हम महिलाएं सशक्त हो रही हैं. इसके साथ ही हम राजनीति में भी अपनी सशक्त भूमिका निभा रहे हैं. हम वोट कर अपने देश को गढ़ेंगे […]

विज्ञापन
सीवान : एक समय था जब हमें हमारे पतियों के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब हमारा काम ही हमारी पहचान बन रहा है. धीरे-धीरे ही सही, लेकिन हम महिलाएं सशक्त हो रही हैं. इसके साथ ही हम राजनीति में भी अपनी सशक्त भूमिका निभा रहे हैं. हम वोट कर अपने देश को गढ़ेंगे और अपनी आवाज खुद बनेंगे
. ये बात निकलकर सामने आयी विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रभात खबर द्वारा महिलाएं आज और कल व वर्ष 2019 के चुनाव में भागीदारी विषय पर गुरुवार को आयोजित परिचर्चा में.
परिचर्चा रेडक्रॉस परिसर में आयोजित हुई. परिचर्चा का संचालन कर रहीं पूर्व बीडीओ व समाजसेवी तप्ती वर्मा का मानना है कि अपने कर्तव्य बोध को लेकर महिलाओं की मानसिकता में बदलाव आया है. जिसका सकारात्मक प्रभाव उनमें तेजी से हो रहे परिवर्तन के तौर पर सामने आया है.
आधी आबादी को और सशक्त बनाने के लिए उन्होंने शिक्षित मां का होना जरूरी बताया. महिलाओं में आत्मविश्वास का नजीता रहा है कि शिक्षा में इनकी सहभागिता पुरुषों के मुकाबले में बढ़ी है. यहीं कारण है कि देश-विदेश की कई कंपनियों और सरकारी पदों पर महिलाएं आसीन हुई हैं.
वार्ड पार्षद लिसा लाल मानती हैं कि केंद्र सरकार की पहल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी. इस प्रयास ने बेटियों के प्रति सोच ही बदल दी है. जो कल तक परदे के पीछे रखते थे, वहीं आज स्कूल के द्वार तक पहुंचा रहे है.
शराबबंदी के सकारात्मक पहलू को बताते हुए कहा कि पहले की अपेक्षा अब घरेलू हिंसा में कमी आयी है, जबकि वार्ड पार्षद रंजना श्रीवास्तव का मानना है कि विकास के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जरूरी है. वह कहती हैं कि जब से नारियां सशक्त हुई हैं, देश में वोट का प्रतिशत बढ़ा है. आगामी लोकसभा चुनाव में भी जनमत के लिए अधिक से अधिक महिलाओं के भागीदारी जरूरी है.
यह दिखी कसक
प्रभात खबर परिचर्चा में भाग लेने पहुंचीं विभिन्न कामकाजी महिलाओं में कसक साफ देखने को मिली. उनका मानना था कि झांसी की रानी, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, वैज्ञानिक सुनीता विलियम जैसी महिलाओं के समाज में अग्रणी भूमिका निभाने के बाद भी उनके पहनावे पर लोग कमेंट किया जाता है.
महिलाएं 21 वीं सदी में असुरक्षित महसूस कर रही हैं. महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ा है. चाहे वह कोई भी क्षेत्र व स्थान हो. बढ़ते अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हुए इन महिलाओं ने रोड़ा अटकाने की प्रथा को समाप्त करने की मांग की है.
समाज का संकीर्ण सोच बना है बाधक
महिला हेल्पलाइन की श्वेता अब भी आधी आबादी के विकास में समाज की संकीर्ण सोच को बाधक मानती हैं. समाज पर कड़ा प्रहार करते हुए कहती हैं कि बेटियों के उच्चतम सोपान प्राप्त करने से परिवार का स्टेटस बढ़ता है.
महिला हेल्पलाइन की ही पुष्पांजलि मानती हैं कि आधी आबादी के निर्णय लेने की क्षमता का विकास आगे बढ़ने के लिए जरूरी है. परिचर्चा में सत्यभामा, रिंकू कुमारी, नीलम कुमारी, रेखा कुमारी, रंभा कुमारी, सुनीता कुमारी, ऋतिका कुमारी, सपना कुमारी, शोभा कुमारी व मल्लिका कुमारी ने भी अपनी बातें रखीं.
क्या कहा महिलाओं ने
महिलाओं के प्रति समाज में जो परिवर्तन होना चाहिए वह अभी नहीं हुआ है. ये अलग बात है कि उन्होंने अपने बल पर मुकाम हासिल किया है. अपने वाजिब हक से दूर इन महिलाओं के लिए अभी बहुत कुछ बाकी है. जब तक समाज के नेतृत्व में इनकी भागीदारी नहीं बढ़ेगी, दीवारों के लिए से शोभा की वस्तु बनी रहेंगी.
तप्ती वर्मा, पूर्व बीडीओ सह समाजसेवी
राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है. केंद्र सरकार की पहल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी. सोशल मीडिया महिलाओं को बहुत हद तक जागरूक करने का काम कर रहा है. आधी आबादी की विकास के लिए संचालित योजनाओं को धरातल पर उतारने की जरूरत है.
लिसा लाल, वार्ड पार्षद
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola