यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का दावा: ईरान के हमले से पहले रूस ने लीं अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें

Author Govind jee
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तस्वीर में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की.

Zelenskyy Claims: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस और ईरान के बीच खतरनाक खुफिया गठबंधन का खुलासा किया है. सैटेलाइट डेटा के जरिए उन्होंने दावा किया कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और ब्रिटिश सैन्य ठिकानों की जासूसी की जा रही है. साथ ही, जेलेंस्की ने रूस पर लगे सैंक्शन में ढील देने पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं.

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Zelenskyy Claims: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक सनसनीखेज दावा किया है. उनका कहना है कि ईरान द्वारा किए गए हमले से ठीक पहले रूस के सैटेलाइट्स ने खाड़ी क्षेत्र (गल्फ रीजन) में मौजूद अमेरिकी एयर बेस की कई बार तस्वीरें ली थीं. जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने सऊदी अरब के ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ की जासूसी की है.

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तारीख के अनुसार: जासूसी का दिन

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि रूसी सैटेलाइट्स ने 24 और 25 मार्च को इन बेस की तस्वीरें खींची थीं. उनके अनुसार:

  • 24 मार्च: हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-यूके के जॉइंट बेस ‘डिएगो गार्सिया’, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और ‘ग्रेटर बर्गन’ तेल क्षेत्र की तस्वीरें ली गईं.
  • 25 मार्च: सऊदी अरब के ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ की तस्वीरें कैप्चर की गईं.
  • 26 मार्च: सऊदी अरब के ‘शायबाह’ तेल-गैस क्षेत्र, तुर्की के ‘इर्न्सिलिक एयर बेस’ और कतर के ‘अल उदेद एयर बेस’ की जासूसी हुई.

सैंक्शन हटाने के फैसले पर उठाए सवाल

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इस बात पर हैरानी जताई कि जब रूस खुलेआम ईरान को खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस) दे रहा है, तो उस पर से प्रतिबंध (सैंक्शन) कम करने की बात क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि रूस इन जानकारियों का इस्तेमाल अमेरिका, यूके और मिडिल ईस्ट के ठिकानों पर हमला करवाने के लिए कर रहा है. जेलेंस्की के मुताबिक, रूस यूक्रेन के ठिकानों को छोड़कर सिर्फ विदेशी सैन्य अड्डों की निगरानी कर रहा है, जो उनकी नीयत पर सवाल खड़े करता है.

डिफेंस टेक्नोलॉजी में यूक्रेन बना नया हब

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अब ड्रोन वॉरफेयर और इलेक्ट्रॉनिक डिफेंस सिस्टम में काफी आगे निकल चुका है. उन्होंने बताया कि यूक्रेन के पास भले ही ‘पैट्रियट’ मिसाइलें कम हों, लेकिन उनका अपना डिफेंस सिस्टम किसी भी हमले को रोकने के लिए तैयार है. यूक्रेन अब अपनी इस तकनीक और ईरान के ‘शाहेद’ ड्रोन्स से निपटने के अनुभव को मिडिल ईस्ट के देशों के साथ साझा कर रहा है.

सऊदी अरब और कतर के साथ 10 साल की डील

यूक्रेन ने रक्षा और एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर सऊदी अरब और कतर के साथ 10 साल का बड़ा समझौता किया है. इस डील के तहत हथियारों का मिलकर उत्पादन (को-प्रोडक्शन) किया जाएगा. साथ ही, डीजल की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भी समझौता हुआ है. जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने कम से कम एक साल तक डीजल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए सहमति बना ली है.

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रूस और ईरान के बीच बातचीत

इसी बीच, 27 मार्च को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत हुई. रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने पर चर्चा की.

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