ट्रंप का दावा: 'ईरान के साथ जल्द होगी बड़ी डील', पाकिस्तान के जरिए चल रही है बातचीत

Updated at : 30 Mar 2026 9:43 AM (IST)
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Trump Iran Peace Deal 15 point plan pakistan negotiations

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. इमेज सोर्स क्रेडिट- एक्स / @WhiteHouse

Trump Iran Peace Deal: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बड़े समझौते के संकेत दिए हैं. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के जरिए हुई सीक्रेट बातचीत में ईरान अमेरिका की 15 शर्तों को मानने के लिए तैयार हो गया है. इस डील के बदले ईरान को कड़े प्रतिबंधों से राहत मिल सकती है.

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Trump Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक नए समझौते की उम्मीद जताई है. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छे मोड़ पर है और जल्द ही किसी बड़े फैसले की खबर आ सकती है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने सम्मान के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से 20 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है, जिसे उन्होंने एक सकारात्मक संकेत बताया है.

पाकिस्तान के जरिए हो रही है बातचीत

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के सामने 15 शर्तों वाला एक प्रस्ताव रखा है. खास बात यह है कि इस समझौते के लिए पाकिस्तान के जरिए इनडायरेक्ट (अप्रत्यक्ष) बातचीत की जा रही है. ट्रंप का दावा है कि ईरान इस 15-पॉइंट प्लान की ज्यादातर बातें मानने के लिए तैयार हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह की मीटिंग्स हुई हैं.

सम्मान में दिए तेल के जहाज

ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपनी गंभीरता दिखाने के लिए पहले 10 और फिर 20 बड़े तेल के टैंकर भेजने का फैसला किया है. सोमवार सुबह से ये जहाज रवाना होने शुरू हो जाएंगे. ट्रंप ने इसे एक तरह का ‘ट्रिब्यूट’ या सम्मान बताया है. उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया है, लेकिन साथ ही बातचीत का रास्ता भी खुला रखा है.

क्या है अमेरिका का 15-पॉइंट प्लान?

मनीकंट्रोल और द गार्जियन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्लान की तीन बड़ी शर्तें और कुछ खास फायदे शामिल हैं:

  • न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक: ईरान को अपना न्यूक्लियर कार्यक्रम पूरी तरह बंद करना होगा. इसमें यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को रोकना, पुराने स्टॉक को सौंपना और नतांज व इस्फहान जैसे मुख्य केंद्रों को बंद करना शामिल है.
  • क्षेत्रीय दखलअंदाजी बंद करना: ईरान को मिडिल ईस्ट में हिजबुल्लाह और हूतियों जैसे गुटों को हथियार और पैसा देना बंद करना होगा.
  • समुद्री रास्ता और सीजफायर: ग्लोबल शिपिंग के लिए होर्मुज के रास्ते को खुला रखना होगा और बातचीत के लिए एक महीने का सीजफायर (युद्धविराम) करना होगा.

ईरान को बदले में क्या मिलेगा?

द गार्जियन के अनुसार, अगर ईरान ये शर्तें मानता है, तो अमेरिका उस पर लगे सभी कड़े प्रतिबंध (सैंकशन) हटा लेगा. इसके अलावा, ईरान को निगरानी में सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाने की अनुमति दी जाएगी और ‘स्नैपबैक’ प्रतिबंधों का डर भी खत्म कर दिया जाएगा.

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पुराने समझौते पर ट्रंप का हमला

ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए 2015 के ईरान न्यूक्लियर डील (JCPOA) को देश का सबसे खराब और ‘बेवकूफी भरा’ समझौता बताया. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने उस डील को खत्म नहीं किया होता, तो आज ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार होते. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनकी सख्ती की वजह से ही ईरान अब समझौते की मेज पर आया है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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