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Sudan News: बागी अर्धसैनिकों ने अपने ही गांव पर किया हमला, मारे गए 85 लोग

Updated at : 18 Aug 2024 12:39 PM (IST)
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Sudan News: बागी अर्धसैनिकों ने अपने ही गांव पर किया हमला, मारे गए 85 लोग

सूडान की हालत दिन-ब-दिन और खराब होते जा रही है. मध्य सूडान के सिन्नर राज्य के एक गांव पर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के हमले में गांव के 80 लोग मारे गए. सूडान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 18 महीने से चल रहे संघर्ष में यह सबसे खतरनाक घटना है.

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Sudan News: मध्य सूडान के सिन्नर राज्य के एक गांव पर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के हमले में गांव के 80 लोग मारे गए. सिन्नर राज्य के यूथ गैदरिंग ने एक बयान में कहा है कि RSF पिछले 5 दिनों से राज्य की घेराबंदी करके लगातार हमला कर रहे हैं, जिसमें अब तक 80 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. उन्होंने आगे बताया कि यह हमला तब हुआ जब RSF ने गांव से लड़कियों का अपहरण करने की कोशिश की, जिसका निवासियों ने विरोध किया जिसके बाद RSF के लोगों ने हमला करना शुरू कर दिया. खबरों के मुताबिक RSF ने नागरिकों पर गोलीबारी की और घरों में आग लगा दी.

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सैकड़ों की संख्या में RSF के लोग गांव में दाखिल हुए

सूडान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 18 महीने से चल रहे संघर्ष में यह सबसे खतरनाक घटना है. इसमें 150 से अधिक लोग घायल है और 80 से ज्यादा लोग मारे गए हैं जिसमें 24 महिलाएं और नाबालिग शामिल हैं. सूडान की हालत दिन-ब-दिन और खराब होते जा रही है. RSF ने सूडान के सिन्नर राज्य के बड़े हिस्से को जून महीने से अपने नियंत्रण में ले लिया है. अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के आंकड़ों के अनुसार सिन्नर राज्य की लड़ाई में अब तक 725,000 से अधिक लोगों ने विस्थापन किया है. RSF पर बार-बार देश भर में नरसंहार, बलात्कार और अन्य कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं. हालंकि इस घटना पर RSF ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ग्रामीणों ने बताया है कि सैकड़ों की संख्या में RSF के लोग गांव में दाखिल हुए और उन्होंने इलाके को घेर कर घंटे तक फायरिंग की और लूटपाट की.

यह भी जानें

सूडान की यह समस्या 15 अप्रैल 2023 से शुरू हुई जब सेना के कमांडर जनरल अब्देल फतह बुरहान और RSF के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान डगलो के बीच टकराव हुआ. इस समस्या की जड़ें 2019 से जुड़ी हैं जब तत्कालीन राष्ट्रपति उमर अल बशीर के खिलाफ जनता ने विद्रोह प्रदर्शन शुरू कर दिया था. फिर 2021 में सेना अल बशीर की सरकार का तख्ता पलट कर दिया था. बाद में सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें सोवरनिटी काउंसिल बनी और तय हुआ की 2023 के आखिर में चुनाव कराए जाएंगे. लेकिन धीरे-धीरे साओ के दोनों जनरलों के बीच मनमुटाव हो गया और यह मनमुटाव जंग में बदल गया. बता दें की सूडान की सेना में लगभग तीन लाख सैनिक हैं जबकि RSF में एक लाख से ज्यादा जवान हैं.

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Prerna Kumari

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Prerna Kumari is a contributor at Prabhat Khabar.

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