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डोनाल्ड ट्रंप ने दिलाई याद तो खुली जेलेंस्की की आंख, ‘जीरो ग्रैटिट्यूड’ वाले तंज पर दिया ये जवाब

Updated at : 24 Nov 2025 9:52 AM (IST)
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Volodymyr Zelenskyy response on Donald Trump's Zero Gratitude remark.

डोनाल्ड ट्रंप के 'जीरो ग्रैटिट्यूड' वाले बयान पर वोलोदिमिर जेलेंस्की का जवाब. फोटो- सोशल मीडिया (एक्स).

Volodymyr Zelenskyy on Donald Trump's Zero Gratitude remark: डोनाल्ड ट्रंप ट्रुथ ने कीव पर निशाना साधते हुए कहा था कि उसने रूस के साथ लगभग चार साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की अमेरिका के प्रयासों के लिए जीरो कृतज्ञता दिखाई है. इस पर जेलेंस्की ने तुरंत जवाब देते हुए ट्रंप और अमेरिका को धन्यवाद किया.

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Volodymyr Zelenskyy on Donald Trump’s Zero Gratitude remark: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले लगभगद चार साल से जारी युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका ने पूरा जोर लगा दिया है. रूस को हराने में विफल रहे US ने पीस प्लान जारी किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने 28 पॉइंट की शांति योजना प्रस्तुत की है. हालांकि इस पर राजी होने के लिए यूक्रेन कतरा रहा है. उसका अप्रत्यक्ष रूप से कहना है कि यह रूस की अधिकतर मांगों को मानने जैसा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि इस प्लान को मानने से यूक्रेन अपनी संप्रभुता खो देगा और न मानने पर अमेरिका की दोस्ती. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शायद ही पसंद आया. उन्होंने तुरंत बयान दिया कि कीव ने युद्ध को समाप्त करवाने के लिए अमेरिका के प्रयासों के प्रति कोई ग्रैटिट्यूड (आभार) नहीं जताया. इस पर जेलेंस्की ने भी नरमी दिखाई है. उन्होंने तुरंत अमेरिका और ट्रंप को धन्यवाद दिया. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रुथ ने सोशल पर कीव पर यह कहते हुए निशाना साधा था कि उसने रूस के साथ लगभग चार साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की उनकी योजना पर “हमारे प्रयासों के लिए जीरो कृतज्ञता” दिखाई है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह युद्ध विरासत में मिला, जो कभी नहीं होना चाहिए था. यह सभी के लिए नुकसानदायक है. खासकर उन लोगों के लिए, जिनकी अकारण ही जान चली गई. उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार नाटो के जरिए यूक्रेन की मदद कर रहा है. वहीं बाइडन ने अमेरिकी हितों को दरकिनार करते हुए सब कुछ फ्री दे दिया था.

यूक्रेनी राष्ट्रपति की आलोचना किए जाने के कुछ ही घंटे बाद, वोलोदिमिर जेंलेंस्की ने रविवार को तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के प्रति आभार जताया. कुछ घंटे बाद जेलेंस्की ने एक्स पर जवाब देते हुए कहा, “यूक्रेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, हर अमेरिकी के दिल, और व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी है, उस सहायता के लिए, जो जैवलिन्स (मिसाइल) से शुरू होकर यूक्रेनी लोगों की जानें बचा रही है.”

जिनेवा वार्ता के दौरान नया शांति ढांचा पेश किया गया

दोनों नेताओं के बीच यह रस्साकशी उस समय चल रही है, जब रविवार को अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों ने रूस के साथ संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक नए 28-सूत्रीय मसौदा शांति प्रस्ताव को प्रस्तुत किया. यह यूक्रेन की संप्रभुता को ‘पूरी तरह’ सुरक्षित रखने का दावा करता है. यह ढांचा जिनेवा में अमेरिकी प्रस्तावित योजना पर हुई गहन चर्चाओं के बाद सामने आया है, जिसे दोनों पक्षों ने रचनात्मक, केंद्रित और सम्मानजनक बताया. इस बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, अमेरिका सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल और ट्रंप के विशेष दूत और मित्र स्टीव विटकाफ थे. यूक्रेन की सुरक्षा परिषद के सचिव और वार्ताकार रुस्तम उमेरोव ने कहा, “दस्तावेज का मौजूदा संस्करण, भले ही अभी अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में है, लेकिन यह पहले ही यूक्रेन की अधिकांश प्रमुख प्राथमिकताओं को दर्शाता है.”

ट्रंप के यूक्रेन पीस प्लान में क्या है?

रूस की ओर से व्लादिमिर पुतिन के विश्वासपात्र किरिल दिमित्रिएव और अमेरिका से स्टीव विटकाफ ने मियामी में बैठकर इस मसले पर बात की है. अमेरिका की शुरुआती रूपरेखा में रूस की कई सख्त मांगें शामिल थीं. जैसे कि यूक्रेन द्वारा कुछ क्षेत्रों को छोड़ना, अपनी सेना को कम करना और कभी भी नाटो में शामिल न होने की प्रतिबद्धता देना. इसमें अस्पष्ट सुरक्षा गारंटी भी थीं और यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए जमे हुए रूसी फंड्स के उपयोग का प्रस्ताव रखा गया था.

जिनेवा मीटिंग में क्या हुआ?

ट्रंप ने यूक्रेन को इस योजना को मंजूरी देने के लिए 27 नवंबर की समयसीमा दी है, जो अमेरिका के थैंक्सगिविंग डे के साथ पड़ती है, हालांकि उन्होंने कुछ लचीलापन संकेतित किया है. जेनेवा में समाप्त हुई इस मीटिंग  के बाद रुबियो ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि चर्चा का पहला सत्र ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से ‘‘संभवतः सबसे अधिक फलदायक और सार्थक’’ है. उन्होंने कहा कि दोनों प्रतिनिधिमंडल रविवार रात को दूसरी बैठक में फिर से मिलेंगे. रुबियो ने कहा, ‘‘इस पर अंततः हमारे राष्ट्रपतियों को हस्ताक्षर करना होगा, हालांकि हमने जो प्रगति की है, उसे देखकर लगता है कि यह होगा.’’ अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि रूस को अंतिम शांति योजना को भी मंजूरी देनी होगी.

वहीं वार्ता में शामिल यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ आंद्रेई यरमक ने भी पुष्टि की कि वार्ता का प्रारंभिक सत्र समाप्त हो गया है और दूसरी बैठक जल्द ही होगी. उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह पुष्टि करना चाहता हूं कि सम्मानित अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ हमारी पहली बैठक बहुत ही सार्थक रही. हमने बहुत अच्छी प्रगति की है और न्यायपूर्ण एवं स्थायी शांति की ओर बढ़ रहे हैं.’’ यरमक ने कहा, ‘‘आज बहुत जल्द दूसरी बैठक होगी, जहां हम अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर संयुक्त प्रस्तावों पर काम करना जारी रखेंगे. अंतिम निर्णय हमारे राष्ट्राध्यक्षों द्वारा लिये जाएंगे.’’

भाषा के इनपुट के साथ.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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