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रूस से तेल नहीं तो यूक्रेन को बिजली नहीं, इस यूरोपीय देश ने रोकी इमरजेंसी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई

Updated at : 24 Feb 2026 8:01 AM (IST)
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Slovakia stops emergency power supply to Ukraine over Russian oil transit row.

स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की.

Ukraine Electricity Supply: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के चार साल पूरे हो गए हैं. अब तक यूरोपीय देशों ने अपनी एकजुटता से यूक्रेन को भरपूर साथ दिया है, लेकिन इतना समय बीतने के बाद इसमें दरार आ रही है. स्लोवाकिया ने रूसी तेल के ट्रांजिट में आई खराबी के बाद यूक्रेन को इमरजेंसी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई पर रोक लगा दी है.

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Ukraine Electricity Supply: रूस से आने वाले कच्चे तेल की आपूर्ति रुकने के विवाद के बीच स्लोवाकिया ने यूक्रेन को दी जा रही आपातकालीन बिजली सप्लाई बंद कर दी है. यह फैसला सोमवार को प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने लिया. फिको ने कहा कि जब तक द्रुझबा पाइपलाइन के जरिए स्लोवाकिया को रूसी तेल की आपूर्ति दोबारा शुरू नहीं होती, तब तक यह रोक जारी रहेगी. यह पाइपलाइन यूक्रेन से होकर गुजरती है. इससे पहले उन्होंने वीकेंड में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को चेतावनी भी दी थी.

फिको ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अगर अब यूक्रेन अपने बिजली ग्रिड को संभालने के लिए मदद मांगेगा, तो स्लोवाकिया कोई सहायता नहीं देगा. उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही तेल पारगमन (ट्रांजिट) बहाल होगा, बिजली सप्लाई फिर शुरू की जा सकती है. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समस्या बनी रही, तो ब्रातिस्लावा और कड़े कदम उठा सकता है. फिको ने यह भी कहा कि स्लोवाकिया, यूक्रेन की यूरोपीय संघ सदस्यता के अपने अब तक के समर्थनकारी रुख पर दोबारा विचार कर सकता है.

क्यों शुरू हुआ ये विवाद?

यह पूरा विवाद द्रुझबा पाइपलाइन से जुड़ा है. जनवरी के आखिर में यह पाइपलाइन बंद हो गई थी. यूक्रेन का कहना है कि एक रूसी ड्रोन हमले में इसका ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ था. कीव के अनुसार, मरम्मत का काम जारी है और तेल सप्लाई जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, स्लोवाकिया और पड़ोसी हंगरी ने इस लंबे व्यवधान के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है.

यूक्रेन बोला- बिजली रोकने की जानकारी नहीं

यूक्रेन की बिजली ग्रिड कंपनी उक्रएनर्जो ने कहा कि उसे स्लोवाकिया के फैसले की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. कंपनी के मुताबिक, इससे यूक्रेन की एकीकृत बिजली प्रणाली व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा.  ऑपरेटर के अनुसार, आखिरी बार स्लोवाकिया से आपात मदद एक महीने से ज्यादा पहले मांगी गई थी और वह भी सीमित मात्रा में थी. 

स्लोवाकिया पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश- फिको

फिको ने कहा कि तेल आपूर्ति रोकना स्लोवाकिया पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है. उन्होंने यूक्रेन के उस पहले के निर्णय की भी आलोचना की, जिसमें 1 जनवरी 2025 को पांच साल का समझौता समाप्त होने के बाद रूसी गैस पारगमन रोक दिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि रूसी गैस पारगमन रुकने से स्लोवाकिया को हर साल करीब 50 करोड़ यूरो का नुकसान हो रहा है.

यूरोप ने लगाया था प्रतिबंध

रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद यूरोपीय संघ ने 2022 में अधिकांश रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि, जमीन से घिरे मध्य यूरोपीय देशों को वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था करने का समय देने के लिए द्रुझबा पाइपलाइन को इस प्रतिबंध से छूट दी गई थी. इनमें हंगरी भी शामिल है.

इस बीच, संघर्ष की चौथी बरसी से पहले रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध पैकेज पर ईयू सहमति नहीं बना सका. विक्टर ओरबान के नेतृत्व वाले हंगरी ने इस प्रस्ताव को रोक दिया. रिपोर्टों के अनुसार, हंगरी ने यूक्रेन को आगे दी जाने वाली ईयू की वित्तीय सहायता के समर्थन को भी तेल पाइपलाइन दोबारा खोलने से जोड़ दिया है.

कीव स्थित परामर्श संस्था ExPro के मुताबिक, इस महीने यूक्रेन द्वारा आयात की गई कुल बिजली में से 68 प्रतिशत हंगरी और स्लोवाकिया से आई है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें आपातकालीन आपूर्ति शामिल थी या नहीं.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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