पाकिस्तान में वार्ता फेल होने पर बोले ट्रंप- 'ईरान वापस आए या नहीं, मुझे फर्क नहीं पड़ता; तेहरान की हालत खराब'

Updated at : 13 Apr 2026 8:29 AM (IST)
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Trump Iran Talks Fail hormuz strait blockade oil price hike

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. सोर्स एक्स/ @WhiteHouse

Trump-Iran Talks Fail: पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी तेज कर दी है. अमेरिकी नौसेना अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में ब्लॉकेड शुरू करेगी, जिससे ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं. ट्रंप ने न्यूक्लयर हथियार और नाटो पर भी बड़ा बयान दिया है.

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Trump-Iran Talks Fail: पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपना लिया है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उन्हें इस बात की कोई फिक्र नहीं है कि ईरान बातचीत की मेज पर वापस आता है या नहीं. एयर फोर्स वन के पास पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की हालत इस समय बहुत खराब है और उसकी सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन बनाने वाले कारखाने तबाह हो गए हैं.

होर्मुज की घेराबंदी और कच्चे तेल का संकट

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना अब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की घेराबंदी करने जा रही है. इस रास्ते से गुजरने वाले उन जहाजों को रोका जाएगा जो ईरान के बंदरगाहों पर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं. हालांकि, दूसरे देशों के बीच चलने वाले जहाजों को नहीं रोका जाएगा. इस खबर के आते ही कच्चे तेल के बाजार में हलचल मच गई और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. बता दें कि दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है.

न्यूक्लियर हथियार पर ट्रंप की दो टूक

ट्रंप ने साफ लफ्जों में कहा है कि चाहे जो हो जाए, ईरान कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बना पाएगा. ट्रंप के मुताबिक, पाकिस्तान में चली 21 घंटे की मैराथन मीटिंग में ईरान ने साफ किया था कि वह अब भी न्यूक्लियर ताकत बनना चाहता है. अमेरिका की मांग है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) पूरी तरह बंद करे और दूसरे देशों में सक्रिय हथियारबंद गुटों की मदद करना बंद करे. 22 अप्रैल को मौजूदा सीजफायर खत्म होने वाला है, जिससे तनाव और बढ़ने की आशंका है.

नाटो (NATO) से नाराज दिखे अमेरिकी राष्ट्रपति

ट्रंप ने नाटो  देशों पर भी जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने कहा कि अमेरिका नाटो के लिए लाखों-करोड़ों डॉलर खर्च करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह संगठन साथ नहीं खड़ा होता. ट्रंप ने कहा कि नाटो  सिर्फ रूस के खिलाफ एक बचाव का जरिया बनकर रह गया है और वह इसकी भूमिका की दोबारा जांच करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि हालिया मिशन में शामिल रहे अमेरिका के दो पायलट अब ठीक हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं.

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ईरान की पलटवार की धमकी

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज के पास कोई भी सैन्य दखलअंदाजी हुई, तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. फिलहाल पाकिस्तान, यूरोपीय संघ, ओमान और रूस इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप के सख्त बयानों से लग रहा है कि अमेरिका अब कूटनीति के बजाय आर्थिक और सैन्य दबाव का रास्ता अपनाएगा. लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई के बीच इस घटनाक्रम ने पूरे मिडिल ईस्ट में हलचल बढ़ा दी है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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