Omicron India: कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से 5 गुणा अधिक संक्रामक है ओमिक्रॉन, ये हैं बचाव के उपाय

Omicron India: कोरोना के कहर को दुनिया ने देखा. सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले डेल्टा वैरिएंट से घातक ओमिक्रॉन आ गया है. सरकार सतर्क है. जानें, इस वैरिएंट के लक्षण और इससे बचाव के उपायों के बारे में.
Omicron India: कोरोना वायरस का बेहद खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) भारत पहुंच चुका है. भारत समेत दुनिया भर में तबाही मचाने वाले कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से ओमिक्रॉन पांच गुणा अधिक संक्रामक है. इसलिए लोगों को सचेत रहने की जरूरत है.
हालांकि, कुछ शोध में यह कहा गया है कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण की वजह से अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होती. यह भी कहा गया है कि इस वायरस से 40 साल से कम उम्र के लोग संक्रमित हो रहे हैं.
बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण में जो लक्षण पाये जाते हैं, वैसे ही लक्षण ओमिक्रॉन से संक्रमितों में भी पाये जाते हैं. मसलन, बुखार के साथ-साथ सिर में दर्द, शरीर में दर्द, बुखार, थकान और अन्य लक्षण शामिल हैं.
ओमिक्रोन के लक्षण और बचाव
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ओमिक्रॉन वैरिएंट के लक्षणों में सिर दर्द, शरीर दर्द, थकान आदि शामिल हैं
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मास्क का इस्तेमाल, वैक्सीनेशन और सोशल डिस्टैंसिंग ही ओमिक्रॉन से बचायेगा
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29 देशों के 373 लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन वैरिएंट पांच गुणा अधिक संक्रामक है. 29 देशों के 373 लोगों में इस वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है.
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि वैक्सीन, मास्क और सोशल डिस्टैंसिंग ही बचाव है. सरकार ने कहा है कि कर्नाटक में दो लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हुई है. दोनों की उम्र क्रमश: 66 और 46 वर्ष है. दोनों संक्रमित व्यक्ति पुरुष हैं.
सरकार ने कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के दो मामले भारत में सामने आने के पहले से ही कोरोना गाइडलाइंस को लेकर वह सतर्क है. विदेशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट्स पर ही आरटीपीसीआर जांच और आईसोलेशन को अनिवार्य कर दिया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि ओमिक्रॉन से निबटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है. अस्पतालों में भी जरूरी इंतजाम कर लिये गये हैं. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी शुरू कर दी गयी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है. जिस तरह से हमने कोरोना को नियंत्रित किया है, अगर लोग सावधानी बरतेंगे, तो इसे भी नियंत्रित कर लिया जायेगा.
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ओमिक्रॉन से संक्रमित लोग बेहद थका हुआ महसूस करते हैं. युवा मरीजों को भी थकावट महसूस होती है.
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ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल में डेल्टा वैरिएंट की तरह बहुत ज्यादा गिरावट नहीं आती, जैसा भारत में हुआ.
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ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति का स्वाद या गंध खत्म नहीं होता. डेल्टा वैरिएंट में यह सबसे प्रमुख लक्षण था.
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ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण का शिकार हुए लोगों को गले में खरास की शिकायत रहती है.
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ओमिक्रॉन स्ट्रेन से पीड़ित अधिकांश व्यक्तियों को हॉस्पिटल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ती.
Posted By: Mithilesh Jha
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