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मादुरो को पकड़ने के लिए US ने कौन सा हथियार चलाया था? ट्रंप ने बताया नाम, फिर कहा- ज्यादा बताने की इजाजत नहीं

26 Jan, 2026 2:31 pm
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Donald Trump names Weapon used in Venezuela to capture Maduro.

अमेरिकी सैनिकों की हिरासत में मादुरो (बाईं ओर) यूएसए के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाईं ओर). फोटो- एक्स.

US Weapon Venezuela Raid Capture Nicolas Maduro: अमेरिका ने वेनेजुएला में सीधी सैन्य कार्रवाई करते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने जिस हथियार का इस्तेमाल किया था, उसके बारे में तरह-तरह की बातें की गई. अब डोनाल्ड ट्रंप ने इस हथियार के बारे में थोड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बस इसका नाम बताया, इसके बाद कहा कि इससे ज्यादा नहीं बता सकता.

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US Weapon Venezuela Raid Capture Nicolas Maduro: अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला में तख्तापलट कर दिया. यह कोई लुका-छिपी वाला खेल नहीं था. अमेरिकी सैनिकों ने बोलिवेरियन रिपब्लिक ऑफ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर से (बिस्तर से: टू बी प्रिसाइज) गिरफ्तार कर लिया. किसी देश के राष्ट्रपति के साथ ऐसा करना कोई मामूली बात नहीं. जाहिर है इसमें सैन्य नुकसान भी हुआ, सैनिक मारे गए; जिनकी संख्या लगभग 79 तक बताई गई. लेकिन अमेरिकी सैनिकों ने ऐसा कैसे किया? इस बारे में सैनिकों ने अलग-अलग बातें कीं. अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ऐसे गुप्त हथियार का जिक्र किया है, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वे खुलकर बात नहीं कर सकते. ट्रंप के मुताबिक, इसी रहस्यमयी तकनीक का इस्तेमाल निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के दौरान वेनेजुएला के सैन्य उपकरणों को बेअसर करने में किया गया.

न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में इस हथियार को “द डिसकॉम्बोबुलेटर” कहा. उन्होंने अपनी बात में आगे जोड़ा कि उन्हें इसके बारे में ज्यादा बताने की इजाजत नहीं है. इससे पहले भी वे यह कह चुके हैं कि मादुरो के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कराकास शहर की लगभग सारी लाइटें बंद कर दी गई थीं, लेकिन कैसे किया गया, यह उन्होंने नहीं बताया.

उन्होंने कहा था कि इस हथियार की वजह से वेनेजुएला की सैन्य मशीनें ठीक से काम नहीं कर पाईं. ट्रंप का दावा है कि वहां मौजूद रॉकेट सिस्टम चालू ही नहीं हो सके. ट्रंप ने कहा, “वे अपने रॉकेट दाग ही नहीं पाए. उनके पास रूसी और चीनी रॉकेट थे, लेकिन एक भी लॉन्च नहीं कर सके. हम पहुंचे, उन्होंने बटन दबाए लेकिन कुछ भी काम नहीं किया. वे हमारे लिए पूरी तरह तैयार थे.” उनके मुताबिक, इसी कारण अमेरिकी बल बिना किसी जवाबी हमले का सामना किए अंदर घुसने में कामयाब रहे.

रहस्यमयी तकनीक की चर्चा

ट्रंप की इन बातों से हाल की कुछ खबरें और पुष्ट हो रही हैं. इन खबरों में कहा गया था कि बाइडन प्रशासन ने पहले एक खास तरह का पल्स्ड एनर्जी उपकरण खरीदा था. कुछ जानकारों का मानना है कि ऐसी तकनीक का रिश्ता उस रहस्यमयी बीमारी से हो सकता है, जिसे “हवाना सिंड्रोम” कहा जाता है.

कार्रवाई के बाद कुछ ऐसी खबरें सामने आईं जिनमें दावा किया गया कि मादुरो की सुरक्षा में लगे रडार और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम अचानक काम करना बंद कर गए थे. कुछ लोगों ने कहा कि रडार ‘बिना किसी वजह”’ बंद हो गए और उसके तुरंत बाद आसमान में ड्रोन और हेलिकॉप्टर दिखाई देने लगे. 

हालांकि इन दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है. कुछ गवाहों ने यह भी कहा कि ऑपरेशन के दौरान तेज आवाज जैसी तरंगें महसूस हुईं, जिससे कुछ लोगों को सिरदर्द, उल्टी और बेचैनी जैसी दिक्कतें हुईं. लेकिन इन बातों की भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.

मादुरो पर अमेरिकी कार्रवाई और उसके बाद के हालात

अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला की राजधानी काराकास के सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन ऐब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम दिया था. इस कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया. न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ ड्रग्स और हथियारों से जुड़े गंभीर मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा. अमेरिका ने इस मिशन को पूरी तरह सफल बताया है. अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं लगी.

फिलहाल मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित एक फेडरल जेल में रखा गया है. उन पर नशे के कारोबार और दूसरे गंभीर आरोपों में सुनवाई होनी है. उनकी जगह उपराष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज को वेनेजुएला का राष्ट्रपति बनाया गया है. 

ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कार्रवाई की दी चेतावनी

वहीं ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से हुई बातचीत में ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सख्त रुख भी दोहराया. उन्होंने इशारा किया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर जमीन पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने कहा कि यह दायरा दक्षिण अमेरिका से आगे बढ़कर उत्तरी अमेरिका तक भी आ सकता है, जिसमें मेक्सिको जैसे इलाके शामिल हो सकते हैं. 

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी एजेंसियों को कार्टेल्स के ठिकानों, रास्तों और नेटवर्क के बारे में काफी जानकारी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, “हमें उनके रास्ते पता हैं. हमें उनके बारे में सब कुछ पता है. हमें उनके घरों तक की जानकारी है. हम कार्टेल्स पर वार करने वाले हैं.” इस बीच, हाल ही में अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत महासागर में एक संदिग्ध ड्रग तस्करी वाली नाव पर हमला भी किया. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद इस तरह की यह पहली बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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