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उस्मान हादी को 5 लाख टका दिए थे, फिर दुबई क्यों भागा? हत्या के संदिग्ध आरोपी का नया खुलासा

Updated at : 01 Jan 2026 8:43 AM (IST)
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Osman Hadi alleged killer new revealation

फैसल करीम और उस्मान हादी. फोटो- एक्स.

Osman Hadi Alleged Killer New Revelation: बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हादी के कथित हत्यारे फैसल करीम ने नया वीडियो जारी किया है. उसने खुलासा करते हुए बताया है कि हादी से उसका वित्तीय लेने-देन हुआ था, जिसे उसने अंतरिम सरकार में पैरवी करने के लिए दिए थे.

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Osman Hadi Alleged Killer New Revelation: बांग्लादेश में कट्टर भारत-विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या को लेकर जांच चल रही है. इसी बीच इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे फैसल करीम मसूद ने एक बार फिर खुद को निर्दोष बताया है. मसूद ने 24 घंटे के भीतर दूसरा सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि उसका हत्या से कोई संबंध नहीं है और वह फिलहाल दुबई में मौजूद है. वीडियो में फैसल करीम मसूद ने ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि हत्या के बाद वह हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत भाग गया था. मसूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उसने कभी भारत की सीमा पार नहीं की और पुलिस का यह आरोप निराधार और भ्रामक है. इसके साथ ही करीम ने खुलासा किया कि अंतरिम सरकार में अधिकारियों से पैरवी कराने के लिए उन्होंने उस्मान हादी को पांच लाख टका दिए थे

यह वीडियो बांग्लादेशी पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी द्वारा सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया गया है. वीडियो में फैसल करीम मसूद ने साफ तौर पर कहा कि हत्या की घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं रही है. उन्होंने कहा, “न तो पहले और न ही बाद में, किसी भी स्तर पर मैं इस मामले से जुड़ा नहीं रहा हूं. यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं.” मसूद ने यह भी बताया कि वह “विच हंट” (झूठे आरोपों और कथित प्रताड़ना) से बचने के लिए दुबई आए हैं.

फैसल करीम मसूद ने यह स्वीकार किया कि उनके और शरीफ उस्मान हादी के बीच पैसों का लेन-देन हुआ था, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह कारोबारी प्रकृति का था. खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उद्यमी बताते हुए मसूद ने कहा कि जुलाई में हुए छात्र आंदोलन के बाद उनके आईटी व्यवसाय को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इसी आंदोलन के चलते अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी.

फैसल करीम मसूद के अनुसार, उसकी जान-पहचान शरीफ उस्मान हादी से सरकारी और आईटी क्षेत्र से जुड़े काम हासिल करने के सिलसिले में हुई थी. उसने दावा किया कि अंतरिम सरकार के दौर में मुहम्मद यूनुस से जुड़े सरकारी हलकों में पैरवी कराने के लिए उसने हादी को पांच लाख टका दिए थे. मसूद ने जोर देकर कहा कि यह रकम केवल लॉबिंग के उद्देश्य से दी गई थी और इसका किसी अवैध गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था.

वीडियो में मसूद ने कहा कि उसने हादी से नौकरी और आईटी कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में मदद के लिए संपर्क किया था. उसके मुताबिक, हादी ने भरोसा दिलाया था कि काम हो जाएगा और इसके बदले पांच लाख टका की मांग की गई, जिसे उसने अदा कर दिया. मसूद ने दोहराया कि यह राशि केवल लॉबिंग के लिए दी गई थी. उनका यह भी कहना है कि बाद में उनके संबंध राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े आयोजनों तक सीमित हो गए. मसूद के अनुसार, हादी ने उनसे अंतरिम सरकार से जुड़े कार्यक्रमों के लिए स्वयंसेवकों की व्यवस्था में मदद मांगी थी और दोनों के बीच बातचीत सिर्फ व्यवस्थाओं और खर्चों को लेकर हुई थी. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बीच किसी तरह का टकराव या मतभेद कभी नहीं रहा.

हादी के साथ पेशेवर संबंध, कोई दुश्मनी नहीं- करीम

यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब इससे पहले जारी अपने पहले संदेश में फैसल करीम मसूद ने दावा किया था कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या जमात-ए-शिबिर से जुड़े लोगों ने की है और उसने सीधे तौर पर जमातियों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया था. मसूद ने कहा था कि उसने हादी की हत्या नहीं की है और उसे व उसके परिवार को साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया जा रहा है. उन्होंने दोहराया कि उस्मान हादी के साथ उनके संबंध पेशेवर थे और राजनीतिक चंदे के रूप में पैसे दिए गए थे, बदले में कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का वादा किया गया था.

हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में बढ़ा बवाल

शरीफ उस्मान हादी जुलाई 2024 में हुए बांग्लादेश के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे. वह छात्र संगठन ‘इंकलाब मंच’ के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता थे. इसके अलावा, उन्होंने 12 फरवरी को प्रस्तावित आम चुनावों के लिए ढाका-8 के बिजयनगर इलाके से उम्मीदवार के रूप में अपनी राजनीतिक मुहिम भी शुरू कर दी थी. हादी पर ढाका में चुनाव प्रचार के लिए निकलते समय 12 दिसंबर को अज्ञात नकाबपोश हमलावरों ने गोलीबारी की थी.

गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसा और तनाव फैल गया था. जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए, भारतीय उच्चायोग की इमारत को निशाना बनाया गया और देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों प्रथम आलो और द डेली स्टार के कार्यालयों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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