नोवामुंडी के पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में अंग्रेजी कार्यशाला का आयोजन

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 15 May 2026 9:23 PM

विज्ञापन

नोवामुंडी के पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर के कार्यशाल में उपस्थित लोग और नीचे प्रतियोगिता में शामिल महिलाएं.

Noamundi News: नोवामुंडी के पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में संकुल स्तरीय अंग्रेजी कार्यशाला आयोजित हुई. प्रशिक्षण में अंग्रेजी शिक्षण की नई पद्धतियों, टीएलएम के उपयोग, बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने और पूर्ण अंग्रेजी संभाषण पर विशेष चर्चा की गई. विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक कार्यक्रम में शामिल हुए. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Noamundi News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी स्थित पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में शुक्रवार को संकुल स्तरीय अंग्रेजी कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए आचार्य और दीदीजी ने भाग लिया. कार्यशाला का उद्देश्य अंग्रेजी शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और व्यवहारिक बनाना था. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा पालित ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान शिक्षकों ने नई शिक्षण पद्धतियों, कक्षा प्रबंधन और बच्चों की भाषा दक्षता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की.

अंग्रेजी शिक्षण को रोचक बनाने पर जोर

कार्यशाला में शिक्षकों को बताया गया कि बच्चों को अंग्रेजी सिखाने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाना जरूरी है. विशेष रूप से शिशु वाटिका और प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को खेल-खेल में अंग्रेजी सिखाने की तकनीकों पर चर्चा की गई. प्रशिक्षकों ने कहा कि यदि बच्चों को छोटी उम्र से ही अंग्रेजी के वातावरण में रखा जाए तो उनकी भाषा समझने और बोलने की क्षमता तेजी से विकसित होती है. इसके लिए कक्षा में अधिक से अधिक अंग्रेजी संभाषण का प्रयोग करने की सलाह दी गई.

‘ॐ’ ध्वनि से एकाग्रता बढ़ाने पर चर्चा

कार्यशाला के दौरान बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने के उपायों पर भी विशेष चर्चा हुई. प्रशिक्षकों ने बताया कि पढ़ाई शुरू करने से पहले ‘ॐ’ ध्वनि का उच्चारण बच्चों के मानसिक संतुलन और ध्यान केंद्रित करने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा कक्षा में बच्चों की बैठने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया गया. कहा गया कि यदि बच्चों को व्यवस्थित तरीके से बैठाया जाए तो उनका ध्यान पढ़ाई में अधिक लगता है और अनुशासन भी बेहतर होता है.

टीएलएम के प्रभावी उपयोग की दी जानकारी

कार्यक्रम में टीचर लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) के उपयोग को लेकर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया. शिक्षकों को बताया गया कि चित्र, चार्ट, कार्ड और अन्य शिक्षण सामग्रियों के माध्यम से बच्चों को कठिन विषय भी आसानी से समझाए जा सकते हैं. प्रशिक्षकों ने यह भी कहा कि अंग्रेजी के बड़े शब्दों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर बच्चों को पढ़ाने से उन्हें शब्द याद रखने में आसानी होती है. साथ ही कहानी, कविता और संवाद आधारित गतिविधियों को भी बेहद प्रभावी बताया गया.

पूर्ण अंग्रेजी संभाषण पर दिया गया बल

कार्यशाला में कक्षा प्रथम से पंचम तक की अंग्रेजी कक्षाओं में पूरी तरह अंग्रेजी में संवाद करने पर विशेष जोर दिया गया. शिक्षकों से कहा गया कि बच्चों को शुरुआत से ही अंग्रेजी सुनने और बोलने का अभ्यास कराया जाए. इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भाषा को जल्दी सीख पाएंगे. प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि बच्चों को रोजमर्रा की छोटी-छोटी गतिविधियों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने के लिए प्रेरित करना चाहिए.

शिक्षकों ने प्रस्तुत किए स्वयं निर्मित टीएलएम

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए स्वयं निर्मित टीएलएम रहे. आचार्य और दीदीजी ने अपने-अपने शिक्षण सामग्रियों की प्रस्तुति दी और बताया कि किस प्रकार वे इनका उपयोग कक्षा शिक्षण में करते हैं. सभी प्रतिभागियों ने शिक्षण कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित शिक्षकों और प्रशिक्षकों ने सराहना की. इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान भी हुआ.

इसे भी पढ़ें: चिलचिलाती धूप में दहकते अंगारों पर चले शिवभक्त, वैशाख संक्रांति पर दिखाई हठभक्ति

कई विद्यालयों के शिक्षक रहे उपस्थित

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा पालित, बड़ाजामदा के प्रधानाचार्य पशुपति नाथ चौधरी सहित विभिन्न संकुलों के आचार्य और दीदीजी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में बड़ाजामदा से सी. पिंकी कुमारी, कोटगढ़ से सुनीता चतोम्बा, जगन्नाथपुर से संध्या रानी महतो और तेजी रानी चातर, हाट गमहरिया से अभिषेक भार्गव तथा नोवामुंडी से बैजन्ती पान, पुष्पा गोप और सरिता पूर्ती प्रमुख रूप से शामिल हुए.

इसे भी पढ़ें: दीपिका पांडेय सिंह से मिले मिथिलेश ठाकुर, पलामू प्रमंडल की विकास योजनाओं पर हुई चर्चा

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola