World Updates: फिलीपींस में 350+ यात्रियों वाली नाव डूबी, US में बर्फीला तूफान क्यों? इजरायल का गाजा में अभियान, IS ने ली 25 लोगों की जान यूक्रेन को 100% सुरक्षा गारंटी की उम्मीद

वर्ल्ड अपडेट की 6 खबरें. फोटो- एआई जेनरेटेड.
World Updates: पूर्व से लेकर पश्चिम तक दुनिया भर में हलचल रही. फिलीपींस में 350 लोगों को लेकर जा रही एक नाव पलट गई, इसमे से अभी तक 15 लोगों का शव बरामद हुआ है. अमेरिका में बर्फीला तूफान काफी असर डाल रहा है, लेकिन यह आता ही क्यों है? यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अमेरिका की गारंटी वाला दस्तावेज 100% तैयार है. गाजा में अंतिम बंधक की तलाश के लिए इजरायल ‘बड़े पैमाने पर अभियान’ चला रहा है. वहीं, पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने हमला करके 25 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इन घटनाओं के साथ दुनिया को एक और नुकसान हुआ. चेचक उन्मूलन में सबसे आगे रहकर बड़ी भूमिका निभाने वाले डॉक्टर विलियम फोएज का निधन हो गया.
World Updates: दक्षिणी फिलीपीन में 350 से अधिक लोगों को लेकर जा रही एक नौका आधी रात के बाद डूब गयी. इसके बाद बचावकर्मियों ने कम से कम 316 यात्रियों को बचाया तथा 15 शव बरामद किए हैं. तटरक्षक बल के अधिकारियों ने बताया कि अंतर-द्वीपीय मालवाहक और यात्री नौका एम/वी त्रिशा केरस्टिन-3 जाम्बोआंगा बंदरगाह शहर से सुलु प्रांत के दक्षिणी जोलो द्वीप की ओर जा रही थी. नौका में 332 यात्री और चालक दल के 27 सदस्य सवार थे तभी तकनीकी खराबी आने के बाद नौका डूब गयी.
बचाए गए यात्रियों में से एक मोहम्मद खान ने बताया कि नौका अचानक एक तरफ झुक गई और उसमें पानी भर गया, जिससे लोग अंधेरे में समुद्र में गिर पड़े. नौका में खान और उनकी पत्नी भी शामिल थीं, जो अपने छह महीने के बच्चे को गोद में लिए हुए थीं. उन्हें और उनकी पत्नी को बचा लिया गया, लेकिन उनका बच्चा डूब गया.
तटरक्षक बल के कमांडर रोमेल दुआ ने बताया कि तटरक्षक बल और नौसेना के जहाज, एक निगरानी विमान, वायु सेना का एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और मछली पकड़ने वाली नौकाओं का बेड़ा बासिलान के तट पर खोज और बचाव अभियान चला रहे थे.
जहां नौका डूबी, उसके पास स्थित द्वीपीय प्रांत बासिलान के गवर्नर मुजीव हातामन ने बताया कि यात्रियों और दो शवों को प्रांतीय राजधानी इसाबेला लाया गया है. तटरक्षक बल ने बताया कि 316 यात्रियों को बचा लिया गया और कम से कम 15 शव बरामद किए गए हैं.
दुआ ने बताया कि अभी नौका डूबने की वजह पता नहीं चली है और घटना की जांच की जाएगी. फिलीपीन द्वीपसमूह में समुद्री दुर्घटनाएं आम हैं, जिनका कारण अक्सर भीषण तूफान, नौकाओं का खराब रखरखाव, अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा नियमों के क्रियान्वयन में शिथिलता को माना जाता है.
सर्दियों की अपेक्षाकृत गर्म शुरुआत अमेरिका में तूफान की तीव्रता बढ़ाने में मददगार हुई
अमेरिका के मध्य और पूर्वी हिस्सों में आया भीषण शीतकालीन तूफान टेक्सास से न्यू इंग्लैंड तक कई राज्यों को प्रभावित कर रहा है. भारी बर्फबारी, ओले और बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई राज्यों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है, जबकि मौसम विभाग ने खतरनाक ठंड, बाधित यातायात और बिजली आपूर्ति ठप होने की चेतावनी दी है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों की अपेक्षाकृत गर्म शुरुआत के बाद अचानक आई ठंड कई लोगों के लिए चौंकाने वाली है, लेकिन यही गर्मी इस तूफान की तीव्रता बढ़ाने में सहायक भी बनी. मौसम और जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे भीषण शीतकालीन तूफान कई कारकों के एक साथ सक्रिय होने से बनते हैं.
आमतौर पर शीतकालीन तूफान तब विकसित होते हैं जब सतह के पास गर्म और ठंडी हवाओं के बीच तापमान में अंतर हो और ‘जेट स्ट्रीम’ दक्षिण की ओर झुक जाए. इस बार उत्तर से आई मजबूत आर्कटिक ठंडी हवा ने दक्षिण की गर्म हवा के साथ ऐसा ही तापमान अंतर पैदा किया. ‘जेट स्ट्रीम’ में मौजूद कई व्यवधानों ने वर्षा के अनुकूल परिस्थितियां बनाईं और तूफान को मेक्सिको की खाड़ी के असामान्य रूप से गर्म पानी से बड़ी मात्रा में नमी मिली.
वैज्ञानिकों ने इस तूफान में ‘पोलर वॉर्टेक्स’ की भूमिका को भी अहम बताया है. ‘पोलर वॉर्टेक्स’ उत्तरी ध्रुव के चारों ओर तेज गति से घूमने वाली ठंडी हवाओं की प्रणाली है, जो वायुमंडल की ऊपरी परत ‘स्ट्रैटोस्फियर’ में स्थित होती है. सामान्य तौर पर यह ध्रुव के पास सीमित रहती है, लेकिन कभी-कभी यह दक्षिण की ओर खिसक जाती है.
जब ‘पोलर वॉर्टेक्स’ अमेरिका के ऊपर ‘जेट स्ट्रीम’ के साथ मेल खाता है, तो इससे ‘जेट स्ट्रीम’ में उत्तर-दक्षिण दिशा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है. इससे ठंडी हवा सतह तक तेजी से पहुंचती है और भारी बर्फबारी व कड़ाके की ठंड के हालात बनते हैं.
जनवरी 2026 के इस तूफान के दौरान ‘पोलर वॉर्टेक्स’ और ‘जेट स्ट्रीम’ का ऐसा ही मजबूत मेल देखा गया. विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही पृथ्वी समग्र रूप से गर्म हो रही है और औसतन बर्फबारी घट रही है, इसका मतलब यह नहीं कि गंभीर शीतकालीन तूफान समाप्त हो जाएंगे. कुछ शोध बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण ठंड की घटनाएं कम हो सकती हैं, लेकिन जब वे होंगी, तो उनकी तीव्रता बनी रह सकती है.
इसके अलावा, महासागरों के गर्म होने से वाष्पीकरण बढ़ता है और वातावरण में अधिक नमी उपलब्ध होती है. यह नमी तूफानों को अतिरिक्त ऊर्जा देती है, जिससे वे और अधिक शक्तिशाली बन सकते हैं. वहीं, तापमान के अंतर में कमी कुछ स्थितियों में तूफानों को कमजोर भी कर सकती है, जिससे भविष्य के रुझानों का आकलन जटिल हो जाता है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि बदलते जलवायु परिदृश्य में सबसे तीव्र शीतकालीन तूफानों के और अधिक शक्तिशाली होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. साथ ही, बर्फ के बजाय जमाव वाली बारिश और ओले गिरने की घटनाएं बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
यूक्रेन के लिए अमेरिकी सुरक्षा गारंटी से जुड़ा दस्तावेज ‘100 प्रतिशत तैयार’ : जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि उनके युद्धग्रस्त देश के लिए अमेरिकी सुरक्षा गारंटी से जुड़ा दस्तावेज दो दिनों तक चली वार्ता के बाद अब ‘100 प्रतिशत तैयार’ है. इस वार्ता में यूक्रेन, अमेरिका और रूस के प्रतिनिधि शामिल थे.
लिथुआनिया की यात्रा के दौरान राजधानी विलनियस में पत्रकारों से बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अब अपने साझेदारों द्वारा दस्तावेज पर हस्ताक्षर की तारीख तय किए जाने का इंतजार कर रहा है. इसके बाद यह दस्तावेज पुष्टि (अनुमोदन) के लिए अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेनी संसद में भेजा जाएगा.
