Russia China Relations: शपथ ग्रहण के बाद सबसे पहले चीन की यात्रा पर क्यों पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ?

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 May 2024 11:11 AM

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Russia China Relations: शपथ ग्रहण के बाद सबसे पहले चीन की यात्रा पर जाना क्यों उचित समझा? यह सवाल लोगों के मन में आ रहा है. जानें यहां कुछ तथ्य

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Russia China Relations: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राजकीय यात्रा पर चीन पहुंचे हैं. चीन पहुंचे पुतिन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से गर्मजोशी के साथ मुलाकात की है. चीन की राजकीय यात्रा पर पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक आधिकारिक समारोह में जिनपिंग ने स्वागत किया. आपको बता दें कि फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर मॉस्को ने हमला कर दिया था. इसके बाद से रूस आर्थिक रूप से चीन पर अधिक निर्भर हो चुका है और इन परिस्थितियों के बीच पुतिन की यह यात्रा हो रही है जिसपर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है.

जानकारी के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस यात्रा में अपने समकक्ष शी जिनपिंग और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला शुरू करने से ठीक पहले 2022 में किए गए ‘नो लिमिट्स’ पार्टनरशिप के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर जोर देने की बात कही जा रही है. पुतिन ने हाल ही में पांचवीं बार रूस के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी जिसके बाद वहां के हालात पर पूरी दुनिया की नजर है.

व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया को दिया संदेश

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक बार फिर शपथ लेने के बाद उनका पहला विदेश दौरा है. राष्ट्रपति के तौर पर पद्भार संभालने के बाद पहले दौरे के लिए चीन को चुनने के पुतिन के फैसला की चर्चा जोरों पर हो रही है. जानकारों की मानें तो पुतिन ने इस दौरे से अपनी प्राथमिकताओं को लेकर दुनिया को एक संदेश देने का काम किया है. पुतिन की ओर से यह संकेत दिए गए हैं कि चीन और रूस के बीच जो संबंध है, वह उनके लिए काफी मायने रखता है.

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एक नजर इन तथ्यों पर

  • व्लादिमीर पुतिन का ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब चीनी राष्ट्रपति फ्रांस, सर्बिया और हंगरी की यात्रा से वापस अपने देश लौटे हैं. चीन के दौरे में पुतिन का सबसे बड़ा एजेंडा ‘पावर ऑफ साइबेरिया 2’ पाइपलाइन प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट के तहत उत्तरी रूस से चीन तक नेचुरल गैस की सप्लाई की जाएगी. हालांकि चीन और रूस के बीच हुआ यह समझौता किसी मुकाम तक नहीं पहुंचा है.
  • व्लादिमीर पुतिन की इच्छा है कि यूक्रेन जंग की वजह से रूस की अर्थव्यवस्था को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई हो और चीन में इसकी भूमिका अहम हो. आपको बता दें कि रूस और चीन के बीच कारोबार काफी बढ़ा है, लेकिन पुतिन चाहते हैं कि इसमें और इजाफा हो.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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