North Korea : किम की मौत, जूझ रहे थे फेफड़ों के कैंसर से

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Sep 2025 9:26 AM

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दक्षिण कोरिया में अंतिम संस्कार (File Photo)

North Korea : दक्षिण कोरिया से उत्तर कोरिया के लोगों को खबरों का प्रसारण करने वाले किम सिओंग मिन की मौत हो गई. वे सालों पहले उत्तर कोरिया से भाग कर दक्षिण कोरिया चले गए थे. इसके बाद वहीं रहते थे.

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North Korea : उत्तर कोरिया की जनता को रेडियो प्रसारणों के अलावा अन्य माध्यमों से सरकार की सच्चाई से अवगत कराने वाले किम सिओंग-मिन की 63 वर्ष की आयु में मौत हो गई. मिन सालों पहले उत्तर कोरिया से भाग कर दक्षिण कोरिया चले गए थे और वहीं से उत्तर कोरिया के लोगों के लिए खबरों का प्रसारण करते थे. उत्तर कोरिया की सेना के कैप्टन रह चुके किम 1999 में दक्षिण कोरिया चले गए थे. उन्होंने 2005 में उत्तर कोरिया के लिए ‘शॉर्टवेव’ रेडियो प्रसारण शुरू किया था.

‘फ्री नॉर्थ कोरिया रेडियो’ के संस्थापक थे किम

यह दक्षिण कोरिया का पहला ऐसा नागरिक रेडियो स्टेशन था जिसका जिम्मा उत्तर कोरिया से आये किसी व्यक्ति के हाथ में था. सियोल स्थित ‘फ्री नॉर्थ कोरिया रेडियो’ के संस्थापक किम को शुक्रवार को सियोल के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. उनके पूर्व सहयोगियों ने बताया कि वह कई वर्षों से फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे और अब कैंसर उनके लिवर तक फैल गया था. उन्होंने बताया कि किम का अंतिम संस्कार किया जा चुका है.

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उत्तर कोरिया से भाग कर दक्षिण कोरिया आये चोई ने क्या कहा?

किम के साथ सात साल तक काम करने वाले तथा उत्तर कोरिया से भाग कर दक्षिण कोरिया आये चोई जंग-हून ने कहा, ‘‘हम उत्तर कोरिया से भाग के आए लोगों ने अपने एक नेता को खो दिया है. हमें यकीन नहीं है कि हमें फिर कभी ऐसा नेता मिलेगा. वह सचमुच हमारे लिए आशा के किरण थे.’’ किम की खबरों में उत्तर कोरिया से भागे लोगों की दक्षिण कोरिया में सफलता की कहानियां, उत्तर कोरिया के शासक किम परिवार की कथित भव्य जीवनशैली और दक्षिण कोरिया, अमेरिका व अन्य स्थानों की राजनीतिक खबरें शामिल रही हैं.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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