जेलेंस्की ने 2027 तक यूरोपीय संघ की सदस्यता हासिल करने के यूक्रेन के लक्ष्य को भी दोहराया और इसे ‘‘आर्थिक सुरक्षा की गारंटी’’ बताया. यूक्रेनी राष्ट्रपति ने संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में हुई बातचीत को हाल के वर्षों में पहली ऐसी त्रिपक्षीय वार्ता बताया, जिसमें केवल राजनयिक ही नहीं, बल्कि तीनों पक्षों के सैन्य प्रतिनिधि भी शामिल थे.
शुक्रवार से शुरू होकर शनिवार तक चली ये वार्ताएं रूस के लगभग चार साल से जारी पूर्ण पैमाने के आक्रमण को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा थीं. जेलेंस्की ने माना कि यूक्रेन और रूस के रुख में बुनियादी मतभेद बने हुए हैं और क्षेत्रीय मुद्दा अब भी सबसे बड़ा विवाद बिंदु है.
चेचक उन्मूलन में अग्रणी रहे डॉ. विलियम फोएज का निधन
दुनिया भर से चेचक के उन्मूलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले डॉ. विलियम फोएगे का निधन हो गया है. वह 89 वर्ष के थे. ‘टास्क फोर्स फॉर ग्लोबल हेल्थ’ के अनुसार, फोएगे का शनिवार को निधन हो गया. फोएगे ‘टास्क फोर्स फॉर ग्लोबल हेल्थ’ के सह-संस्थापक थे. चेचक उन्मूलन को सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है.
चेचक रोग मानव इतिहास की सबसे घातक बीमारियों में से एक रहा है. दिसंबर 2011 में हेंडरसन डीए की रिसर्च पेपर- चेचक का उन्मूलन: अतीत, वर्तमान और भविष्य का एक अवलोकन के अनुसार, 20वीं सदी में इस बीमारी से लगभग 30 करोड़ लोग मारे गए थे. इसका उन्मूलन बहुत जरूरी था.
फोएगे का जन्म 12 मार्च 1936 को हुआ था. उनके पिता लूथरन पादरी थे. उनकी रुचि 13 साल की उम्र में वाशिंगटन के कॉलविल में एक दवाखाने में काम करते समय चिकित्सा में पैदा हुई.छह फुट सात इंच लंबे फोएगे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में अलग नजर आते थे. तेज दिमाग और शांत स्वभाव वाले फोएगे में संक्रामक रोगों को काबू करने की गहरी समझ और व्यावहारिक कौशल था.
उन्होंने 1961 में वाशिंगटन विश्वविद्यालय से चिकित्सा की डिग्री और 1965 में हार्वर्ड से जनस्वास्थ्य में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की. वह 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के दशक के शुरुआती वर्षों में अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के निदेशक रहे. बाद में उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के अभियानों में भी अहम भूमिका निभाई.
हालांकि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि चेचक उन्मूलन की दिशा में किया उनका काम है. अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2012 में फोएगे को ‘मेडल ऑफ फ्रीडम’ से सम्मानित किया जो देश का सर्वोच्च असैन्य सम्मान है.
गाजा में अंतिम बंधक की तलाश के लिए इजरायल का ‘बड़े पैमाने पर अभियान’, रफाह क्रॉसिंग खोलने पर मंथन
इजरायल का कहना है कि उसकी सेना गाजा में बचे अंतिम बंधक का पता लगाने के लिए “बड़े पैमाने पर अभियान” चला रही है. यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका और अन्य मध्यस्थ इजरायल और हमास पर युद्धविराम के अगले चरण के लिए दबाव बना रहे हैं. हाल ही में इजरायल की कैबिनेट ने मिस्र के साथ गाजा के अहम रफाह सीमा क्रॉसिंग को खोलने की संभावना पर चर्चा की और इसके अगले दिन अमेरिकी दूतों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से आगे की रणनीति पर बातचीत की.
शेष बचे बंधक रान ग्विली की वापसी से रफाह क्रॉसिंग खोलने की राह की अंतिम बाधा दूर हो जाएगी और यह अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के दूसरे चरण का संकेत होगा. रविवार देर रात प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि खोज अभियान “पूरा हो जाने और अमेरिका के साथ हुए समझौते के अनुरूप” रफाह क्रॉसिंग खोल दी जाएगी.
