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ओमिक्रॉन वैरिएंट से सहमी दुनिया, कई देशों में लगने लगी लॉकडाउन जैसी पाबंदियां

Updated at : 02 Dec 2021 8:21 PM (IST)
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ओमिक्रॉन वैरिएंट से सहमी दुनिया, कई देशों में लगने लगी लॉकडाउन जैसी पाबंदियां

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से पूरी दुनिया सहमी है. कई देशों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगने लगी हैं. अमेरिका, चीन लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं. इन देशों में उठाये जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से यहां पढ़ें.

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पेरिस: कोरोना वयारस के डेल्टा वैरिएंट से यूरोप में संक्रमण के मामले बढ़ने और ओमिक्रॉन वैरिएंट से दुनिया सहम उठी है. यही वजह है कि दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगने लगी हैं. अलग-अलग देशों की सरकारें अलग-अलग तरह की पाबंदियां लगा रही हैं. टीकाकरण अभियान पर जोर दिया जा रहा है.

यूनान में टीका लगवाने से मना करने वाले बुजुर्गों को जुर्माना देना होगा. सरकार ने कहा है कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपनी पेंशन का एक तिहाई से अधिक हिस्सा जुर्माना के रूप में देना होगा.

कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमिक्रॉन की वजह से इस्राइल में वायरस के संभावित वाहक पर जासूसी एजेंसी नजर रखेगी. वहीं, नीदरलैंड में पाबंदियों को लेकर हिंसा की घटनाएं भी हो रही हैं.

ब्रिटेन ने दो दिन पहले दुकानों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. अब विदेशों से आने वाले सभी लोगों को कोरोना जांच करानी होगी. साथ ही पृथक-वास में भी रहना होगा.

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नॉटिंघम, इंग्लैंड में क्रिसमस मार्केट में एक स्टॉल चलाने वाली बेलिंडा स्टोरी ने कहा, ‘लोग सामान्य हालात चाहते हैं. वे अपने परिवारों से मिलना चाहते हैं और लोगों से मिलना चाहते हैं. निश्चित तौर पर सुरक्षा के उपाय करना भी जरूरी है.’

यूनान में जुर्माना का प्रावधान

यूनान में वरिष्ठ नागरिकों के कोरोना रोधी टीका नहीं लेने पर उन्हें 113 डॉलर तक जुर्माना देना पड़ सकता है. सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद यूनान में 60 साल से अधिक उम्र के करीब 17 प्रतिशत लोगों ने अब भी टीके की खुराक नहीं ली है. यूनान में कोविड-19 से होने वाली 10 मौतों में से 9 की उम्र 60 साल से अधिक है.

इस्राइल में फोन के जरिये होगी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग

इस्राइल में सरकार ने इस सप्ताह ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित लोगों के कॉन्टैक्ट की ट्रेसिंग के लिए फोन के जरिए निगरानी करने वाली प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की अनुमति दे दी. यहां के मानवाधिकार समूहों ने इसे निजता का उल्लंघन करार दिया है.

बता दें कि यहां सुप्रीम कोर्ट ने इस साल इस तकनीक के सीमित इस्तेमाल का आदेश दिया था. इस्राइल के न्याय मंत्री गिडेओन सार ने लोक प्रसारक ‘कान’ से कहा था, ‘हमें इस उपकरण का उपयोग चरम स्थितियों में करने की आवश्यकता है. मुझे विश्वास नहीं है कि हम उस तरह की स्थिति में हैं.’

दक्षिण अफ्रीका मे शराब की बिक्री पर लगा था बैन

दक्षिण अफ्रीका में पूर्व में कर्फ्यू और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाये गये थे. इस बार, राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा अधिक से अधिक लोगों से टीके लगवाने का आह्वान कर रहे हैं.

अमेरिका में वैक्सीनेशन, बूस्टर डोज, जांच बढ़ाने पर जोर

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि उनका देश कोविड-19 और नये स्वरूप के खिलाफ कदम उठाना जारी रखेगा. पाबंदी और लॉकडाउन तो नहीं लगाये जायेंगे, लेकिन टीकाकरण, बूस्टर खुराक लेने, जांच बढ़ाने आदि कदमों पर जोर दिया जायेगा. बाइडेन ने कहा है, ‘अगर लोग टीका लेते हैं और मास्क पहनते रहेंगे, तो लॉकडाउन की कोई आवश्यकता नहीं है.

नयी पाबंदी के पक्ष में नहीं है चीन

चीन ने भी कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण नयी पाबंदी लगाने की जरूरत महसूस नहीं कर रहा. चीन के रोग नियंत्रण केंद्र की महामारी विज्ञान इकाई के प्रमुख वू जूनयू ने कहा कि हमारा लोक स्वास्थ्य तंत्र इससे प्रभावी तरीके से निपटने में सक्षम है.

Posted By: Mithilesh Jha

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