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पटना : डेंगू से मौत का सिलसिला जारी, दो और की जान गयी, जांच के लिए लगातार आ रहे सैंपल

Updated at : 04 Nov 2018 6:08 AM (IST)
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पटना : डेंगू से मौत का सिलसिला जारी, दो और की जान गयी, जांच के लिए लगातार आ रहे सैंपल

पीएमसीएच में अब तक 924 डेंगू मरीज मिले, जांच के लिए लगातार आ रहे सैंपल पटना : पटना जिले में डेंगू का कहर जारी है. शनिवार को डेंगू से दो और की मौत हो गयी. मृतकों में एक दुल्हिनबाजार का डीलर है तो दूसरी बिहटा की एक महिला है. ऐसे में अब डेंगू से मरनेवालों […]

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पीएमसीएच में अब तक 924 डेंगू मरीज मिले, जांच के लिए लगातार आ रहे सैंपल
पटना : पटना जिले में डेंगू का कहर जारी है. शनिवार को डेंगू से दो और की मौत हो गयी. मृतकों में एक दुल्हिनबाजार का डीलर है तो दूसरी बिहटा की एक महिला है.
ऐसे में अब डेंगू से मरनेवालों का आंकड़ा 10 पर पहुंच गया है. इधर शनिवार को पीएमसीएच में डेंगू के 39 नये मरीज मिले हैं, जिसका इलाज शुरू किया गया. इन मरीजों में 34 मरीज सिर्फ पटना के हैं और पांच मरीज सूबे के दूसरे जिलों के शामिल हैं.
गौरतलब है कि शनिवार तक 924 डेंगू मरीज मिल चुके हैं. वहीं एनएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शनिवार को डेंगू की जांच के लिए 30 सैंपल आये थे. इसमें आठ में बीमारी की पुष्टि हुई है. नोडल पदाधिकारी डॉ संजय कुमार ने बताया कि डेंगू मरीजों की जांच के लिए निरंतर सैंपल आ रहे है.
डेंगू से डीलर की मौत
दुल्हिनबाजार : डेंगू के डंक ने दुल्हिनबाजार के एक डीलर की जान ले ली. लगभग एक हफ्ता पहले दुल्हिनबाजार के एक डीलर पुरुषोत्तम प्रकाश उर्फ नीरज कुमार को डेंगू हो गया था. इलाज के दौरान शुक्रवार की रात उनकी मौत हो गयी. वह दुल्हिनबाजार के बड़की खड़वां गांव का रहने वाले थे और दुल्हिनबाजार में जनवितरण प्रणाली की दुकान चलाते थे. फिलहाल वह परिवार के साथ पटना में रहते थे.
बताया जाता है कि उन्हें लगभग पांच दिन पहले डेंगू हो गया था. मौत के बाद से उनके परिवार में मायूसी छा गयी है. उनकी एक बेटी और एक बेटा का भी रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं, डेंगू से मौत के बाद से इलाके के लोग सहमे हुए हैं.
बिहटा में डेंगू से महिला की मौत
बिहटा : बिहटा के समसारा गांव में शनिवार को डेंगू से एक महिलाकी मौत हो जाने का मामला प्रकाश में आया है. मृत महिला सेवानिवृत्त सचिवालयकर्मी काशीनाथ सिन्हा की धर्मपत्नी उमा सिन्हा थी.
बताया जाता है कि बीमार होने पर उमा सिन्हा को उनके परिजन इलाज के लिए पटना के पारस हॉस्पिटल ले गये थे जहां जांच के क्रम में डेंगू होने की बात डॉक्टरों ने बतायी थी.
हॉस्पिटल में जगह नहीं होने के कारण परिजनों ने उन्हें दो दिन पहले राजेंद्र नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था जहां इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गयी. डेंगू से हुए मौत की खबर के बाद प्रखंड वासी स्वास्थ्य विभाग के उदासीन रवैये से आक्रोशित हैं.
एसडीआरएफ के जवान भी डेंगू की चपेट में
पटना सिटी : गायघाट में स्थित कैंप में रह रहे एसडीआरएफ टीम के दो जवान भी डेंगू की चपेट में आ गये हैं. दोनों जवान को उपचार के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
राजद महिला प्रकोष्ठ की महासचिव राजमंती पांडे ने डेंगू मच्छरों से निबटने के लिए निगम की ओर से फॉगिंग नहीं कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी की बात तो दूर महापौर सीता साहू के वार्ड में भी फॉगिंग नहीं हो रही है. निगम प्रशासन और विभाग इस मामले में कितना सक्रिय है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.
पटना में चिकनगुनिया की भी दहशत
पटना : पटना में डेंगू के डंक के बाद अब चिकनगुनिया का कहर बरपना शुरू हो गया है. पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वायरोलॉजी विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी तक चिकनगुनिया के 130 से अधिक मामले आ चुके हैं.
वहीं इससे पीड़ित होकर पांच मरीज पीएमसीएच में भर्ती भी हैं. हालांकि चिकनगुनिया से अभी तक किसी के मौत की खबर नहीं है. हालांकि डेंगू के मामले भी तेजी से आ रहे हैं. पीएमसीएच में पिछले साल अक्टूबर महीने तक 103 चिकनगुनिया के मरीज मिले थे. हालांकि चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए अंदाजा लग रहा है कि पिछले साल के आंकड़े को नये आंकड़े पीछे छोड़ देंगे.
प्रदेश के 12 जिलों में है चिकनगुनिया का कहर
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 13 ऐसे जिले हैं, जहां चिकनगुनिया के अधिक मरीज मिल रहे हैं. हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन जिलों में बचाव को लेकर विशेष अभियान चला रहा है. 13 जिलों में पटना, जहानाबाद, सीवान, चंपारण, वैशाली, गया, नवादा, औरंगाबाद, बेगूसराय, मधुबनी, गोपालगंज और समस्तीपुर जिले शामिल हैं. इन जिलों में रोजाना एक से दो चिकनगुनिया के मरीज सामने आ रहे हैं.
हर साल शरीर की रूटीन जांच जरूर कराएं
डॉक्टरों की मानें तो अगर स्वस्थ रहना है तो हर साल शरीर की रूटीन जांच जरूर करा लें. वर्तमान समय में कई ऐसे पैथोलॉजी लैब अलग-अलग तरह की सुविधाएं दे रही हैं. इनमें घर आकर ब्लड, यूरिन कलेक्शन कर लिया जाता है.
इसमें दो से तीन दिन बाद पूरे शरीर की जांच रिपोर्ट दे दी जाती है. इसके अलावा ईको, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी आदि ऐसे रेडियोलॉजी जांच हैं, जिनमें शरीर की जांच होती है. इन जांचों पर महज पांच से छह हजार रुपये खर्च होते हैं.
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