10 अक्टूबर से लागू युद्धविराम के पहले चरण में सभी शेष बंधकों (जीवित या मृत) की वापसी प्रमुख शर्त रही है. इससे पहले दिसंबर की शुरुआत में इजरायली बंधक को रिहा किया गया था. इजरायली सेना ने बताया कि वह उत्तरी गाजा में येलो लाइन के पास एक कब्रिस्तान में तलाश कर रही है, जो इजरायल-नियंत्रित क्षेत्रों को चिह्नित करती है.
एक अलग बयान में सेना के एक अधिकारी ने कहा कि ग्विली को शुजाइय्या-दाराज तुफ्फाह इलाके में दफनाया गया हो सकता है और रब्बी तथा दंत विशेषज्ञ विशेष खोज दलों के साथ मौके पर मौजूद हैं. ग्विली के परिवार ने सरकार से आग्रह किया है कि उनके अवशेष लौटने तक युद्धविराम का दूसरा चरण शुरू न होने पाए. हालांकि दबाव बढ़ रहा है और ट्रंप प्रशासन ने हाल के दिनों में दूसरे चरण की शुरुआत होने की घोषणा की है.
इजरायल ने हमास पर अंतिम बंधक की बरामदगी में देरी का आरोप लगाया है. वहीं हमास ने रविवार को कहा कि उसने ग्विली के अवशेषों से जुड़ी उपलब्ध सभी जानकारी साझा कर दी है. उसने इजरायल पर उसके सैन्य नियंत्रण वाले गाजा क्षेत्रों में खोज प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया.
इस बीच, पूर्वी यरुशलम में फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के बंद मुख्यालय में रात के दौरान आग लगा दी गई. यह घटना इजरायली बुलडोजरों द्वारा परिसर के कुछ हिस्सों को ढहाए जाने के कुछ दिनों बाद हुई. एजेंसी के वेस्ट बैंक निदेशक रोलांड फ्रेडरिक ने कहा कि रात में इजरायली बस्ती वालों को मुख्य इमारत से फर्नीचर लूटते देखा गया और बाड़ को कई जगह काटा गया.
इजरायल के अग्निशमन विभाग ने कहा कि आग फैलने से रोकने के लिए दल भेजे गए. इजरायल लंबे समय से एजेंसी पर हमास के प्रभाव का आरोप लगाता रहा है. यूएनआरडब्ल्यूए नेतृत्व ने इन आरोपों से इनकार किया है.
पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट समर्थित समूह के हमले में 25 लोगों की मौत: मानवाधिकार समूह
पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े एक समूह के हमले में रविवार तड़के कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. इतूरी प्रांत में स्थित एक मानवाधिकार समूह ने यह जानकारी दी. समूह ने बताया कि ‘एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्स’ (एडीएफ) के हमले में मारे गए लोगों में 15 पुरुष शामिल हैं, जिन्हें एक घर में जिंदा जला दिया गया और सात लोगों को इतूरी प्रांत के इरूमू क्षेत्र में अपाकुलु गांव में गोली मार दी गई. इसके अलावा तीन अन्य लोग वलेसे वोंकुटु प्रशासनिक क्षेत्र में मारे गए.
‘कन्वेंशन फॉर द रिस्पेक्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स’ के अध्यक्ष क्रिस्टोफ मुन्यांदेरू ने कहा, ‘‘यह त्रासदी सुबह करीब चार बजे हुई और इसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. एडीएफ का यह हमला वास्तव में एक नरसंहार है.’’ इस संबंध में एडीएफ की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया.
कांगो के पूर्वी क्षेत्र में हाल के महीनों में एडीएफ और रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही समूह सहित सशस्त्र समूहों के कई हमले हुए हैं. युगांडा और कांगो के बीच सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय एडीएफ ने कई आम नागरिकों की हत्या की है.
यह समूह युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के शासन के खिलाफ विद्रोह से उभरा था, लेकिन युगांडा की सेना के हमलों के बाद इसे कांगो की ओर धकेल दिया गया. पिछले जुलाई में इसने कई हमले किए थे जिनमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे. युगांडा और कांगो की सशस्त्र सेनाएं इस समूह के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही हैं.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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