ईरान के तबरीज में अमेरिका-इजरायल की एयरस्ट्राइक, पेट्रोकेमिकल प्लांट तबाह; न्यूक्लियर सेंटर को भी भारी नुकसान

Updated at : 30 Mar 2026 8:09 AM (IST)
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US-israel Strike Iran tabriz nuclear plant / Ai Image

एआई से बनाई गई 'प्लांट पर हमले' की तस्वीर.

US-israel Strike Iran: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग और भड़क गई है. इजरायल के 'रोरिंग लायन' ऑपरेशन ने ईरान के अराक न्यूक्लियर सेंटर को पूरी तरह ठप कर दिया है. वहीं तबरीज में हुए ताजा हवाई हमलों ने तेल और गैस सेक्टर को भारी चोट पहुंचाई है.

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US-israel Strike Iran: पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में जारी तनाव के बीच रविवार को एक बड़ी खबर आई है. ईरानी सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज (Tabriz) में मौजूद एक पेट्रोकेमिकल यूनिट पर हवाई हमला किया है. ईरानी अधिकारियों ने प्रेस टीवी को बताया कि हमले के बाद अब वहां स्थिति काबू में है.

IRGC ने UAE और बहरीन के प्लांट को बनाया था निशाना

यह हमला ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के उस दावे के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने शनिवार को बहरीन और यूएई की बड़ी कंपनियों पर हमले की बात कही थी. ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, IRGC ने मिसाइल और ड्रोन की मदद से यूएई के एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम (EMAL) और बहरीन के एल्युमीनियम बहरीन (Alba) को निशाना बनाया था. IRGC का कहना है कि ये फैक्ट्रियां अमेरिकी सेना और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़ी हुई हैं.

अराक न्यूक्लियर सेंटर अब काम करने लायक नहीं बचा

अंतरराष्ट्रीय न्यूक्लियर ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने रविवार को पुष्टि की है कि इजरायली हमले में ईरान का खोंडाब हैवी वाटर प्लांट (अराक न्यूक्लियर परिसर) पूरी तरह बर्बाद हो गया है. IAEA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी दी कि सैटेलाइट तस्वीरों के एनालिसिस से पता चला है कि यह प्लांट अब ऑपरेशनल नहीं है. हालांकि, एजेंसी ने यह भी साफ किया कि इस जगह पर फिलहाल कोई घोषित न्यूक्लियर सामग्री मौजूद नहीं थी.

इजरायली सेना का ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने शुक्रवार को टेलीग्राम पर बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली. IDF ने इसे ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ का हिस्सा बताया है. इजरायल का कहना है कि यह प्लांट न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए जरूरी प्लूटोनियम तैयार करने की क्षमता रखता था. IDF के मुताबिक, ईरान अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बाद भी यहां अपनी न्यूक्लियर गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा था, जिसे रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी.

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ईरान ने दी बड़े पलटवार की चेतावनी

IRGC ने अपने बयान में आरोप लगाया कि ‘अमेरिकी-जायोनी’ ताकतों ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि उसका बदला किसी भी हमले के स्तर से कहीं ज्यादा बड़ा होगा. रिपोर्ट के अनुसार, अब ईरान अपने दुश्मनों की आर्थिक और सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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