पाक पीएम शहबाज शरीफ का छलका दर्द, बोले- कर्ज के लिए आर्मी चीफ मुनीर के साथ मिलकर विदेशों से मांगी 'भीख'

Updated at : 31 Jan 2026 10:50 AM (IST)
विज्ञापन
Shehbaz Sharif Admits Begging For Loans With Asim Munir

शहबाज-मुनीर ने कर्ज.

शहबाज शरीफ बोले कि IMF लोन के लिए मैं और फील्ड मार्शल असीम मुनीर दुनिया के सामने हाथ फैलाने को मजबूर हैं. कर्ज के बदले देश को कई समझौते करने पड़ रहे हैं. वहीं आतंकवाद और भ्रष्टाचार की मार झेल रहे पाकिस्तान में अब सेना का दखल पूरी तरह बढ़ गया है.

विज्ञापन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उन्होंने देश की बदहाली और अपनी मजबूरी का कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया है. शहबाज शरीफ ने माना है कि पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब है कि उन्हें और देश के सेना प्रमुख (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) असीम मुनीर को दुनिया के सामने हाथ फैलाना पड़ रहा है.

‘उधार मांगने वाले का सिर हमेशा झुका रहता है’

वायरल क्लिप के अनुसार, एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने भावुक होकर कहा कि मैं आपको कैसे बताऊं कि हमने अपने दोस्त देशों से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने हमें निराश तो नहीं किया, लेकिन आप जानते हैं कि जो उधार मांगता है, उसका सिर हमेशा झुका रहता है. उन्होंने आगे कहा कि जब आप किसी से पैसा मांगते हैं, तो आपको बहुत सारे समझौते (कंप्रोमाइज) करने पड़ते हैं और कई शर्तें माननी पड़ती हैं.

सेना प्रमुख के साथ मिलकर मांगे पैसे

प्रधानमंत्री ने खुलासा किया कि वे और फील्ड मार्शल असीम मुनीर चुपचाप कई देशों के पास गए. उन्होंने उन देशों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लोन लेने के लिए पाकिस्तान को कुछ पैसों की कमी पड़ रही है, जिसे ‘एक्सटर्नल गैप’ कहा जाता है. शहबाज के मुताबिक, उन्होंने इन देशों से लाखों डॉलर की मदद मांगी ताकि देश को डिफॉल्ट होने से बचाया जा सके. हालांकि, प्रभात खबर इस वायरल वीडियो की सच्चाई की पुष्टि नहीं करता है.

पाकिस्तान को आतंकवाद और भ्रष्टाचार ने डुबोई 

पाकिस्तान की इस हालत के पीछे सबसे बड़ी वजह आतंकवाद को पालना-पोसना है. पाकिस्तान, जिसे दुनिया में आतंकवाद का बड़ा स्पॉन्सर माना जाता है, अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा विकास के बजाय आतंकी संगठनों पर खर्च करता रहा है. रही-सही कसर वहां के भ्रष्ट राजनेताओं और सेना ने पूरी कर दी. जनता की भलाई के लिए मिलने वाली विदेशी मदद का गलत इस्तेमाल हुआ, जिसका नतीजा आज सबके सामने है.

पाकिस्तान में अब ‘हाइब्रिड सरकार’: सेना का पूरा कंट्रोल

शहबाज शरीफ ने पहली बार पब्लीकली से स्वीकार किया है कि अब देश ‘हाइब्रिड सिस्टम’ से चल रहा है. इसका मतलब है कि चुनी हुई सरकार अब पूरी तरह सेना के इशारों पर काम कर रही है.

  • असीम मुनीर का बढ़ता कद: साल 2025 के संवैधानिक बदलावों के बाद जनरल असीम मुनीर को प्रमोट कर ‘फील्ड मार्शल’ बना दिया गया है. वे अब चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के तौर पर परमाणु हथियारों से लेकर सेना की सभी शाखाओं को कंट्रोल कर रहे हैं.
  • सेना का दखल: पीएम ने खुद माना कि पेट्रोल की तस्करी रोकने और चीनी (सूगर) इंडस्ट्री को संभालने जैसे कामों में भी सेना की भूमिका 100 प्रतिशत रही है.

बजट-26 की हर परत का विश्लेषण

भारत को दी चेतावनी

2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद, शहबाज शरीफ ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान की नई एकता और आर्थिक तरक्की जल्द ही भारत को ‘हैरान’ कर देगी. वे पाकिस्तान को ‘भीख मांगने वाले देश’ की छवि से निकालकर ‘एक्सपोर्ट’ करने वाला देश बनाना चाहते हैं.

इकॉनमी सुधारने के लिए नए कदम

देश को संकट से निकालने के लिए सरकार ने कुछ बड़े ऐलान किए हैं:

  • फैक्ट्रियों के लिए बिजली के दाम घटाकर 4.4 रुपये प्रति यूनिट किए गए.
  • एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए ब्याज दरों को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 4.5 प्रतिशत किया गया.
  • बड़े निर्यातकों (एक्सपोर्टर्स) को ‘ब्लू पासपोर्ट’ दिया जाएगा और उन्हें विदेशों में एम्बेसडर जैसा सम्मान मिलेगा.

भले ही पीएम शहबाज शरीफ इन बदलावों को तरक्की का रास्ता बता रहे हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस कबूलनामे से साफ हो गया है कि अब पाकिस्तान में संसद और सेना के बीच का अंतर खत्म हो चुका है. साल 2026 तक पाकिस्तान पूरी तरह सेना के कब्जे वाला देश बन गया है.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान का दावा: 24 घंटे में मारे 52 आतंकी, तीन प्रांतों में चलाया अभियान

ये भी पढ़ें:- कांगो की खदान में बड़ा हादसा, 200 से ज्यादा लोगों की मौत; मोबाइल-लैपटॉप बनाने में काम आता है यहां का पत्थर

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola