क्या ट्रंप ने टेके घुटने? गालिबाफ का दावा- फेल हुई अमेरिकी स्ट्रैटेजी, कहा- हम वेनेजुएला नहीं

Published by :Govind Jee
Published at :19 Apr 2026 8:01 AM (IST)
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Mohammad Bagher Ghalibaf Claims us strategy failed iran is not venezuela

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ.

Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरानी संसद के अध्यक्ष गालीबाफ ने अमेरिका की सैन्य रणनीति पर सवाल उठाते हुए उसे नाकाम बताया है. 'प्रेस टीवी' और 'अल जजीरा' के हवाले से उन्होंने दावा किया कि ट्रंप सरकार ईरान की मिसाइल शक्ति को खत्म करने में असफल रही. साथ ही, उन्होंने सीजफायर और इजरायल-अमेरिका संबंधों पर भी बड़ा बयान दिया है.

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Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने शनिवार रात एक टीवी इंटरव्यू के दौरान अमेरिका की घेराबंदी और उसकी नीतियों की आलोचना की. ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, गालीबाफ ने दावा किया कि दुश्मन ईरान की एयरफोर्स और मिसाइल ताकत को कमजोर करना चाहता था, लेकिन उसके सारे प्लान फेल हो गए. उन्होंने कहा कि अमेरिका न तो ईरान की नेवी को खत्म कर पाया और न ही जमीन पर हमला करने या ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलने का अपना मकसद पूरा कर सका.

युद्ध के मैदान में ईरान की जीत: अल जजीरा

‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गालीबाफ ने कहा कि अमेरिका के साथ कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन कई बड़े मामलों में अभी भी गहरे मतभेद हैं. उन्होंने खुलासा किया कि जब अमेरिका धमकियों और डेडलाइन से कुछ हासिल नहीं कर पाया, तो उसने बिचौलियों के जरिए मैसेज भेजना शुरू कर दिया. गालीबाफ के अनुसार, ईरान एक अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) के लिए इसलिए तैयार हुआ ताकि अमेरिका उनकी मांगें पूरी कर सके. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे इसलिए स्वीकार किया क्योंकि युद्ध के मैदान में ईरान का पलड़ा भारी था.

ईरान वेनेजुएला नहीं है: गालीबाफ

‘अल जजीरा’ ने बताया कि गालीबाफ ने साफ लफ्जों में कहा कि ट्रंप ईरान की सरकार बदलने और उसकी मिसाइल क्षमता को खत्म करने में नाकाम रहे. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ‘ईरान वेनेजुएला नहीं है’. स्पीकर ने माना कि अमेरिका के पास पैसा और मॉडर्न हथियार ईरान से ज्यादा हैं, साथ ही दुनिया भर में हमले करने की वजह से उनके पास अनुभव भी अधिक है, लेकिन सिर्फ पैसा और ताकत जीत की गारंटी नहीं होते.

कमजोर होकर भी भारी पड़ा ईरान: प्रेस टीवी

‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, गालीबाफ ने बताया कि ईरान ने ‘एसिमेट्रिक वॉरफेयर’ (छापामार युद्ध रणनीति) का इस्तेमाल किया. दुश्मन के पास ज्यादा संसाधन थे, लेकिन उनकी प्लानिंग गलत थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के लोगों को समझने और अपनी मिलिट्री डिजाइन तैयार करने में बड़ी रणनीतिक गलती की. गालीबाफ ने ट्रंप प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ‘अमेरिका फर्स्ट’ की बात तो करते हैं, लेकिन असल में वे ‘इजरायल फर्स्ट’ की नीति पर चलते हैं और इजरायल की गलत जानकारियों के आधार पर फैसले लेते हैं.

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डिप्लोमेसी में कोई समझौता नहीं

‘प्रेस टीवी’ के मुताबिक, गालीबाफ ने साफ किया कि ईरान की प्राथमिकता देश के अधिकारों को सुरक्षित करना है और डिप्लोमेसी (कूटनीति) के टेबल पर ईरान कभी नहीं झुकेगा. उन्होंने कहा कि जब दुश्मन ने देख लिया कि ईरान की सेना मजबूती से खड़ी है, तब वह बातचीत के रास्ते पर आया. गालीबाफ ने भरोसा दिलाया कि आज ईरान की स्थिति सीजफायर लागू होने से पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और स्थिर है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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