Lalu Family Controversy: 'महिलाएं कोमल होती हैं, कमजोर नहीं', रोहिणी आचार्य विवाद मामले पर बोली जदयू MLA

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 17 Nov 2025 5:19 PM

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कोमल सिंह

Lalu Family Controversy: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में गायघाट सीट से विधायक बनी कोमल सिंह ने कहा है कि NDA सरकार में ही प्रदेश की महिला सशक्त हुई है. रोहिणी आचार्य विवाद मामले में उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी दोनों को बराबर सम्मान मिलना चाहिए.

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Lalu Family Controversy: बिहार में रोहिणी आचार्य विवाद के बाद एनडीए के नेता लगातार राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर हमलावर हैं. इसी कड़ी में गायघाट से जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने कहा कि महिलाएं भले ही कोमल होती हैं, लेकिन कमजोर बिल्कुल नहीं होती. उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को आज नई ताकत मिली है. महिलाओं का सशक्तिकरण, रोजगार से जुड़ी पहलें और घर से बाहर निकलने का माहौल, ये सब एनडीए सरकार की ही देन है.

दोनों को बराबर सम्मान मिलना चाहिए

रोहिणी आचार्य के मामले पर विधायक ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें भी कई तरह की बातें सुननी पड़ीं. बेटे और बेटी दोनों को बराबर सम्मान मिलना चाहिए. बिहार की जनता बेटियों को मान-सम्मान देती है और इसी का उदाहरण है कि आज कई बेटियां चुनाव जीतकर आ रही हैं. किसी भी महिला का अपमान नहीं होना चाहिए. एनडीए की बड़ी जीत पर उन्होंने बिहारवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस बार लोगों ने जाति-पात से ऊपर उठकर विकास को वोट दिया है. जैसे देश तरक्की कर रहा है, वैसे ही बिहार भी आगे बढ़ रहा है.

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क्या बोलीं थी रोहिणी

चुनाव नतीजों के बाद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपने साथ हुई बदसलूकी का जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि उन्हें गालियां दी गईं और किडनी दान को लेकर अपमानित किया गया. रोहिणी ने कहा कि वह सभी शादीशुदा बेटियों से कहेंगी कि मायके की जिम्मेदारियों में खुद को न झोंकें और पहले अपने परिवार और बच्चों को प्राथमिकता दें. उन्होंने बताया कि पिता को किडनी देने के कारण आज उन्हें ही ताना सुनना पड़ रहा है, इसलिए ऐसी गलती कोई बेटी न दोहराए.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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