नॉर्थ कोरिया का 7वां मिसाइल टेस्ट: क्या ईरान की जंग का फायदा उठा रहे किम जोंग? समुद्र में दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें

तस्वीर में किम जोंग-उन.
North Korea: नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर समुद्र में मिसाइलें दागकर दुनिया को चौंका दिया है. किम जोंग-उन की इस जिद से जापान और अमेरिका के बीच बेचैनी बढ़ गई है.
North Korea: नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत दिखाते हुए रविवार सुबह करीब 6:10 बजे अपने पूर्वी तट (Sinpo) से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. साउथ कोरिया और जापान की सेना ने इस खबर की पुष्टि की है. साल 2026 में नॉर्थ कोरिया का यह सातवां मिसाइल टेस्ट है, जबकि अकेले अप्रैल के महीने में ही वह चार बार ऐसे धमाके कर चुका है. बैलिस्टिक मिसाइल वह रॉकेट है जो लॉन्च होने के बाद हवा में एक ऊंचे अर्ध-गोलाकार (आर्क) रास्ते पर चलते हुए सीधा अपने टारगेट पर जाकर गिरता है.
चीन और अमेरिका की मीटिंग से ठीक पहले एक्शन
यह मिसाइल टेस्ट ऐसे समय में हुआ है जब मई के बीच में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होने वाली है. इस समिट में नॉर्थ कोरिया का मुद्दा भी शामिल है. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के चीफ राफेल ग्रोसी ने पिछले बुधवार को चेतावनी दी थी कि नॉर्थ कोरिया ने अपनी परमाणु क्षमता बहुत तेजी से बढ़ाई है और वहां एक नया यूरेनियम संवर्धन प्लांट भी शुरू हो सकता है.
The Democratic People’s Republic of Korea launched multiple ballistic missiles on April 19, 2026. We are aware of the missile launches and are consulting closely with our allies and partners. Based on current assessments, this event does not pose an immediate threat to U.S.… pic.twitter.com/1M8PPtXVWG
— U.S. Indo-Pacific Command (@INDOPACOM) April 19, 2026
यूएन के नियमों का उल्लंघन
साउथ कोरिया और जापान के मुताबिक, ये टेस्ट यूनाइटेड नेशंस (UN) के सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन हैं. हालांकि, नॉर्थ कोरिया इन पाबंदियों को नहीं मानता और इसे अपनी सुरक्षा का अधिकार कहता है. मामले की गंभीरता देखते हुए साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ऑफिस ने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. दूसरी ओर, अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने बयान जारी कर कहा है कि वे अपने सहयोगियों के साथ नजर रखे हुए हैं, फिलहाल अमेरिका या उसके साथियों को कोई तुरंत खतरा नहीं है.
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मिसाइल दागने की क्या है असली वजह?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्थ कोरिया इस समय का फायदा उठा रहा है. क्यूंगनम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लिम उल-चुल के अनुसार, जब अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान और मिडिल-ईस्ट पर है, तब किम जोंग-उन इसे अपनी परमाणु ताकत को अपग्रेड करने का सबसे सही समय मान रहे हैं. पिछले हफ्ते ही किम जोंग-उन ने एक डिस्ट्रॉयर से मिसाइल टेस्ट का जायजा लिया था और कसम खाई थी कि वह अपनी न्यूक्लियर स्ट्राइक पावर को बिना किसी सीमा के बढ़ाएंगे.
जापान और साउथ कोरिया हाई अलर्ट पर
जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि मिसाइलें नॉर्थ कोरिया के पूर्वी तट के पास समुद्र में गिरी हैं और जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में कोई घुसपैठ नहीं हुई है. साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने जानकारी दी है कि उन्होंने सर्विलांस बढ़ा दिया है और वे अमेरिका के साथ हर अपडेट शेयर कर रहे हैं. नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग-उन पहले ही कह चुके हैं कि उनका परमाणु देश बनने का फैसला अब बदला नहीं जा सकता.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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