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इमरान ने डाल दिये हथियार? क्या संकेत दे रहा पाकिस्तान के सूचना-प्रसारण मंत्री चौधरी फवाद हुसैन का ट्विटर

Updated at : 09 Apr 2022 7:35 PM (IST)
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इमरान ने डाल दिये हथियार? क्या संकेत दे रहा पाकिस्तान के सूचना-प्रसारण मंत्री चौधरी फवाद हुसैन का ट्विटर

पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट के प्रोफाइल में खुद को पूर्व मंत्री बताया है. इसके क्या संकेत हैं? माना जा रहा है कि इमरान खान इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गये हैं. जानें विस्तार से.

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पाकिस्तान में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच एक अलग तरह की तस्वीर सामने आयी है. पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री चौधरी फवाद हुसैन (Choudhary Fawas Hussain) ने अपने ट्विटर (Twitter) अकाउंट पर अपना बायो बदल दिया है. चौधरी फवाद हुसैन ने अपने ट्विटर अकाउंट के बायो में पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री लिख दिया है. इसके बाद से इस बात के कयास लगाये जाने लगे हैं कि इमरान खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

शनिवार (9 अप्रैल 2022) को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में चल रही बहस के बीच ही चौधरी फवाद हुसैन ने यह कदम उठाया है. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपना ओहदा अब पूर्व मंत्री का कर लिया है. चौधरी फवाद हुसैन के नाम के नीचे लिखा है ‘former Federal Minister for Information & Broadcasting Government of Pakistan’. यानी पाकिस्तान सरकार के पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री.


इमरान ने बुलायी कैबिनेट की बैठक

बता दें कि जब संसद में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी भाषण दे रहे थे, तभी इमरान खान ने कैबिनेट की बैठक बुला ली थी. संभवत: कैबिनेट की बैठक में इमरान खान ने अपना पद छोड़ने की पेशकश की होगी या फिर पूरी सरकार ने इस्तीफा देने का मन बनाया होगा. तभी चौधरी फवाद हुसैन ने अपने ट्विटर बायो को बदला है, ऐसा माना जा रहा है.

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विदेश मंत्री ने लगायी विपक्ष को लताड़

हालांकि, संसद में इमरान खान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों को जमकर लताड़ लगायी थी. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को अमेरिका की गुलामी पसंद है. लेकिन, सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को गुलामी पसंद नहीं है. इमरान खान ने गुरुवार (7 नवंबर 2022) को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले राष्ट्रपति से संसद को भंग करने की सिफारिश कर दी थी. राष्ट्रपति ने संसद को भंग कर दिया, तो इससे पहले नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया.


खुद को बचाने में जुटे रहे इमरान खान

इमरान खान इसे अपना मास्टरस्ट्रोक मान रहे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसका स्वत:संज्ञान लेते हुए बड़ी बेंच का गठन कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान की बड़ी बेंच ने डिप्टी स्पीकर के फैसले को असंवैधानिक करार दिया और इमरान खान सरकार को अविश्वास प्रस्ताव का सदन में सामना करने के लिए कहा. बावजूद इसके इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव से खुद को बचाने की कोशिशों में जुटे रहे.

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इमरान ने कानूनी विशेषज्ञों से की सलाह

सदन में जब चर्चा चल रही थी, उन्होंने कानूनी विशेषज्ञों की सलाह ली. कैबिनेट की बैठक बुला ली. हालांकि, कैबिनेट की बैठक में क्या बात हुई, इसकी जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है. लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्री के इस कदम से माना जा रहा है कि इमरान खान ने विपक्ष के आगे हथियार डालने का मन बना लिया है.

Posted By: Mithilesh Jha

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