Amit Shah: अमित शाह के घर पर क्यों मिलने जा रहे हैं मांझी? क्या 40 सीट वाली मांग मानी जाएगी
अमित शाह और जीतन राम मांझी
Amit shah: जीतन राम मांझी की आज की अमित शाह से मुलाकात को लेकर सियासी फिजाओं में चर्चा तेज है. इस मुलाकात में एनडीए के भीतर सीटों का बंटवारा किस फार्मूले के तहत होगा और क्या छोटे दलों की मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा, इस पर चर्चा हो सकती है.
Amit shah: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है. एनडीए और महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री और ‘हम’ पार्टी के संस्थापक जीतन राम मांझी आज मंगलवार शाम 6:30 बजे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली आवास पर मुलाकात करेंगे. बिहार चुनाव के मद्देनजर यह मुलाकात काफी अहम है.
कर सकते हैं सीट बंटवारे पर स्पष्टता की मांग
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक के केंद्र में बिहार विधानसभा चुनाव होगा. मांझी एनडीए के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर अपनी स्थिति साफ करना चाहेंगे. जीतन राम मांझी दावा करते हैं कि उन्हें बिहार में मजबूत जनाधार प्राप्त है और इस आधार पर उन्हें एनडीए में अधिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए.
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कितनी सीटों की मांग की थी
पिछले दिनों मांझी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बिहार के विभिन्न जिलों में बैठकें की. इन बैठकों में उन्होंने साफ कहा है कि आगामी चुनाव में उनकी पार्टी के 20 से 25 विधायक विधानसभा पहुंचने चाहिए. इसके लिए उन्हें गठबंधन से कम से कम 30 से 40 सीटों पर उम्मीदवार पड़ेगा.
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सीट पर खींचतान
बिहार एनडीए में फिलहाल बीजेपी, जेडीयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी और जीतन राम मांझी की हम पार्टी शामिल हैं. हर दल आगामी चुनाव में अधिक से अधिक सीटें हासिल करने की जुगत में लगा है. ऐसे में सीट शेयरिंग को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल शुरू हो गया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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