ईरान के हमले से दहला सऊदी का अमेरिकी बेस, 2 सैनिकों की हालत गंभीर; जासूसी विमान भी हुआ तबाह

Updated at : 29 Mar 2026 2:26 PM (IST)
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Iran Strike Saudi US Air Base Damaged E-3 Sentry AWACS Aircraft

अमेरिका के तबाह हुए सबसे खास जासूसी विमान 'E-3 सेंट्री' (AWACS) की तस्वीर. इमेज सोर्स क्रेडिट- X/ @EGYOSINT

Iran Strike Saudi US Air Base: सऊदी अरब में अमेरिकी बेस पर हुए ईरानी हमले ने मिडिल ईस्ट की जंग को नया मोड़ दे दिया है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, अमेरिका का सबसे ताकतवर निगरानी विमान 'E-3 सेंट्री' बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. इस बीच, यूएस ने मिडिल ईस्ट में 3500 मरीन सैनिकों के साथ इस इलाके में तैनात कर दिए हैं.

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Iran Strike Saudi US Air Base: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान ने मिसाइल और ड्रोनों से बड़ा हमला किया है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में अमेरिका का सबसे खास निगरानी विमान ‘E-3 सेंट्री’ (AWACS) बुरी तरह तबाह हो गया है. यह कोई साधारण प्लेन नहीं है, बल्कि उड़ता हुआ कमांड सेंटर है जो 250 मील के दायरे में दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखता है. रिटायर्ड कर्नल जॉन वेनेबल ने बताया कि इस नुकसान से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की निगरानी करने की ताकत कम हो गई है.

12 अमेरिकी सैनिक घायल, दो की हालत बेहद गंभीर

इस हमले में कम से कम 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के स्टेटमेंट के अनुसार, जब से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बमबारी शुरू की है, तब तक कुल 303 अमेरिकी सैनिक जख्मी हो चुके हैं. हालांकि, कैप्टन टिम हॉकिन्स का कहना है कि इनमें से 273 सैनिक मामूली चोटों के बाद ड्यूटी पर लौट आए हैं.

मैदान में उतरा समंदर में ‘USS त्रिपोली’

हालात को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत और बढ़ा दी है. 27 मार्च को ‘USS त्रिपोली’ नाम का बड़ा युद्धपोत करीब 3,500 मरीन सैनिकों के साथ इस इलाके में पहुंच गया है. CENTCOM ने कन्फर्म किया है कि यह जहाज जापान से आया है और इस पर दर्जनों हेलिकॉप्टर, ऑस्प्रे विमान और F-35B फाइटर जेट्स तैनात हैं. इसके अलावा अमेरिका अब 10,000 और सैनिक भेजने की तैयारी में है ताकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास सैन्य कार्रवाई के ज्यादा विकल्प रहें.

खराब हुआ दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर

एक तरफ नए जहाज आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS जेराल्ड आर फोर्ड’ जंग के मैदान से बाहर हो गया है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज की लॉन्ड्री में आग लगने और प्लंबिंग की समस्या के कारण इसे रिपेयरिंग के लिए क्रोएशिया के स्प्लिट पोर्ट पर भेजा गया है. यह करीब एक साल तक सर्विस से बाहर रह सकता है. इसकी कमी पूरी करने के लिए अब ‘USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश’ को रवाना किया गया है, जिसके बाद क्षेत्र में अमेरिकी कैरियर की संख्या तीन हो जाएगी.

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ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: ईरान के 150 जहाज तबाह

सेंटकॉम ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का डेटा भी शेयर किया है. 28 फरवरी से अब तक अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर 11,000 से ज्यादा उड़ानें भरी हैं. इस कार्रवाई में ईरान के 150 से ज्यादा जहाजों को नुकसान पहुंचा है या वे डूब गए हैं. अमेरिका का फोकस खासतौर पर ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल साइट्स और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों पर है. इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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